दिल्ली धमाके की गुंज के बीच एक छोटा बच्चा(आठ साल) मिला है जिसने आंतकवादियों को बम रखते हुए देखा है। इस बीच खबर आ रही थी कि जो बच्चा मिला है उसके शरीर पर बम बंधा हुआ है। यह खबर गलत निकली। कोई मानव बम नहीं है।
इस बच्चे ने बताया कि आंतकवादी काले रंग का कुर्ता पाजामा पहने हुए था। चेहरे पर हल्का हल्का दाढी था। इस बच्चे को पुलिस अपने साथ ले गई है। पुलिस उससे घटनाओं के बारे में और जानना चाहेगी ताकि आंतकवादियों के हुलिये के बारे मे और जानकारी मिल सके।
दिल्ली में चार जगहों पर सिलसिलेवार बम धमाके हुए। 10 लोगो की मरने की खबर हैं और 80 से अधिक लोग घायल हैं। इस बम धमाके के पीछे इंडियन मुजाहिदीन का नाम आ रहा है। जिन जगहों पर विस्फोट हुए वे जगह हैं – कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क, कनॉट प्लेस के पास ही मोहन दास बिल्डिंग, ग्रेटर कैलाश और करोल बाग। ये सारे बम कुड़ेदान में रखे गये थे।
जिन-जिन जगहों पर विस्फोट हुए वे सभी राजधानी के भीड़भाड़ वाले इलाके हैं। इनमें कनॉट प्लेस राजधानी दिल्ली का हर्ट है। मोहनदास बिल्डिंग भी दिल्ली के हर्ट में हीं है। करोल बाग देश में महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है। ग्रेटर कैलाश पॉश इलाका है। यहां देश करोड़पति लोग रहते हैं।
गुजरात के बाद दिल्ली में विस्फोट ने सुरक्ष सिस्टम को नये सिरे विचार करने को मजबूर कर दिया है। इन आंतकवादी संगठन के लोग को पकडने के लिये पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है। ऐहतियात के सारे कदम उठाये जा रहे हैं।
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Saturday, September 13, 2008
दिल्ली धामके में 10 की मौत, बच्चे के शरीर से लिपटा बम मिला, बच्चे ने बताया आंतकवादी काले कपड़े पहने थे
दिल्ली विस्फोट में धमाके की गुंज के बीच एक छोटा बच्चा(आठ साल) मिला है जिसके शरीर पर बम बंधा हुआ था। इस बच्चे के शरीर से बम को अलग कर दिया गया है। और बच्चे को पुलिस अपने साथ ले गई है। यह बच्चा कौन है इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। कयास लगाये जा रहे है कि आंतकवादी ने इसे मानव बम के रूप में इस्तेमाल करना चाह रहा था या इस बच्चे से कहीं बम रखवाने की कोशिश कर रहा था। इस बच्चे ने आंतकवादी को देखा है।
दिल्ली में चार जगहों पर सिलसिलेवार बम धमाके हुए। 10 लोगो की मरने की खबरे हैं और 80 से अधिक लोग घायल हैं। इस बम धमाके के पीछे इंडियन मुजाहिदीन का नाम आ रहा है। जिन जगहों पर विस्फोट हुए वे जगह हैं – कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क, कनॉट प्लेस के पास ही मोहन दास बिल्डिंग, ग्रेटर कैलाश और करोल बाग। ये सारे बम कुड़ेदान में रखे गये थे।
जिन-जिन जगहों पर विस्फोट हुए वे सभी राजधानी के भीड़भाड़ वाले इलाके हैं। इनमें कनॉट प्लेस राजधानी दिल्ली का हर्ट है। मोहनदास बिल्डिंग भी दिल्ली के हर्ट में हीं है। करोल बाग देश में महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है। ग्रेटर कैलाश पॉश इलाका है। यहां देश करोड़पति लोग रहते हैं।
गुजरात के बाद दिल्ली में विस्फोट ने सुरक्ष सिस्टम को नये सिरे विचार करने को मजबूर कर दिया है। इन आंतकवादी संगठन के लोग को पकडने के लिये पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है। ऐहतियात के सारे कदम उठाये जा रहे हैं।
दिल्ली में चार जगहों पर सिलसिलेवार बम धमाके हुए। 10 लोगो की मरने की खबरे हैं और 80 से अधिक लोग घायल हैं। इस बम धमाके के पीछे इंडियन मुजाहिदीन का नाम आ रहा है। जिन जगहों पर विस्फोट हुए वे जगह हैं – कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क, कनॉट प्लेस के पास ही मोहन दास बिल्डिंग, ग्रेटर कैलाश और करोल बाग। ये सारे बम कुड़ेदान में रखे गये थे।
जिन-जिन जगहों पर विस्फोट हुए वे सभी राजधानी के भीड़भाड़ वाले इलाके हैं। इनमें कनॉट प्लेस राजधानी दिल्ली का हर्ट है। मोहनदास बिल्डिंग भी दिल्ली के हर्ट में हीं है। करोल बाग देश में महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है। ग्रेटर कैलाश पॉश इलाका है। यहां देश करोड़पति लोग रहते हैं।
गुजरात के बाद दिल्ली में विस्फोट ने सुरक्ष सिस्टम को नये सिरे विचार करने को मजबूर कर दिया है। इन आंतकवादी संगठन के लोग को पकडने के लिये पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है। ऐहतियात के सारे कदम उठाये जा रहे हैं।
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