Thursday, October 29, 2009

झारखंड विधान सभा चुनाव से जुड़ी खबरें


झारखंड में पहले चरण का मतदान अब 25 नवंबर को होगा।
झारखंड के पहले चरण का मतादान अब 27 नवंबर की जगह 25 नवंबर को होगा। निर्वाचन आयोग ने यह फैसला विभिन्न राजनीतिक दलों के अनुरोध के बाद लिया है। राजनीतिक दलों ने अनुरोध किया था कि 28 नवंबर को ईद उल अजहा का त्योहार है यानी बकरीद का त्योहार है। इससे पहले 27 नवंबर को जुमा पर विशेष नमाज होगी। इस कारण बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग मतदान करने से वंचित हो सकते हैं। इसके बाद चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार से विचार विमर्श करने के बाद तीथि में परिवर्तन किया।

25 नवंबर को 30 सीटों के लिए पड़ेंगे वोट। ये सीटे हैं – धनबाद, सिंद्री, झरिया, निरसा, टुंडी, बाघमारा, जमशेदपुर पूर्वी, जमशेदपुर पश्चिमी, राजमहल, बोरियो(एसटी), बरहेट (एसटी), लिट्टीपाड़ा(एसटी), पाकुड़, महेशपुर (एसटी), शिकारीपाड़ा (एसटी), दुमका(एसटी), जामा(एसटी), जरमुंडी, पोड़ैयाहाट, नाला, जामताड़ा, मधुपुर, सारठ, देवघर(एससी), गोड्डा, महगामा, रांची, हटिया, कांके(एससी), जुगसलाई (एससी)।
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चुनाव के लिये फॉर्म की बिक्री 30 अक्टूबर से
झारखंड विधान सभा चुनाव में नामांकन के लिये फॉर्म की बिक्री 30 अक्टूबर से शुरू हो जायेगी। चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित शुल्क सामान्य उम्मीदवारों के लिये पांच हजार रूपये और एससी-एसटी उम्मीदवारों के लिये 2500 रूपया है। सुविधा के लिये जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा ठोस उपाय किये जा रहे हैं।
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81 विधान सभा सीटों के लिये 23 हजार कांग्रेसी उम्मीवारों ने चुनाव लडने के लिये आवेदन किया।
कांग्रेस महासचिव कांग्रेस राहुल गांधी का करिश्मा हीं है कि झारखंड के सारे कांग्रेसी को लगता है कि यदि वे भी चुनाव मे खड़े होंगे तो चुनाव जीत जायेगें। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि 81 विधान सभा सीटों के लिये कांग्रेस की ओर चुनाव लडने के लिये 23 हजार से अधिक आवेदन आये हैं। इन सभी को चुनाव लडने के लिये टिकट चाहिये।
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भाजपा सामूहिक नेतृत्व के बल पर चुनाव लडेगी।
झारखंड में बीजेपी दो गुटों में बंटी हुई है एक खेमे का अगुवा यशवंत सिन्हा है तो दूसरे का रघुवर दास। दोनो हीं भाजपा दिग्गज हैं। रघुवर दास झारखंड भाजपा अध्यक्ष हैं तो यशवंत सिन्हा भाजपा के वरिष्ठ नेता। वे केद्रीय वित्त मंत्री रह चुके है। लेकिन कुल मिलाकर देखें तो यशवंत सिन्हां देश के जाने माने हस्ती और चेहरे हैं लेकिन भाजपा के अंदर उनकी स्थिति उतनी अच्छी नहीं है जितनी पहले थी। लेकिन झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद अर्जुन मुंडा ने कहा कि विधान सभा चुनाव किसी एक चेहरे को सामने रख नहीं लड़ा जायेगा बल्कि सामूहिक नेतृत्व हीं चुनाव लडेगा।
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भाजपा डरी हुई है जनता दल यूनाईटेड से।
भाजपा और जेडीयू के बीच अभी तक तालमेल को लेकर कोई ठोस बातचीत नहीं हो पाई है। वहीं दूसरी ओर जेडीयू झारखंड में अपनी ताकत लगातार बढाती जा रही है। यदि दोनो पार्टियों के बीच तालमेल होता है तो इस बार जेडीयू को अधिक सीटें देने पडेगी जिसके लिये भाजपा अभी तक मानसिक रूप से तैया नहीं है। झारखंडे के दो दिग्गज नेता जेडीयू में शामिल हो चुके हैं शैलेंद्र महतो और राजा पीटर। शैलेद्र महतो का चुनाव लडना तय है और राजा पीटर का भी। राजा पीटर झारखंड के धाकड नेता शिबू सोरेन को एक उपचुनाव में हरा कर चर्चित हुए थे। ऐसे और भी नेता है जेडीयू में शामिल हुए है औ चुनाव लडेगें। ऐसे में बीजेपी क्या करेगी। क्योंकि जेडीयू उन सीटों से चुनाव लडने की तैयारी कर रहा है जहां पहले बीजेपी उम्मीदवार था।

1 comment:

Udan Tashtari said...

आभार खबरों का.