Thursday, August 14, 2008

स्वतंत्रता दिवस की शुभ कामनायें - वतन भाई हूं




मैं भी इसी देश का निवासी हूं
मेरे भविष्य के बारे में कौन सोचेगा?
मेरे पास धन नहीं
स्कूल में नाम लिखवाने के पैसे नहीं
पढना चाहता हूं ।
भूख लगी है रोटी नहीं।
मां के आंसू से पेट नहीं भरता।

मैं आपका वतन भाई हूं, पुत्र हूं
देश में जितनी भाषाएं हैं
जितनी जातियां हैं जितने धर्म हैं
उतने हीं मेरे नाम हैं।

झगडे कहां नहीं होते
विश्व-देश-राज्य-जिला-कस्बा-परिवार
हर जगह झगडें हैं।
लड़ना चाहो तो हजार बहाने
मिलकर रहना चाहो तो हर राह हमारी है।

मेरे लिये रास्ता कब बनेगा
मैं, मैं नहीं, हम के लिये
आपसे आगाज़ कर रहा हूं।

मेरा तो अपना कुछ भी नहीं था
सब कुछ इसी धरती पर मिला
लेकिन राह नहीं मिला
राह तो आप ही बनाओगे।

राह के बनते ही
देश का विकास तय है
कस लो कमर
और लगे रहो
देश को श्रेष्ठतर बनाने में ।
जरूरत है योजनाबद्ध शिक्षा, विकास
और सही दिशा में सोच की।


यदि कुछ कर गुजरने की तमन्ना है
तो जागो, उठो, संकोच छोड़ो
और उज्ज्वल भविष्य की परिकल्पनाओं के लिए
ईमानदार कोशिश करो।
बस जरूरत है उस ईमान की
जो देश को कर सके रोशन।

जय हिंद
स्वतंत्रता दिवस की शुभ कामनायें।
राजेश कुमार ।

7 comments:

संगीता पुरी said...

आपको भी बहुत बहुत शुभकामनाएं।

Udan Tashtari said...

स्वतंत्रता दिवस की आपको भी बहुत बधाई एवं शुभकामनाऐं.

राज भाटिय़ा said...

स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाऐं ओर बहुत बधाई आप सब को

Lavanyam - Antarman said...

वँदे मातरम्`
अच्छे विचार रखने के लिये आभार !
- लावण्या

दिनेशराय द्विवेदी said...

आजाद है भारत,
आजादी के पर्व की शुभकामनाएँ।
पर आजाद नहीं
जन भारत के,
फिर से छेड़ें संग्राम
जन की आजादी लाएँ।

mamta said...

स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं।

राजेश कुमार said...

संगीता जी, उदान जी, राज जी, लावण्या जी,दिनेश जी और ममता जी आप सभी लोगों का शुक्रिया। शुभाकामनाओं के लिये।