<?xml version='1.0' encoding='UTF-8'?><?xml-stylesheet href="http://www.blogger.com/styles/atom.css" type="text/css"?><feed xmlns='http://www.w3.org/2005/Atom' xmlns:openSearch='http://a9.com/-/spec/opensearchrss/1.0/' xmlns:georss='http://www.georss.org/georss' xmlns:gd='http://schemas.google.com/g/2005' xmlns:thr='http://purl.org/syndication/thread/1.0'><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072</id><updated>2012-01-15T17:51:10.419+05:30</updated><category term='मनोरंजन'/><category term='देश विदेश'/><category term='समस्याएं'/><category term='राजनीति'/><category term='न्यायलय'/><category term='व्यापार एंव उद्योग जगत'/><category term='Jharkhand Assembly Election 2009'/><category term='झारखंड राज्य'/><category term='प्रशासन'/><category term='खेल'/><category term='अपराध'/><category term='भ्रष्टाचार'/><category term='आंतकवादी घटनायें'/><category term='आजादी'/><category term='शिक्षा'/><category term='व्यापार एंव उद्योग'/><category term='विकास'/><category term='बंद'/><category term='लेखक - राजकिशोर महतो'/><category term='समाज'/><category term='आंतकवादी हमले'/><category term='शहीद ए आज़म'/><category term='आंतकवाद'/><category term='तस्वीर में'/><category term='मीडिया'/><title type='text'>झारखंड राज्य</title><subtitle type='html'></subtitle><link rel='http://schemas.google.com/g/2005#feed' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/posts/default'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default?max-results=100'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/'/><link rel='hub' href='http://pubsubhubbub.appspot.com/'/><link rel='next' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default?start-index=101&amp;max-results=100'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><generator version='7.00' uri='http://www.blogger.com'>Blogger</generator><openSearch:totalResults>190</openSearch:totalResults><openSearch:startIndex>1</openSearch:startIndex><openSearch:itemsPerPage>100</openSearch:itemsPerPage><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-6578804566757014251</id><published>2012-01-01T19:44:00.004+05:30</published><updated>2012-01-01T20:00:02.622+05:30</updated><title type='text'>भारत रत्न के हकदार है ड़ॉ होमी जहांगीर भाभा</title><content type='html'>&lt;div&gt;राजेश कुमार। &lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;नये साल की सभी को शुभ कामनायें। इस मौके पर आप सभी से आग्रह है कि अगला भारत रत्न डॉक्टर होमी जहांगीर भाभा को मिले और इसके लिये इस बात को आगे बढायें। &lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;डॉ होमी जहांगीर भाभा&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/-QG4soN8y_9A/TwBtVSQO81I/AAAAAAAABT4/SvJSZtJG3b8/s1600/bhabha.jpg"&gt;&lt;img style="margin: 0px 10px 10px 0px; width: 176px; height: 244px; float: left; cursor: pointer;" id="BLOGGER_PHOTO_ID_5692670141440914258" border="0" alt="" src="http://2.bp.blogspot.com/-QG4soN8y_9A/TwBtVSQO81I/AAAAAAAABT4/SvJSZtJG3b8/s320/bhabha.jpg" /&gt;&lt;/a&gt; एक ऐसा नाम जो हर भारतीय के नाम को दुनिया में गौरवान्वित करता है। दुनिया के महान वैज्ञानिकों में इनका नाम शुमार है।  जब परमाणु बम के दम पर दुनिया में नरंसहार हो रहा था  और एक-दूसरे देशों को धमकियां दी जा रही थी।उस समय डॉ भाभा ने नाभिकीय उर्जा की बात की थी। यानी परमाणु से बिजली पैदा की जा&lt;br /&gt;सकती है। यानी दुनिया को ध्वस्त करने की वजाय उन्हें बिजली संकट से ऊबारने की बात&lt;br /&gt;की। विश्व निर्माण की बात की।  उनके इस नाभिकीय बिजली की कल्पना को मानने के लिये कोई तैयार नहीं था। लेकिन डॉ भाभा ने इस दिशा में काम करने की योजना बनाई और साथ ही भारत को परमाणु शक्ति देश बनाने की ओर काम करना शुरू कर दिया। &lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;डॉ भाभा का जन्म 30 अक्टूबर 1909 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने मुंबई के  एलफिंस्टन&lt;br /&gt;कालेज रायल इंस्टीट्यूट आफ साइंस से  बीएससी पास किया और उच्च शिक्षा के लिए कैम्ब्रिज&lt;br /&gt;विश्वविद्यालय में रहकर 1930 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। 1934 में उन्होंने&lt;br /&gt;कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।   जर्मनी में उनके कास्मिक किरणों पर&lt;br /&gt;प्रयोग  और इस पर उनके गहन अध्ययन की। दुनिया भर में चर्चा हुई। उन्होंने भारत वापस आने पर अपने इस अनुसंधान यानी रिसर्च को आगे बढाने का काम जारी रखा। और 1944 में बहुत कम वैज्ञानिकों की मदद से नाभिकीय&lt;br /&gt;ऊर्जा पर रिसर्च का शुरू किया। &lt;/div&gt;&lt;div&gt; &lt;/div&gt;&lt;div&gt;विज्ञान के इस क्षेत्र उन्होंने तब काम करना शुरू किया जब दुनिया में इस बारे में बहुत कम को जानकारी थी। अविछिन्न श्रृखंला अभिक्रिया की जानकारी नहीं के बराबर थी। उन्होंने परमाणु ऊर्जा से बिजली पैदा करने&lt;br /&gt;की बात की तो उन दिनों दुनिया को विश्वास नहीं हुआ।  भारत को परमाणु के क्षेत्र में शक्तिशाली बनाने के लिये सबसे पहले उन्होंने 1945 में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (टीआईएफआर) की स्थापना की।&lt;/div&gt;&lt;div&gt; &lt;/div&gt;&lt;div&gt; आजादी के बाद 1948 में भारत सरकार ने  उन्हें परमाणु ऊर्जा आयोग का प्रथम अध्यक्ष&lt;br /&gt;नियुक्त किया। उनकी ख्याति दुनिया भर में हो रही थी। उस दौर में खासकर परमाणु के&lt;br /&gt;क्षेत्र में इतने कुशल वैज्ञानिक बहुत ही कम थे। उनकी क्षमता का अंदाजा इसी से&lt;br /&gt;लगाया जा सकता है कि 1953 में जेनेवा में आयोजित विश्व परमाणुविक वैज्ञानिकों के&lt;br /&gt;महासम्मेलन में उन्होंन सभापतित्व भी किया था।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बहरहाल, 24 जनवरी 1966 का दिन भारत के  इतिहास में एक दुखद दिन के रूप में सामने आया। फ्रांस के मोंट ब्लांक में एक विमान दुर्घटना में उनकी मौत हो गई। इसी दुर्घटना के साथ भारत सालो साल परमाणु कार्यक्रम&lt;br /&gt;के मामले में दुनिया से पिछड़ गया लेकिन उनके द्वारा परमाणु कार्यक्रम की जो  बुनियाद रखी गयी, उसी आधार पर देश के अन्य वैज्ञानिक तेजी से भारत को परमाणु संपन्न बनाने में जुटे हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt; &lt;/div&gt;&lt;div&gt; आज भारत परमाणु संपन्न देश  है। डॉ भाभा की मौत को लेकर कहा जाता है कि वे विदेशी ताकतों के साजिश के शिकार हो गये । विदेशी ताकतों को लगता था कि डॉ भाभा के रहते भारत बहुत जल्द ही परमाणु ताकत बन जायेगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt; &lt;/div&gt;&lt;div&gt;डॉ भाभा के योगदान को भूलाया नहीं जा सकता है। डॉ भाभा के योगदान के कारण ही भारत आज परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी आगे तेजी से बढ रहा है।  &lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-6578804566757014251?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/6578804566757014251/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=6578804566757014251' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/6578804566757014251'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/6578804566757014251'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2012/01/blog-post.html' title='भारत रत्न के हकदार है ड़ॉ होमी जहांगीर भाभा'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://2.bp.blogspot.com/-QG4soN8y_9A/TwBtVSQO81I/AAAAAAAABT4/SvJSZtJG3b8/s72-c/bhabha.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-9060208573903356280</id><published>2011-08-18T17:43:00.012+05:30</published><updated>2011-08-21T21:31:57.664+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='राजनीति'/><title type='text'>अन्ना का आंदोलन सही लेकिन प्रधानमंत्री को लोकपाल से बाहर रखें।</title><content type='html'>कई ताकते &lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/-FhiyXYMSiAQ/Tk0FzgzoIsI/AAAAAAAABTo/kWwqJIFRwdQ/s1600/manmohan%2Bs.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5642172290703041218" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 136px; CURSOR: hand; HEIGHT: 127px" alt="" src="http://2.bp.blogspot.com/-FhiyXYMSiAQ/Tk0FzgzoIsI/AAAAAAAABTo/kWwqJIFRwdQ/s320/manmohan%2Bs.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;ऐसी होती है जो पर्दे के पीछे से खेल करती रही है। यदि कोई मूवमेंट चल रहा हो तो उसे अपने अनुसार दिशा देने की कोशिश होती है। आज समाजसेवी अन्ना हजारे के समर्थन मे देश के हर कोने में आंदोलन हो रहा है। अन्ना जी की टीम की मांग है कि प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश और औसत दर्जे के अधिकारियों को लोकपाल के अंर्तगत लाया जाये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;औसत अधिकारियों को लोकपाल के अंतर्गत लाने की बात बिल्कु&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/-jVJRV0EP1Is/Tk0GLhBKJoI/AAAAAAAABTw/mV-bTUEer38/s1600/anna%2B1.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5642172703076656770" style="FLOAT: right; MARGIN: 0px 0px 10px 10px; WIDTH: 89px; CURSOR: hand; HEIGHT: 120px" alt="" src="http://4.bp.blogspot.com/-jVJRV0EP1Is/Tk0GLhBKJoI/AAAAAAAABTw/mV-bTUEer38/s320/anna%2B1.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;ल सही है। इन्हीं अधिकारियों से आम लोगों का वास्ता पड़ता है। लेकिन प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश को लोकपाल के अंतर्गत लाना उचित नहीं होगा।&lt;/strong&gt; इस मुद्दे पर समाजसेवी अन्ना जी की टीम का कहना है कि यदि प्रधानमंत्री के पास चार-पांच मंत्रालय है और उसमें भ्रष्टाचार हो तो कैसे निपटा जा सकेगा। उनका यह सवाल खड़ा करना वाजिब है लेकिन इस सिक्के का दूसरा पहलू काफी गंभीर है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;यदि प्रधानमंत्री को भी लोकपाल के दायरे में लाते हैं तो हमेशा इस बात की संभावना बनी रहेगी कि प्रधानमंत्री को निशाने पर लिया जाये। भारत में आरोप लगने पर हीं इस्तीफा हो जाता है। चाहे वह सही हो या नहीं। नैतिकता की बात होती है। यदि हर आरोप पर प्रधानमंत्री का भी इस्तीफा होने लगे तो पूरा सिस्टम हिल जायेगा। कितने प्रधानमंत्री बनायेंगे। जिसे भी बनायेंगे कुछ हीं दिनों में उनके खिलाफ भी नया मामला खड़ा कर दिया जायेगा।&lt;/strong&gt; यह बात सिर्फ एक पार्टी की नहीं है। कोई भी पार्टी सरकार बनाये उन्हें इन्हीं समस्याओं से जूझना पड़ेगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आप यदि अन्य मंत्रियों की तरह प्रधानमंत्री बदलने लगेंगे तो देश में अस्थिरता का माहौल पैदा हो जायेगा। विकास की राह कमजोर पड़ जायेगी। देश के दुश्मन इसी दिन के इंतजार में हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ऐसे ही हालात सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लोकपाल के दायरे में लाने पर होगा। मुख्य न्यायाधीश जैसे हीं लोकपाल के दायरे में आयेंगे। उनके खिलाफ भी आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो जायेगा। साजिशे होने लगेंगी। कितने मुख्य न्यायाधीश बदलेगें। और यह सब कुछ देश को बदनाम और अस्थिरता की ओर ले जायेगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद को अन्य मंत्रियों या अन्य जजों की पद की तरह नहीं समझे। इससे छेड छाड़ की कोशिश करेंगे तो देश के दुश्मन फायदा उठायेगा। &lt;strong&gt;आंदोलनकारियों को पता भी नहीं चलेगा कि आप कब देश के दुश्मन के मोहरे बन गये। आपके अतिउत्साही कदम को देश के दुश्मन आपके ही हाथों आपके अपने हीं देश के खिलाफ जड़े खुदवा देंगे।&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;ऐसे में समाजसेवी अन्ना हजारे जी को समझना होगा। साथ हीं सरकार को समझना होगा कि प्रधानमंत्री पद पर बैठा व्यक्ति भ्रष्ट हो जाये तो क्या होगा। &lt;strong&gt;ऐसे में बेहतर विकल्प यही है कि प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में न लाते हुए उन्हें जो अधिकार आज है वे सभी रहे, लेकिन उनके पास कोई मंत्रालय न हो।&lt;/strong&gt; यदि उनके पास सीधे कोई मंत्रालय नहीं होगा तो ऐसे में उनपर कोई सीधा भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा पायेगा। साथ हीं प्रधानमंत्री सभी मंत्रालय में काम कैसा चल रहा है इस पर ध्यान दे पायेंगे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-9060208573903356280?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/9060208573903356280/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=9060208573903356280' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/9060208573903356280'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/9060208573903356280'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2011/08/blog-post_18.html' title='अन्ना का आंदोलन सही लेकिन प्रधानमंत्री को लोकपाल से बाहर रखें।'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://2.bp.blogspot.com/-FhiyXYMSiAQ/Tk0FzgzoIsI/AAAAAAAABTo/kWwqJIFRwdQ/s72-c/manmohan%2Bs.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-7805880570852353019</id><published>2011-08-15T18:55:00.005+05:30</published><updated>2011-08-15T19:30:33.749+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='राजनीति'/><title type='text'>जनलोकपाल और लोकपाल के बीच समाधान के रास्ते</title><content type='html'>प्रधानमंत्री &lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/-B_Jp1Suuzr0/Tkklk9LbrkI/AAAAAAAABTY/yrMyGYpVExM/s1600/anna.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5641081325086289474" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 127px; CURSOR: hand; HEIGHT: 99px" alt="" src="http://2.bp.blogspot.com/-B_Jp1Suuzr0/Tkklk9LbrkI/AAAAAAAABTY/yrMyGYpVExM/s320/anna.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;मनमोहन सिंह जी भ्रष्टाचार पर आप कहते हैं अनशन से समस्या का समाधान नहीं &lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/-AOidKBYvG8k/TkklyabaLaI/AAAAAAAABTg/zaincXx05aA/s1600/PM%2BMS%2B1.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5641081556276227490" style="FLOAT: right; MARGIN: 0px 0px 10px 10px; WIDTH: 97px; CURSOR: hand; HEIGHT: 122px" alt="" src="http://3.bp.blogspot.com/-AOidKBYvG8k/TkklyabaLaI/AAAAAAAABTg/zaincXx05aA/s320/PM%2BMS%2B1.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;निकलेगा। आप नक्सली से कहते हैं कि हत्याएं रोको, हिंसा से समस्या का समाधान नहीं निकलेगा। भ्रष्टाचार के वर्तमान सिस्टम ने आपको ऐसा घेर रखा है कि आप कुछ कर नही पाते। इसमें सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही ओर के लोग शामिल हैं। तो आप ही बताइये की समस्या का समाधान कैसे निकलेगा ? प्रधानमंत्री जी आप देश के ईमानदार नेता है। आप कुछ कर सकते है तो कीजिये। डर किस बात का है। यहां किसी कांग्रेस-बीजेपी या अन्य दलों की बात नहीं है। यहां सभी दलों की बात है। सभी राजनीतिक पार्टियों में भ्रष्ट लोग हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्रधानमंत्री मंत्री जी, कई लोग चाहते हैं प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश को जनलोकपाल के दायरे से बाहर रखना चाहिये। लेकिन नीचले स्तर के अधिकारियों लोकपाल के दायरे में लाया जाना चाहिये। क्योंकि आम आदमी का वास्ता उन्हीं से पडता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सबसे पहले हम प्रधानमंत्री पर चर्चा करें&lt;/strong&gt; –&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;अन्ना कहते हैं प्रधानमंत्री को लोकपाल दायरे में आना चाहिये&lt;/strong&gt; – समाजसेवी अन्ना का कहना है कि यदि प्रधानमंत्री के पास पांच विभाग है और वहां भ्रष्टाचार है। तो क्या उस विभाग या मंत्रालय से जुडे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी? क्या प्रधानमंत्री को इस मामले में विशेषाधिकार प्राप्त हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;केंद्र सरकार कहती है प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में नहीं आना चाहिये&lt;/strong&gt; – केंद्र सरकार चाहती है कि प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिये। उनके पद पर रहते हुए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकती है। प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;प्रधानमंत्री को लेकर मेरा मत&lt;/strong&gt; – प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में नहीं लाया जाना चाहिये। क्योंकि यदि एक मंत्री भ्रष्ट है तो उसे हटाना आसान है। और सिस्टम पर अधिक फर्क नहीं पडता। यदि प्रधानमंत्री को हटाया जाता है तो सिस्टम पर फर्क पड़ता है। नये सिरे से मंत्रिमंडल का गठन किया जाता है। मंत्रिमंडल के सदस्य को नये सिरे से शपथ लेनी पडती है। दुनियां भर में बदनामी होती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि प्रधानमंत्री पद पर बैठे व्यक्ति को छुट दे दी जाये। इसके लिये सबसे पहले यह व्यवस्था की जानी चाहिेये कि प्रधानमंत्री मुखिया जरूर रहे। हर मंत्रालय में उनका दखल हो। उनके सलाह से हीं किसे मंत्री बनाया जाये किसे नहीं जैसा होता आ रहा है वैसा हीं हो। लेकिन प्रधानमंत्री के पास सीधे तौर पर कोई मंत्रालय न हो। ऐसे में प्रधानमंत्री पर सीधे तौर पर अंगुली नहीं उठाया जा सकेगा। और न हीं प्रधानमंत्री सीधे तौर पर किसी भ्रष्टाचार को जन्म दे सकेंगे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश&lt;/strong&gt; –&lt;br /&gt;अन्ना चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भी जनलोकपाल के दायरे में लाया जाना चाहिये। वहीं सरकार चाहती है कि मुख्य न्यायाधीश को जनलोकपाल के दायरे में नहीं लाया जाना चाहिये। इसके बीच रास्ता निकल सकता है। यदि आप मुख्य न्यायाधीश को लोकपाल के दायरे में लाते है तो हर दिन उनके खिलाफ किसी न किसी बात को लेकर पीआईएल दायर होने लगेगा। उनके नीचे काम करने वाले जज षडयंत्र को अंजाम देने से नहीं चुकेंगे ताकि वह मुख्य न्यायाधीश बन सके। इससे न्यायीक व्यवस्था चरमराने की स्थिति पैदा हो जायेगी। यदि इस प्रकार का खेल शीर्ष स्तर पर होगा तो उसका सीधा प्रभाव नीचे पडेगा। ऐसे भी मुख्य न्यायाधीश किसी बड़े फंड का संचालन नहीं करते। उनकी महत्वपूर्ण भूमिका महत्वपूर्ण विषयों पर फैसले के लिये होता है। वे संविधान के दायरे में रहकर हीं फैसला कर करते हैं। उससे बाहर जाकर वे टिप्पणी कर सकते हैं फैसला नहीं। और यदि वे संविधान से बाहर जाकर फैसला करेंगे तो संसद उनकी बातों को नकार देगा। इसलिये मुख्य न्यायधीश को लोकपाल से बाहर रखने में कोई बुराई नहीं है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;नीचले स्तर के अधिकारी&lt;/strong&gt; – अधिकारी और कर्मचारी उन्हें लोकपाल के दायरे में लाया हीं जाना चाहिये। आम आदमी का पाला उन्हीं से पडता है। राशन कार्ड बनाने जाओं तो घूस दो। मैरिज सर्टिफिकेट बनाओं तो घूस दो। नहीं दो वे अधिकारी और कर्मचारिय़ों को चक्कर काटते रहते हैं। हालत ऐसी होती है कि घूस से अधिक रकम आने जाने में हीं खर्च हो जाता है। समय की बर्बादी अलग। मानसिक पीडा और थकान जो झेलना पड़ता वह आम आदमी ही जानता है। प्रशासन तो सिर्फ खर्च करती है। टैक्स तो आम जनता हीं देती है न। शासन-प्रशासन किसके लिये है आम जनता के लिये ही है। तो आम जनता का पाला जिनसे पडता है उन अधिकारी और कर्मचारियों को इसके दायरे में आना हीं चाहिये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बहरहाल भ्रष्टाचार का आलम यह है कि आम आदमी परेशान है। दुनिया के शीर्ष दस भ्रष्ट देशों में देश का नाम आने लगा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ राजनीति से उपर उठकर आम आदमी को जगना होगा।&lt;br /&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-7805880570852353019?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/7805880570852353019/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=7805880570852353019' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/7805880570852353019'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/7805880570852353019'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2011/08/blog-post_15.html' title='जनलोकपाल और लोकपाल के बीच समाधान के रास्ते'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://2.bp.blogspot.com/-B_Jp1Suuzr0/Tkklk9LbrkI/AAAAAAAABTY/yrMyGYpVExM/s72-c/anna.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-4969259911865090234</id><published>2011-06-01T14:59:00.003+05:30</published><updated>2011-06-19T15:41:13.498+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='भ्रष्टाचार'/><title type='text'>काला धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ बाबा रामदेव का अनशन 4 जून से</title><content type='html'>&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/-s2BzwX-y6_E/TeYG6A0sHKI/AAAAAAAABSU/Lhue6xJ6Pgw/s1600/ramdev.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5613181579287076002" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 195px; CURSOR: hand; HEIGHT: 134px" alt="" src="http://1.bp.blogspot.com/-s2BzwX-y6_E/TeYG6A0sHKI/AAAAAAAABSU/Lhue6xJ6Pgw/s320/ramdev.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt; भ्रष्टाचार के खिलाफ बाबा रामदेव का अनशन समाजसेवी अन्ना हजारे के अनशन से बड़ा होगा या नहीं यह सवाल नहीं है। लेकिन खुशी की बात यह है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ देश की जनता धीरे धीरे इकठ्ठा हो रही है। इतना हीं नहीं सत्तापक्ष और विपक्ष दोनो हीं खेमों के नेताओं को चेतावनी दे रही है कि यदि वे नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में वे दरकिनार कर दिये जायेंगे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बहरहाल बाबा रामदेव प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अपील को ठुकराते हुए दिल्ली पहुंच गए हैं। और उन्होंने कहा कि विदेश में रखे काले धन को वापस लाने और भ्रष्टाचार के खिलाफ 4 जून से अनशन किया जायेगा। केंद्र सरकार पहले यह कह रही थी कि वे दबाव में नहीं आयेंगे। लेकिन आज एयरपोर्ट पर बाबा रामदेव की स्वागत के लिये केंद्र के तीन तीन मंत्री जिसमें कपिल सिब्बल और सुबोध कांत सहाय के अलावा कई अधिकारी मौजूद थे। लग रहा था कि किसी विदेश राजनयीक का स्वागत किया जा रहा है। सरकारी अंदाज से लग जाना चाहिये कि सरकार दबाव में दिखने लगी है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;भारत का काला धन विदेशों में इतना जमा है कि उसके वापस आने से हर गांव में स्कूल, होस्पीटल और छात्रों को स्कॉलरशीप दिया जा सकेगा। इससे भी अधिक धन जमा है। कालेधन को वापस लाने के लिये बाबा रामदेव ने अध्यादेश जारी करने की मांग की है। बाबा रामदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री व मुख्य न्यायाधीश को लोकपाल के दायरे से बाहर रखने की बात उन्होंने नहीं कही है, बल्कि उन्होंने यह कहा है कि यह एक गंभीर विषय है, इस पर बहस होनी चाहिए।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;बाबा का अन्ना से मतभेद नहीं –&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;बाबा रामदेव ने साफ कर दिया है कि समाजसेवी अन्ना हजारे से उनका मतभेद नहीं है। वे दोनों एक दूसरे के साथ हैं। यह आंदोलन बहुत बड़ा होगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;बहरहाल,&lt;/strong&gt; भ्रष्टाचार के खिलाफ बाबाराम देव और समाजसेवी अन्ना हजारे जैसे लोगों हीं लडाई लड सकते हैं। क्योंकि कोई ईमानदार अधिकारी इस लडाई को लडेगा तो नेतागण उन्हें बहुत तकलीफ देते है। कोई आम आदमी इस लडाई को लडेगा तो वे माफियाओं के हाथों मारे जाते हैं। उदाहरण भरे पड़े हैं। लेकिन अब भ्रष्टटाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले ताकतवर समाज सेवियों के मंच एक से दो हो गये हैं। अब इस लड़ाई को मजबूती मिलेगी। देश की आम जनता भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुकी है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-4969259911865090234?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/4969259911865090234/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=4969259911865090234' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/4969259911865090234'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/4969259911865090234'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2011/06/4.html' title='काला धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ बाबा रामदेव का अनशन 4 जून से'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://1.bp.blogspot.com/-s2BzwX-y6_E/TeYG6A0sHKI/AAAAAAAABSU/Lhue6xJ6Pgw/s72-c/ramdev.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-652499841081255200</id><published>2011-05-08T03:44:00.004+05:30</published><updated>2011-06-19T15:42:51.102+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='मीडिया'/><title type='text'>सहारा ग्रूप के न्यूज डायरेक्टर उपेंद्र राय को बदनाम करने की कोशिश</title><content type='html'>&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/-IdYpVm1sCFM/Tf3KAIWQR-I/AAAAAAAABSg/OZoXodon23U/s1600/upen.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5619870013617883106" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 210px; CURSOR: hand; HEIGHT: 193px" alt="" src="http://4.bp.blogspot.com/-IdYpVm1sCFM/Tf3KAIWQR-I/AAAAAAAABSg/OZoXodon23U/s320/upen.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt; प्रवर्तन निदेशालय के एक अधिकारी राजकेश्वर सिंह ने सहारा ग्रूप के न्यूज डायरेक्टर उपेंद्र राय पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उन्हें रिश्वत देने और धमकी देने की कोशिश की। दूसरी ओर उपेंद्र राय ने कहा कि उन्हें बदनाम करने की साजिश है। अब यह मामला अदालत में है। अब माननीय अदालत को फैसला करने दीजिये। लेकिन कुछ लोग सहारा ग्रूप के न्यूज डायरेक्टर राय के खिलाफ प्रचार अभियान में ऐसे जुट गये हैं जैसे किसी से सुपाड़ी खाई हो।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उपेंद्र राय को जानने वालों का कहना है कि उपेंद्र राय जिस भी समाचार को कवर किये वे उसमें रम जाते थे। तह तक काम करते थे। इस दौरान उनके रिपोर्टिंग से जिसके काले कारनामे सामने आ गये या जिसका लेन-देन का हिसाब किताब गडबड़ा गया वह उपेंद्र के खिलाफ हो गये। वह उपेंद्र को बदनाम करने की हर संभव कोशिश करने लगे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बहरहाल जो भी हो अब मामला माननीय अदालत में है। लेकिन जो लोग उपेंद्र को बदनाम करने में लगे हैं उन्हें उपेंद्र के पत्रकारिता करियर पर भी एक नजर डाल देनी चाहिये। तब शायद उनका भ्रम दूर हो जायेगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उपेंद्र राय सहारा न्जूय में बतौर डायरेक्टर ज्वाइन करने से पहले स्टार न्यूज में सिनियर एडिटर थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;ब्रेकिंग न्जूय&lt;/strong&gt; - उपेंद्र ने हार्ड न्यूज से लेकर मनोरंजन की दुनिया तक में ऐसे न्यूज ब्रेक किये जिसके बारे में आम लोग जानना चाहते हैं। उन्होंने दर्जनों न्यूज ब्रेक किये हैं लेकिन जो याद है उनका उल्लेख आगे कर रहा हूं। 20 अक्टूबर 2005 को उन्होंने डीमेट एकाउंट घोटाला का पर्दाफाश किया था। इस घोटाले में देश की बड़ी बड़ी फाईनेंश कंपनियां और ट्रैड से जुड़े दिग्गज लोग शामिल थे। इनलोगों ने गरीब लोगों ने नाम पर फर्जी डीमेट एकाउंट खोल रखे थे और करोड़ो करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम दिया। उपेंद्र की रिपोर्ट के बाद दिल्ली से लेकर मुंबई तक की सारी सरकारी मशिनरी हरकत में आई।26 अक्टूबर 2005-2006 के दौरान उपेंद्र ने फिल्म स्टार अमिताभ बच्चन सहित अन्य कलाकारों के कमाई का लेखा जोखा पेश किया। और टैक्स से जुड़े सारे मामले सामने लाये। यह खबर भी उन दिनों काफी चर्चित रही। जैसे जैसे समय निकलता गया उपेंद्र एक से एक खोजी खबर जनता के सामने लाते गये।5 जनवरी 2007 को उन्होंने घोड़े के कारोबार से जुडे हसन अली को लेकर जबरदस्त खबर ब्रेक की ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;देश-दुनिया से जुड़े 36 हजार करोड के घोटाले का पर्दाफाश जब उपेंद्र ने किया तो सारी दुनिया चकित रह गई। पूरा सरकारी महकमा सकते में आ गया। इतना बड़ा घोटाला देश के सामने पहले कभी नहीं आया था। इसके अलावा दर्जनों हार्ड न्यूज ऐसे हैं जिसका ब्रेक उपेंद्र ने किया। यह न्यूज आज भी छाया हुआ है। और खास बात यह रही कि जिस न्यूज को ब्रेक उपेंद्र ने किया। वह खबर दूसरे रिपोर्टर को अगले दिन भी ठिक से नहीं मिल पाती थी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मनोरंजन से जुड़े क्षेत्र में भी उपेद्र का जबरदस्त दखल रहा है। फिल्मी दुनियां की हस्ती ऐश्वर्या और अभिषेक बच्चन की शादी को लेकर मीडिया जगत में कयास लगाये जाते रहे। शादी की तिथियों को लेकर अटकलें लगती रही लेकिन पुख्ता तौर पर इस खबर को उपेंद्र ने हीं स्टार न्यूज में ब्रेक किया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;अवार्ड से सम्मानित&lt;/strong&gt; -उनके जाबांजी रिपोर्टिंग के कारण हीं कई बार उपेंद्र को महत्वपूर्ण पुरूस्कारों से नवाजा गया। 19 जुलाई 2007 को देश का सबसे बढिया टीवी पत्रकार के लिये उन्हें न्यूज टेलीविजन अवार्ड से नवाजा गया। उन्हें इस वर्ष भी शानदार रिपोर्टिंग और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिये लायन गोल्ड अवार्ड से नावाजा गया। इन सबसे पहले उपेद्र को 2006 में स्टार न्यूज एचिवर अवार्ड से नवाजा गया।ब्रेकिंग न्यूज और शानदार रिपोर्टिंग के लिये लगातार किसी न किसी अवार्ड से सम्मानित किया जाना हीं उनकी शानदार सफलता को दर्शाता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उपेंद्र ने पत्रकारिता में अपनी कैरियर की शुरूआत राष्ट्रीय सहारा अखबार से शुरू की। सहारा के बाद वे स्टार न्यूज ज्वाईन किये। फिर वे बिजनस चैनल आवाज में गये। यहां यह बता दूं कि उपेंद्र की बिजनस न्यूज के मामले में भी जबरदस्त पकड़ है। उसके बाद फिर स्टार न्यूज आये और अब वे सहारा समय चैनल के न्यूज डायरेक्टर हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बहरहाल यह भी खबर है कि उपेंद्र को हटाने के लिये बड़े बड़े दिग्गज लगे हुए हैं क्योंकि उपेंद्र बहुत कम ही उम्र में सहारा का न्यूज डायरेक्टर बन गये। ऐसे में कई लोग जो सहारा में डायरेक्टर बनने का सपना पाले हुए थे वे अपने सपने को चुर होते देख उपेंद्र के खिलाफ हो गये।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-652499841081255200?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/652499841081255200/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=652499841081255200' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/652499841081255200'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/652499841081255200'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2011/05/blog-post.html' title='सहारा ग्रूप के न्यूज डायरेक्टर उपेंद्र राय को बदनाम करने की कोशिश'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://4.bp.blogspot.com/-IdYpVm1sCFM/Tf3KAIWQR-I/AAAAAAAABSg/OZoXodon23U/s72-c/upen.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-2565778694957974670</id><published>2011-04-07T17:37:00.004+05:30</published><updated>2011-04-07T17:50:18.250+05:30</updated><title type='text'>विश्व कप के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ देश की जनता एंक मंच पर</title><content type='html'>भ्रष्टाचार के खिलाफ समाजसेवी अन्ना हजारे की मांग को लेकर आखिर कांग्रेस-बीजेपी समेत &lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/-bvUN88tYmlc/TZ2razdq83I/AAAAAAAABSM/hI8FEmuhug0/s1600/anna.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5592814789243630450" style="FLOAT: right; MARGIN: 0px 0px 10px 10px; WIDTH: 127px; CURSOR: hand; HEIGHT: 99px" alt="" src="http://1.bp.blogspot.com/-bvUN88tYmlc/TZ2razdq83I/AAAAAAAABSM/hI8FEmuhug0/s320/anna.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;सभी राजनीतिक दलें क्यों चुप है? कहा जा रहा है कि समाजसेवी अन्ना हजारे ने जिस जन-लोकापल-बिल की मांग की है उससे कोई भी राजनीतिक दल सहमत नहीं हो सकता। क्योंकि अधिकांश राजनीतिक दलों की जड़े काले धन से हीं सींचती है। राजनीतिक दलें सहमी हुई है। इस बिल के तहत जो प्रस्ताव प्रस्तावित है उससे देश और आम नागरिकों का भला होना तय है। लेकिन भ्रष्ट प्रकार के मंत्री और अधिकारी अपने काले कारनामों को बहुत दिनों तक छुपा कर नहीं रख सकेंगे। &lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;उन्हें जेल की हवा बहुत जल्द खाने को मिल जायेगी। इसलिये देश की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी भी चुप है। क्योंकि बीजेपी के नेता भी भ्रष्टाचार के दलदल में धंसे हुए हैं। देश में जिस प्रकार से भ्रष्टाचार का बोलबाला है उससे सभी लोग परेशान हैं। आज उन्हें अपने गुस्से को इजहार करने का मौका मिला है। सरकार और विपक्ष दोनों हीं देख लें कि जब एक ईमानदार व्यक्ति आंदोलन के लिये आगे बढता है तो पूरे देश में लोग कैसे उनके साथ एक साथ उठ खड़े होते हैं। &lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;यह तो शुरूआत है। और यह लड़ाई इंटरनेट के मार्फट भी पूरी दुनिया में लड़ी जा रही है। लिबिया का उदाहरण आपके सामने है। यदि समय रहते आप नहीं संभले तो आने वाले दिनों में एक चिंगारी विकराल रूप ले सकती है। क्रिकेट विश्व कप में जीत के समय जैसे पूरे देश के लोग एक मंच पर आ गये थे उसी प्रकार भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरे देश के लोग एक मंच पर आ रहे हैं। ईमानदार लोगों को मंत्रिमंडल में लायें। अच्छे अधिकारियों को काम करने का मौका दे। &lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;अब आम जनता धर्म और जाति की राजनीति से उपर उठते जा रही है। अब उन्हें समझ आने लगा है कि धर्म के अफिम से नशा हो सकता है लेकिन पेट नहीं भरा जा सकता। बच्चो के लिये स्कूल के इंतजाम नहीं हो सकते। स्वास्थ्य के लिये होस्पीटल की व्यवस्था नहीं हो सकती। यह सब कुछ पाने के लिये संघर्ष करने की जरूरत है। &lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;बहरहाल ईमान का एक पैर आगे बढ चुका है। उसे तोडने की कोशिश की जा रही है और आगे भी की जायेगी। लेकिन इस बार जिस प्रकार से आम जनता ने सडकों पर उतरकर अपना समर्थन दिया है समाज सेवी अन्ना हजारे को। इससे लगने लगा है कि ईमान की जड़े मजबूत होंगी। &lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-2565778694957974670?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/2565778694957974670/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=2565778694957974670' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/2565778694957974670'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/2565778694957974670'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2011/04/blog-post_07.html' title='विश्व कप के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ देश की जनता एंक मंच पर'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://1.bp.blogspot.com/-bvUN88tYmlc/TZ2razdq83I/AAAAAAAABSM/hI8FEmuhug0/s72-c/anna.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-7846587553170508</id><published>2011-04-06T18:46:00.006+05:30</published><updated>2011-04-07T21:55:20.453+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='भ्रष्टाचार'/><title type='text'>भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ एक मजबूत स्तंभ का नाम है सुमन गुप्ता</title><content type='html'>भ्रष्टाचार के खिलाफ जब पूरे देश में सुगबूगाहट शुरू हो चुकी है तब ऐसे में झारखंड में भी चर्चा होना लाजमी है। &lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/-XuaawrDcroQ/TZxrCZ-p_FI/AAAAAAAABSE/R92fLQuF8JA/s1600/suman%2Bgup%2B1.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5592462526364908626" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 172px; CURSOR: hand; HEIGHT: 131px" alt="" src="http://1.bp.blogspot.com/-XuaawrDcroQ/TZxrCZ-p_FI/AAAAAAAABSE/R92fLQuF8JA/s320/suman%2Bgup%2B1.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;झारखंड कैडर की आईपीएस अधिकारी सुमन गुप्ता इन दिनों हर जुबान पर हैं। मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के नेतृत्व वाली सरकार ने सुमन गुप्ता को पुलिस के वायरलेस विभाग में भेज दिया है। इसको लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा पर अंगुली उठने लगी है। सवाल किये जाने लगें है कि आखिर क्यों एक ईमानदार आईपीएस अफसर को मुख्यधारा से हटाकर वायरलेस विभाग में भेज दिया गया ? क्या ईमानदारी से काम करने का यही ईनाम होता है। &lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;सुमन गुप्ता इससे पहले धनबाद जिले की एसपी थी। वहां उन्होंने आर्गेनाइज क्राईम को पूरी तरह रोक दिया था। अपराध में भारी कमी आ गई थी। लेकिन अर्जुन मुंडा ने विधान सभा का उपचुनाव जितने के बाद हीं आईपीएस अधिकारी सुमन गुप्ता का ट्रांसफर कर दिया। वह भी वायरलेस विभाग में। रांची के महेश रवानी कहते हैं कि सुमन गुप्ता देश की आईरन लेडी हैं। अपराध करने वाले किसी व्यक्ति को नहीं छोडती चाहे वह पुलिस विभाग का ही कोई अधिकारी हो या कोई माफिया डॉन या कोई अन्य भ्रष्टाचारी। &lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;रांची के हीं सुबोध उरांव कहते हैं कि सुमन गुप्ता देश की दूसरी किरण बेदी हैं। ईमानदारी की एक धार भारी पडेगा अपराधियों पर। जब सुमन गुप्ता धनबाद छोड कर जा रही थी तब पूरे शहर की आंखे नम थी। लोगों ने भरे दिल से उन्हें बिदा किया। ऐसा सम्मान पहले किसी भी आईपीएस अधिकारी को नहीं मिला। &lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;बहरहाल जब देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन चल रहे है ऐसे में आईरन लेडी सुमन गुप्ता से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन संपंर्क नहीं हो पाया। शायद वे यही सोच रही होंगी कि ईमानदारी से काम करने, गरीबो पर हो रहे अत्याचार को रोकन और विकास की बातें करने पर ईनाम नहीं, सजा मिलती है। उन्हें जानने वाले लोग बताते हैं कि आईपीएस सुमन गुप्ता अपने कर्तव्य से कभी पीछे नहीं हट सकती। आज देश ऐसे ही अधिकारियों के दम पर आगे बढ रहा है। &lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-7846587553170508?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/7846587553170508/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=7846587553170508' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/7846587553170508'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/7846587553170508'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2011/04/blog-post_1582.html' title='भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ एक मजबूत स्तंभ का नाम है सुमन गुप्ता'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://1.bp.blogspot.com/-XuaawrDcroQ/TZxrCZ-p_FI/AAAAAAAABSE/R92fLQuF8JA/s72-c/suman%2Bgup%2B1.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-7067832711892358066</id><published>2011-04-06T16:03:00.007+05:30</published><updated>2011-04-07T22:09:53.853+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='भ्रष्टाचार'/><title type='text'>जन लोकपाल बिल से अपराध और भ्रष्टाचार पर काबू पाया जा सकता है, अन्ना के अनशन से भ्रष्ट मंत्री और अधिकारियों में घबराहट।</title><content type='html'>&lt;div&gt;देश &lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/-U5PvxMKeL50/TZxCO5sxiyI/AAAAAAAABRs/33ce7XqNJTk/s1600/Anna%2BHazare.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5592417661061532450" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 75px; CURSOR: hand; HEIGHT: 100px" alt="" src="http://3.bp.blogspot.com/-U5PvxMKeL50/TZxCO5sxiyI/AAAAAAAABRs/33ce7XqNJTk/s320/Anna%2BHazare.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;के सिस्टम को चलाने वालों में मंत्री, अधिकारी और जजों की अह्म भूमिका है। लेकिन जब इन पदों पर बैठे कुछ लोग भ्रष्टाचार को अंजाम देते हैं तो वे करोड़ों गरीबों के हक को मार जाते हैं। सबसे बड़े अपराधी तो सत्ता में बैठे हुए वे लोग हैं जिन पर देश की रक्षा और विकास की जिम्मेदारी है लेकिन वे अपनी जिम्मेदारी को भूलकर गैरकानूनी कामों में लगे हुए हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ आवाज उठाना कोई मामूली बात नहीं है। &lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;आज समाज सेवी अन्ना हजारे, स्वामी अग्निवेश और पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/-4Q6ou8tAYuU/TZxCcFfoY5I/AAAAAAAABR0/MK0bbzxtvWU/s1600/kiran%2Bbedi.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5592417887565931410" style="FLOAT: right; MARGIN: 0px 0px 10px 10px; WIDTH: 143px; CURSOR: hand; HEIGHT: 107px" alt="" src="http://3.bp.blogspot.com/-4Q6ou8tAYuU/TZxCcFfoY5I/AAAAAAAABR0/MK0bbzxtvWU/s320/kiran%2Bbedi.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt; भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रमक होकर जन लोकपाल बिल बनाये जाने और जल्द से जल्द अमल में लाने की बात कही है। और आंदोलित हैं। उनके इस कदम से भले हीं भ्रष्ट मंत्री, जज और अधिकारियों में हडकंप हो लेकिन देश की जनता जोरदार स्वागत कर रही है। उनका कहना है कि कोई तो है जो देश के भ्रष्टाचारियों के खिलाफ लडने की हिम्मत तो दिखा रहा है। सभी लोगों का यही कहना है कि यदि सत्ता के टॉप पर बैठे भ्रष्ट और गैरकानूनी कामों में लगे लोगों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई होगी तभी जाकर अपराध और भ्रष्टाचार पर काबू पाया जा सकेगा।&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;देश के टॉप पद पर एक मंत्री होता है। उदाहरणार्थ किसी राज्य के एक मुख्यमंत्री को लें। मुख्यमंत्री जिले में पोस्टिंग के लिये किसी एसपी से एक करोड़ रूपया मांगता है। तो स्वाभाविक है कि एसपी एक करोड़ रूपये अपने घर से नहीं देगा। वह वसूली करेगा। इसके लिये विभिन्न थाने में पोस्टिंग उसी &lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/-6Lwx_Pvr-u8/TZxCx1VKTNI/AAAAAAAABR8/ccJArkGfxIA/s1600/swami%2Bagnivesh.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5592418261184171218" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 89px; CURSOR: hand; HEIGHT: 114px" alt="" src="http://4.bp.blogspot.com/-6Lwx_Pvr-u8/TZxCx1VKTNI/AAAAAAAABR8/ccJArkGfxIA/s320/swami%2Bagnivesh.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;इंस्पेक्टर का करेगा जो उन्हें हर महीने लाखो कमा कर देगा। इसके लिये इंस्पेक्टर फर्जी केस बनायेगा, दोषी से पैसा लेकर उसके खिलाफ कमजोर केस बनायेगा ताकि जमानत मिल जाये। निर्दोष और गरीब को छोटी सी बात पर बड़े केस में फंसाने की धमकी देगा। थाने में मारपीटाई की जायेगी। जो अमीर है वह पैसा देकर बचेगा और जो गरीब है वह इंस्पेक्टर को किसी तरह कर्ज लेकर पैसा देगा। फिर अपने कर्ज को चुकाने के लिये चोरी-डकैती करेगा। और इस तरह अपराध का सिलसिला चलता रहेगा। &lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;लेकिन यदि मुख्यमंत्री को यह डर हो किसी भी प्रकार से वह अपराध करता है और उसके खिलाफ पूरी कार्रवाई दो साल में पूरी होकर सजा हो सकती है, तो वे गैरकानूनी कामो से बचने की कोशिश करेगा और इस प्रकरा अपराध का चक्र धीमा पड जायेगा। अपराध में भारी कमी आयेगी। पिछले कई सालों से बडे पदो पर बैठे लोग अपराध को अंजाम देते आ रहे हैं लेकिन उन्हें सजा नहीं मिलती। ऐसे में समाजसेवी अन्ना हजारे, स्वामी अग्निवेश और पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी के ठोस पहल का जोरदार स्वागत होना स्वाभाविक है। &lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-7067832711892358066?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/7067832711892358066/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=7067832711892358066' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/7067832711892358066'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/7067832711892358066'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2011/04/blog-post_06.html' title='जन लोकपाल बिल से अपराध और भ्रष्टाचार पर काबू पाया जा सकता है, अन्ना के अनशन से भ्रष्ट मंत्री और अधिकारियों में घबराहट।'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/-U5PvxMKeL50/TZxCO5sxiyI/AAAAAAAABRs/33ce7XqNJTk/s72-c/Anna%2BHazare.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-5744129580369889232</id><published>2011-04-05T21:50:00.003+05:30</published><updated>2011-04-05T21:57:38.797+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='भ्रष्टाचार'/><title type='text'>जन लोकपाल बिल से क्यों डरे मंत्री, अधिकारी और नेता</title><content type='html'>भारत को भ्रष्टाचार से बचाने और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ तेज कार्रवाई हो इसके लिये समाजसेवी अन्ना हजारे ने जन लोकपाल बिल लाने की मांग की है। और इस मांग को जोरदार समर्थन दिया है एक जमाने की ईमानदार आईपीएस अधिकारी रहीं किरण बेदी और समाजसेवी स्वामी अग्निवेश ने। इसके लिये समाजसेवी अन्ना हजारे ने दिल्ली के जंतर मंतर पर आमरण अनशन भी शूरू कर दिया है। &lt;strong&gt;यहां पर सबसे पहले यह जानिये कि जन लोकपाल बिल क्या है -&lt;/strong&gt; &lt;strong&gt;1.&lt;/strong&gt; जन लोकपाल बिल के एक संस्था का गठन होगा जो पूरी तरह सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग की तरह स्वतंत्र होगा। &lt;strong&gt;2.&lt;/strong&gt; लोकपाल के सदस्यों का चयन कोई राजनेता नहीं करेगा बल्कि संवैधानिक संस्थाएं, जज और नागरिक मिलकर करेंगे।&lt;strong&gt; 3.&lt;/strong&gt; इसके तहत केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्त का गठन होगा।&lt;strong&gt; 4.&lt;/strong&gt; लोकपाल को किसी मंत्री, जज, नेता या अफसर के खिलाफ जांच करने और मुकदमा चलाने के लिए पूरी शक्ति और व्यवस्था होगी। &lt;strong&gt;5.&lt;/strong&gt; सीबीआई, सीवीसी और विजिलेंस विभाग के ऐंटि-करप्शन विभाग लोकपाल के अंतर्गत आ जायेगा। यह एक पारदर्शी संस्था होगा। &lt;strong&gt;6.&lt;/strong&gt; भ्रष्ट नेता हो या अधिकारी या जज उनके खिलाफ तेज गति सुनवाई होगी और दो साल के अंदर दोषियों को सजा सुनायेगा जायेगा। &lt;strong&gt;7.&lt;/strong&gt; दोषी सिद्द होने पर सरकार को जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई उस दोषी से वसूला जायेगा। &lt;strong&gt;8.&lt;/strong&gt; अगर किसी नागरिक का काम तय समय पर नहीं हुआ तो लोकपाल दोषी अधिकारियो पर जुर्माना लगायेगा जो शिकायतकर्ता को मुआवजे के तौर पर दिया जायेगा।&lt;strong&gt; 9.&lt;/strong&gt; यदि लोकपाल के किसी अधिकारी के खिलाफ कोई शिकायत मिलती हो तो उसकी जांच दो महीने में पूरी की जायेगी और दोषियों को बर्खास्त कर मुकदमा चलाया जायेगा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-5744129580369889232?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/5744129580369889232/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=5744129580369889232' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/5744129580369889232'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/5744129580369889232'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2011/04/blog-post_05.html' title='जन लोकपाल बिल से क्यों डरे मंत्री, अधिकारी और नेता'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-395471657847414194</id><published>2011-04-05T19:43:00.003+05:30</published><updated>2011-04-05T19:49:58.845+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='भ्रष्टाचार'/><title type='text'>भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रमक हुए समाजसेवी अन्ना हजारे</title><content type='html'>दुनिया में भारत का नाम भले हीं उभरते हुए विश्व शक्ति के रूप में लिया जा रहा हो लेकिन हकीकत यह है दुनिया के भ्रष्टतम देशों में भारत का नाम सुमार हो गया है। राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं चाहे वे सत्ता में हो या सत्ता के बाहर सभी काली कमाई में लगे हुए हैं। ऐसे में कोई क्या करे समझ नहीं आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट भी काले धन पर सरकार की चुप्पी को लेकर कड़ी प्रतिक्रियाएं जाहिर कर चुकी है। देश के वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी भ्रष्टाचार को लेकर कहते हैं काले धन को विदेशों से नही लाया जा सकता। ऐसे में सवाल है कि आखिर क्यों नहीं लाया जा सकता। क्योंकि हमाम में सभी नंगे हैं। समाजसेवी अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जो आंदोलन छेड़ा है उसे पूरे देश का समर्थन मिलने लगा है। लोग वर्तमान के अधिकांश राजनेताओं के भ्रष्ट आचरण से परेशान हैं। ऐसे में अन्ना हजारे द्वारा लोकपाल बिल में संशोधन की मांग को लेकर अनशन पर बैठना बिल्कुल सही है। अंधे, गुंगे और बहरे नेताओं को सुनाने के लिये यह जरूरी है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और विरोधी दल बीजेपी अन्ना हजारे से अनशन न करने की अपील कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी, विरोधी दल नेता सुषमा जी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया जी और विपक्ष के सबसे बडे कदावर नेता लाल कृष्ण आडवाणी जी आप सोचे जितने लाख करोड का घोटाला हुआ क्या उससे देश के गांवों में स्कूल, कॉलजे, सड़के, हॉस्पीटल, या अन्य बुनियादी सुविधायें नहीं की जा सकती थी। लेकिन आपलोग भ्रष्टाचार के प्रति गंभीर न होकर सिर्फ राजनीति नफा-नुकसान के बारे में सोचते हैं। आपलोगों के उपेक्षापूर्ण और भेदभाव रवैये के कारण हीं नक्सल पैदा होते हैं। वे मजबूरी में हथियार उठाते हैं। ईमानदार अधिकारियों को काम करने नहीं दिया जाता है। उन्हें ईनाम देने की वजाय उनका ट्रांसफर कर दिया जाता है। उन्हें तकलीफ दी जाती है। आप सभी इस भ्रम में कभी न रहें कि भारत विभन्नताओं का देश है इसलिये यहां क्रांति नहीं हो सकती। समाजसेवी अन्ना हजारे को जिस प्रकार से आम लोगो का समर्थन मिल रहा है वे वर्तमान राजनीतिक दलों के भ्रष्ट नेताओं के लिये एक चेतावनी है। इससे लोगों के मन में दबी इच्छाये जागृत होने लगी है। गुस्से का लावा कभी भी फूट सकता है। मुठ्ठी भर भ्रष्ट नेताओं के लिये देश बर्बाद न होने दें। यदि आग की चिनगारी भडकी तो राजनीतिक दलों के भ्रष्ट नेताओं और अधिकारियों को भागने के लिये रास्ते नहीं मिलेंगे। हो सकता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रमक हुए अन्ना हजारी की हत्या करा दी जाये। जैसा कि उन्होंने आशंका जाहिर की है कि उन्हें जान का डर नहीं है। इसे कोई भी अंजाम दिलवा सकता है। सत्ता पक्ष भी हत्या करवा सकता है और सत्ता पक्ष को बदनाम कर खुद सत्ता आने की कोशिश में विरोधी दल भी हत्याकांड को अंजाम दे सकता है। यदि ऐसा हुआ तो वर्तमान भ्रष्ट नेताओं के लिये बहुत भारी होगा आने वाला दिन। जनता उन्हें छोडेगी नहीं।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-395471657847414194?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/395471657847414194/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=395471657847414194' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/395471657847414194'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/395471657847414194'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2011/04/blog-post.html' title='भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रमक हुए समाजसेवी अन्ना हजारे'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-1736179491267343927</id><published>2010-09-30T21:07:00.003+05:30</published><updated>2010-09-30T21:13:49.972+05:30</updated><title type='text'>अदालत का फैसला मंदिर-मस्जिद के पक्ष में</title><content type='html'>&lt;strong&gt;इलाहाबाद हाई कोर्ट के लखनऊ बेंच&lt;/strong&gt; ने विवादित अयोध्या मसले(बाबरी मस्जिद बनाम राम जन्मभूमि) पर अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि विवादित जमीन को तीन हिस्सों में बांट दिया जाये। एक हिस्सा मंदिर के लिये होगा(जहां राम लल्ला की प्रतिमा है), दूसरा हिस्सा निर्मोही अखाडा और तीसरा हिस्सा मस्जिद के लिये होगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;न्यायाधीश एस यू खान, न्यायाधीश सुधीर अग्रवाल और न्यायाधीश धर्मवीर शर्मा की तीन सदस्यीय बेंच ने इस मामले में आज (30 सिंतबर, 2010) दोपहर साढे तीन बजे फैसला सुनना शुरू किया था। यह फैसला बहुमत के आधार पर किया गया है सर्वसम्मति के आधार पर नहीं। एक अक्टूबर को रिटायर हो रहे है न्यायाधीश धर्मवीर शर्मा पूरी जमीन हिन्दुओं को देने के पक्ष में थे लेकिन न्यायाधीश अग्रवाल और न्यायाधीश खान जमीन को तीन हिस्सो को विभाजित करने के पक्ष में फैसला दिया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;तीनो जजों ने इस बात को स्वीकार किया कि विवादित जगह पर पहले मंदिर था। लेकिन न्यायाधीश खान ने यह भी कहा कि वहां पूजा नहीं की जाती थी। इस फैसले को 24 सितंबर को ही सुनाया जाना था लेकिन रमेश चंद्र त्रिपाठी की याचिका पर सु्प्रीम कोर्ट ने 23 सितंबर को निर्णय को एक हफ्ते के लिये टाल देने का आदेश दिया। फिर सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को याचिक पर सुनवाई करते हुए याचिक खारिज कर दी। इसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले सुनाने का रास्ता साफ हो गया। और हाई कोर्ट ने 30 सितंबर को साढे तीन बजे फैसला सुनाने का निर्णय लिया। तीन जजों में एक न्यायाधीश धर्मवीर शर्मा फैसला सुनाने के अगले दिन यानी एक अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;फैसले के महत्वपूर्ण बिन्दु –&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;- सुन्नी वक्फ बोर्ड की राम जन्म भूमि से संबंधित दावे को खारिज कर दिया गया।&lt;br /&gt;- जमीन को तीन भागो में बांटी जायेगी।&lt;br /&gt;- जहां राम लल्ला की प्रतिमा है वही राम जन्मभूमि है।&lt;br /&gt;- जहां राम लल्ला की प्रतिमा है वह इलाका और उसके आसपास के इलाके मंदिर के लिये दी जायेगी।&lt;br /&gt;- अदालत ने यह माना है कि विवादित स्थान पर प्रतिमा बाहर से रखी गई थी।&lt;br /&gt;- मस्जिद के लिये एक तिहाई जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को दिया जायेगा।&lt;br /&gt;- एक तिहाई जमीन निर्मोही अखाड़ा को भी दिया जायेगा। इनमें सीता रसोई और राम चबूतरा भी शामिल है।&lt;br /&gt;- मंदिर बनने और पूजा करने पर कोई रोक नहीं।&lt;br /&gt;- अदालत ने तीन महीने तक यथा स्थिति बनाये रखने के लिये कहा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-1736179491267343927?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/1736179491267343927/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=1736179491267343927' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/1736179491267343927'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/1736179491267343927'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/09/blog-post_30.html' title='अदालत का फैसला मंदिर-मस्जिद के पक्ष में'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-3464239937659298894</id><published>2010-09-28T14:37:00.003+05:30</published><updated>2010-09-28T14:52:06.662+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='समस्याएं'/><title type='text'>देश में कई समस्याएं हैं धार्मिक उन्माद से बचें।</title><content type='html'>सुप्रीम कोर्ट ने रमेश चंद्र त्रिपाठी की अर्जी खारिज कर दी। यानी इलाहाबाद हाईकोर्ट का लखनऊ बेंच अब अयोध्या मसले पर फैसला सुनाने के लिये आजाद है।  30 सितंबर को साढे तीन बजे लखनऊ बेंच अपना फैसला सुनायेगी। 1 अक्टूबर को लखनऊ बेंच के तीन जजों में से एक जज धर्मवीर शर्मा 1 अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अब माहौल गर्म होता जा रहा है। हिन्दू पक्ष और मुस्लिम पक्ष दोनों हीं इस मामले में कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। यदि फैसला किसी एक के पक्ष में जाता है तो दूसरा पक्ष सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है। इसलिये देश में धार्मिक उन्माद करने से दोनो ही पक्षों को बचना चाहिये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ऐसे भी देश में बड़ी बड़ी समस्याएं मौजूद है। भारत को एक साथ दोहरी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। अंदरूनी हालात मंहगाई से त्रस्त है। लोगों के पास रोजगार नहीं है। बेमौसम के कारण किसानों की हालात अच्छी नहीं है। फसलें बर्बाद हो रहे हैं। इतना हीं नहीं सीमा पर देश को एक साथ कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पाकिस्तान जम्मू कश्मीर में तबाही मचा रहा है। चीन पाकिस्तान से मिलकर भारत को हर ओर से घेर रहा है। चीन नॉर्थ से लेकर नॉर्थ ईस्ट तक इलाके में नदियों में बांध बनाकर भारत को पानी से वंचित करने में लगा है। आने वाले दिनों में भारत को पानी के संकट का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में मंदिर-मस्जिद को लेकर धार्मिक उन्माद से बचना चाहिये।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-3464239937659298894?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/3464239937659298894/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=3464239937659298894' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/3464239937659298894'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/3464239937659298894'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/09/blog-post.html' title='देश में कई समस्याएं हैं धार्मिक उन्माद से बचें।'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-7777128895471397576</id><published>2010-08-26T18:37:00.009+05:30</published><updated>2010-08-26T18:51:53.275+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='राजनीति'/><title type='text'>सबसे बड़े नक्सली नेता हैं राहुल गांधी।</title><content type='html'>कांग्रेस महा&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/THZpcMCu67I/AAAAAAAABQ8/Ob0X4i_z7-8/s1600/PM+MS.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5509707127124323250" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 128px; CURSOR: hand; HEIGHT: 80px" alt="" src="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/THZpcMCu67I/AAAAAAAABQ8/Ob0X4i_z7-8/s320/PM+MS.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;सचिव राहुल गांधी को नक्सली कहते सुन आपको थोड़ा अटपट्टा जरूर लग रहा होगा लेकिन वास्तव में राहुल गांधी गांधीवादी नक्सली है। जो किसी समस्या के समाधान के लिये हिंसा को सही नहीं मानते लेकिन ससमयाओं के निदान के लिये हर संभव कोशिश करते हैं। उडीसा के कालाहांडी में उन्होंने कहा कि वे वहां के लोगों का सिपाही हैं। वे उनकी आवाज को दिल्ली में उठायेंगें। राहुल गांधी देश के ऐसे पहले उंचे&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/THZp2txaPyI/AAAAAAAABRM/56XfHlGM6o4/s1600/R+G3.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5509707582855069474" style="FLOAT: right; MARGIN: 0px 0px 10px 10px; WIDTH: 119px; CURSOR: hand; HEIGHT: 124px" alt="" src="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/THZp2txaPyI/AAAAAAAABRM/56XfHlGM6o4/s200/R+G3.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt; कद के नेता है जो सीधे गरीबो से जुड उनकी समस्याओं को सुलझाने की कोशिश करते हैं। वे जातिवादी भेदभाव को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। देश के दूर-दराज इलाके में जाकर दलित-आदिवासी सुमदाय को यह एहसास दिलाते हैं कि देश में उनका भी उतना हीं अधिकार जितना दूसरे का। राहुल गरीबो से वादा कर रहे हैं कि वे उनकी सुरक्षा के लिये हर संभव कदम उठायेंगे। वे उनकी समस्याओं को उनके बीच जाकर सुनते हैं। सुलझाने की कोशिश करते हैं। यही काम तो नक्सली कर रहे हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गरीबों के प्रति राहुल गांधी की सच्ची लगन को देखते हुए उनके पार्टी के उच्च वर्ण और सामं&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/THZojRo2tEI/AAAAAAAABQ0/8-PXrJx55lQ/s1600/Rahul+4.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5509706149373850690" style="FLOAT: right; MARGIN: 0px 0px 10px 10px; WIDTH: 90px; CURSOR: hand; HEIGHT: 120px" alt="" src="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/THZojRo2tEI/AAAAAAAABQ0/8-PXrJx55lQ/s200/Rahul+4.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;तवादी मानसिकता में रंगे नेता भी अपने को गरीबों का सेवक बताते हैं। बताया जाता है कि राहुल गांधी के ईद-गिर्द ऐसे लोग भले हों जो उच्च वर्ण और सामंतवादी मानसिकता वाले हों लेकिन राहुल गांधी इस बात का हमेशा ख्याल रखते हैं कि वे उनके भंवर जाल में नही फसेंगे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;राहुल गां&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/THZoGqGqajI/AAAAAAAABQs/W8mX4RqMV8E/s1600/Rahul+3.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5509705657725119026" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 120px; CURSOR: hand; HEIGHT: 113px" alt="" src="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/THZoGqGqajI/AAAAAAAABQs/W8mX4RqMV8E/s200/Rahul+3.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;धी अब इस बात को समझने लगे हैं कि विकास के नाम पर जो लुट खसोट हुआ। गरीबों के इलाके में विकास का काम नहीं हुआ। इसी कारण लोग नक्सली बने। कांग्रेस पार्टी के सबसे मजबूत स्तंभ राहुल गांधी का कदम गरीबो के हित में उठते देख गरीबों में एक नया सुर्योदय का अहसास होने लगा है। वही अच्छी बात यह है कि सरकारी स्तर पर भी यह मान लिया गया है कि नक्सली अपने हैं पराये नहीं। खुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि नक्सली अपने हैं पराये नहीं। नहीं तो पहले उन्हें सिर्फ आंतकवादी कहा जाता था सरकार की ओर से।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;प्रधानमंत्री जी और राहुल जी आप दोनों हीं ईमानदार हैं और सामंतवादी प्रवृति के नही हैं। इसलिये आपसे उम्मीद की जा सकती है कि गरीबों के लिये विकास की प्रक्रिया तेजी से शुरू होगी। यदि आप चाहतें हैं कि नक्सल समस्या वास्तव में खत्म हो तो व्यवहार में गरीबों को सामतों और पुलिसिया अत्याचार से बचाना होगा और साथ हीं विकास के काम करने होंगे। यदि ऐसा व्यवहार में नहीं होता है तो फोर्स के बल पर नक्सली मूवमेंट को रोका नहीं जा सकेगा। आप एक मारोगे तो इस चार जुड़ जायेंगे। &lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-7777128895471397576?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/7777128895471397576/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=7777128895471397576' title='4 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/7777128895471397576'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/7777128895471397576'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/08/blog-post.html' title='सबसे बड़े नक्सली नेता हैं राहुल गांधी।'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/THZpcMCu67I/AAAAAAAABQ8/Ob0X4i_z7-8/s72-c/PM+MS.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>4</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-1504422873966120802</id><published>2010-07-26T20:07:00.007+05:30</published><updated>2010-07-26T20:19:05.984+05:30</updated><title type='text'>सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में गुजरात के मंत्री शाह पहुंचे सलाखों के पीछे। सोहराबुद्दीन शाह का हीं गुर्गा था।</title><content type='html'>&lt;strong&gt;गुजरात के पूर्व गृह राज्य मंत्री अमित शाह को&lt;/strong&gt; सीबीआई की अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उनपर हत्या तक का आरोप है। आईपीसी की धारा 201, 302, 365, 368 और 384 के तहत आरोप लगाए गए हैं जो हत्या, अपहरण, सबूत नष्ट करना और प्रताड़ना की धाराएं हैं। 2005 में सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ मामले में सीबीआई ने 23 जुलाई को शाह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस मामले में सीबीआई ने गुजरात के गृह राज्य मंत्री अमित शाह को सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामले में हाजिर होने के लिये तीन समन भेजे लेकिन वे हाजिर नहीं हुए। इसके बाद उनके खिलाफ चार्जशीट दायर की गई।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;शाह का इस्तीफा मोदी ने स्वीकार किया&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आज सुबह शाह के अपना पक्ष रखने के लिये सीबीआई दफ्तर पहुंचे जहां उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया और सीबीआई के विशेष जज ए. वी. दवे ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में साबरमती जेल भेज दिया। इससे पहले मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमित शाह का गृहराज्य मंत्री पद से दिये इस्तीफे को स्वीकार कर लिया था।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अमित शाह की पेशी के दौरान सीबीआई ने लोगों के उम्मीद के विपरित शाह की रिमांड की मांग नहीं की। शाह ने मीडिया से कहा कि वे निर्दोष हैं। उनपर लगाये गये सभी आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। शाह ने कहा कि सोहराबुद्दी के घर से 40 से ज्यादा ए के 47 बरामद हुए हैं। उसके साथ गुजरात पुलिस ने जो किया वह सही किया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गुजरात पुलिस ने 2005 में सोहराबुद्दीन को एक एनकाउंटर में मार गिराया और आरोप लगाया कि वह आंतकवादी संगठन लश्कर का आदमी है। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को मारने की योजना बना रहा था। लेकिन यह फर्जी एनकाउंटर था इसकी आशंका तभी होने लगी जब पुलिस ने सोहराबुद्दीन की पत्नी कौसर बी और एनकाउंटर का प्रत्यक्षदर्शी तुलसी प्रजापति को पुलिस ने अगवा कर लिया। पुलिस ने दावा किया कि प्रजापति एक मुठभेड़ में मारा गया। जबकि सोहराबुद्दीन की पत्नी की लाश आज तक नहीं मिली। बताया जाता है कि गुजरात के पुलिस अधिकारी ने उसे मारकर जला कर उसकी राख को बिखेर दिया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस फर्जी एनकाउंटर के मामले में गुजरात और राजस्थान के 14 पुलिस अधिकारी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। एनकाउंटर के फर्जी होने का मामला जैसे हीं सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने ये पूरा मामला सीबीआई को सौप दिया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;शाह के खिलाफ हत्या, जबरन वसूली और आपराधिक षडयंत्र के आरोप हैं, सोहराबुद्दीन पहले शाह के लिये हीं काम करता था।&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में शामिल गृहराज्यमंत्री अमित शाह एक्सटॉर्शन रैकेट चलाते थे। वह एक खूंखार गिरोह के सरगना था। सोहराबुद्दीन शाह का हीं खास गुर्गा था। सोहराबुद्दीन एन्काउटर मामले में सीबीआई ने अपने चार्जशीज में शाह के खिलाफ हत्या, आपराधिक षडयंत्र, अपहरण और जबरन वसूली के आरोप लगाये हैं।&lt;br /&gt;शाह के कोर ग्रूप में चार लोग बताये जातै हैं खुद अमित शाह, तत्कालीन डीआईजी डी जी बंजारा, डीसीपी अभय चुडस्मा और सोहराबुद्दीन। अमित शाह अपराध का योजना बनाता, उसे अंजाम तक पहुंचाता था सोहराबुद्दीन और पुलिस प्रोटेक्शन या दूसरे गिरोह का खात्मा का काम डीआईजी बंजारा और डीसीपी चुडस्मा के जिम्मे था। सीबीआई ने इन अपने चार्जशीट में इन चारों का उल्लेख किया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सोहराबुद्दीन का शाह से अलग होना&lt;/strong&gt; -&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;समय बीतने के साथ सोहराबुद्दीन ने शाह को खबर किये बिना हीं अपहरण और वसूली जैसे मामले को अंजाम देने लगा। उसने राजस्थान के कई मार्बल व्यापारियो से पैसे वसुले। उनमें से कई व्यापारी बीजपी से जुड़े थे और उन दिनों राजस्थान में बीजेपी की सरकार थी। यहीं से शाह और सोहराबुद्दीन के रिश्ते में तनाव आ गया। सोहराबुद्दीन को लेकर शाह पर दबाव इतना अधिक था कि उसने आखिरकार सोहराबुद्दीन को सदा के लिये रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सोहराबुद्दीन और प्रजापति&lt;/strong&gt; -&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सोहराबुद्दीन और तुलसी प्रजापति अपराध जगत से जुडे थे। वे लोग वसूली का काम रहे थे। दोनो ने मिलकर एक गैंग बना लिया था। सोहराबुद्दीन साल 2002 में गैंग बनाने के बाद अपने प्रतिद्वंद्वी हामिद लाला की हत्या कर दी। सीबाआई के मुताबिक, सन् 2004 में सोहराबुद्दीन ने राजस्थान के आरके मार्बल्स के मालिक पटनी ब्रदर्स को एक्सटॉर्शन के लिए फोन किया। धमकी दी। पटनी ब्रदर्स के संपंर्क बीजेपी में काफी उपर तक थी। बताया जाता है कि सोहराबुद्दीन को दबाने के लिये शाह पर भारी दबाब पड़ने लगा। बढ़ते दबाव के बीच शाह ने आखिरकार सोहराबुद्दीन को ठिकाने लगाने का फैसला कर लिया। शाह ने इसकी जिम्मेवारी दी पुलिस अधिकारी डी जी बंजारा को।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सोहराबुद्दीन के खिलाफ गुजरात में कोई मामला दर्ज नहीं था, फर्जी केस दर्ज किये गये&lt;/strong&gt; –&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सोहराबुद्दीन के खिलाफ में कोई चार्जशीट दाखिल नहीं था। इसलिये उसे गिरफ्तार करना गुजरात पुलिस के लिये आसान नहीं था। गुजरात पुलिस की जगह यदि शाह पुलिस कहें तो अधिक उपयुक्त होगा। सोहराबुद्दीन को ठिकाने लगाने के लिये शाह हर कोशिश करनी शुरू कर दी। इसी बीच शाह ने पुलिस अधिकारी बंजारा को सोहराबुद्दीन के खात्मे की कामन सौंपी। सबसे पहले बंजारा ने पुलिस क्राइम ब्रांच के चीफ अभय चुडस्मा से संपंर्क कर उसे पूरी जानकारी दी और सोहराबुद्दीन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इसके बीच सोहराबुद्दीन को निपटाने की तैयारी शुरू हो गई।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सोहराबुद्दीन को पकडने के लिये चुडस्मा ने उसके सहयोगी प्रजापति से संपंर्क किया। और सोहराबुद्दीन के बारे में कब कहां मिलेगा जानकारी मांगी। साथ हीं प्रजापति को पुलिस अधिकारी चुडस्मा ने आश्वासन दिया कि वह उसकी ह्त्या नहीं करेगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सोहराबुद्दीन, कैसर बी और प्रजापति की हत्या&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;बंजारा ने प्रजापति को भरोसा दिलाया कि पॉलिटिकल दबाव के तहत उसे सिर्फ गिरफ्तार करना है एन्काउंटर नहीं। बंजारा के विश्वास दिलाने के प्रजापति ने पुलिस को सोहराबुद्दीन का पता-ठिकाना बता दिया। गुजरात पुलिस के दोनो अधिकारी बंजारा और चुडस्मा ने एक लोकल व्यापारी से क्वॉलिस लिया। दोनो अधिकारी को पता चल गया था कि किस बस में सोहराबुद्दीन अपनी पत्नी और तुलसी प्रजापति के साथ सफर कर रहा था। पुलिस टीम ने डिंगोला के पास बस को रूकवाया और सोहराबुद्दीन को बस नीचे उतरने को कहा। सोहराबुद्दीन की पत्नी कौसर बी भी उसके साथ जाने के लिये जिद्द करने लगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस बीच गुजरात पुलिस ने प्रजापति को एक पुराने केस के मामले में राजस्थान भेज दिया और इधर सोहराबुद्दीन की हत्या कर दी गई और उसे एन्काउंटर का नाम दिया गया। बाद में सोहराबुद्दीन की पत्नी कौसर बी की भी हत्या कर दी गई। कौसर की लाश को इलोलो में जला दी गई। इललोलो डीआईजी बंजारा का होमटाउन है। यहीं पर उसकी अस्थियां नर्मदा नदी में बहा दी गई ताकि किसी को कुछ भी मालूम न पड़े। सीबीआई के चार्जशीट में ये सारी बातें उल्लेखित है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चार्जशीट के मुताबिक सोहराबुद्दीन के भाई रुबाबुद्दीन ने उसके भाई की हत्या की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इसके बाद चुडस्मा ने केस वापस लेने के लिए उसे 50 लाख रुपये का लालच दिया। जब रुबाबुद्दीन ने इनकार कर दिया तो चुडस्मा ने उसे जान से मारने की धमकी दी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;अमीन बने सरकारी गवाह, शाह की मुश्किलें बढ़ीं&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी अमित शाह की मुश्किलें अभी और बढ़ने वाली हैं। सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर मामले में ही जेल में बंद क्राइम ब्रांच के पूर्व एसीपी एन.के. अमीन ने सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई है। इस बात की जानकारी अमीन के वकील जगदीश रमानी ने दी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गौरतलब है कि एसीपी अमीन के साथ-साथ आईपीएस अधिकारी डी. जी. बंजारा और आर. के. पांड्या को भी गिरफ्तार किया गया था। अमीन को सोहराबुद्दीन और उसकी पत्नी कौसर बी के अपहरण के मामले में एक गवाह के बयान के आधार पर 2007 में गिरफ्तार किया गया था। बाद में सीबीआई ने इस साल मई में डीसीपी (क्राइम)अभय चुडस्मा को गरिफ्तार किया था और गुजरात कैडर के 6 आईपीएस अधिकारियों को समन भेजकर पूछताछ की थी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सीबीआई कांग्रेस जांच ब्यूरो नहीं – प्रधानमंत्री&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;अमित शाह के गिरफ्तारी को लेकर बीजेपी लगातार यह कहते आ रही थी कि यह सबकुछ राजनीतिक षडयंत्र का हिस्सा है। लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए साफ कर दिया कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट की देख-रेख में हो रहा है। विपक्ष इसे अच्छी तरह जानता है। इसमें केंद्र सरकार की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) 'कांगेस जांच ब्यूरो' नहीं है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-1504422873966120802?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/1504422873966120802/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=1504422873966120802' title='2 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/1504422873966120802'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/1504422873966120802'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/07/blog-post_26.html' title='सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में गुजरात के मंत्री शाह पहुंचे सलाखों के पीछे। सोहराबुद्दीन शाह का हीं गुर्गा था।'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>2</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-6505479428342317102</id><published>2010-07-15T18:13:00.000+05:30</published><updated>2010-07-15T18:15:20.173+05:30</updated><title type='text'>एक व्यंग्य - नितिन गडकरी ने हिंदी भाषी नेताओं को गाली देने में अपने दोस्त राज ठाकरे को भी पीछे छोड़ दिया।</title><content type='html'>महाराष्ट्र के दो नेता और दोनो हीं दोस्त हैं। और दोनो हीं अपने-अपने पार्टी के अध्यक्ष हैं। आप समझे क्या कि ये कौन हैं? ये हैं बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी और एमएनएस के अध्यक्ष राज ठाकरे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;लोग मजाक करने लगे हैं कि दोनों दोस्तों में एक बार बाजी लगा था कि उत्तर भारतीयों को कौन अधिक से अधिक गाली दे सकता है। इस मामले में शुरू शूरू में एमएनएस नेता राज ठाकरे ने नितिन गडकरी को काफी पीछे छोड दिया। देश भर में हंगामा हुआ। महाराष्ट्र के कई इलाकों में उत्तर भारतीयों की जमकर पीटाई हुई। राज ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनियां गांधी से लेकर राजद नेता लालू यादव और सपा नेता मुलायम सिंह और तत्कालीन सपा नेता अमर सिंह को खूब खरी खोटी सुनाई। नकारात्मक प्रचार को लेकर राज चर्चित हो गये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;यही बात राज ठाकरे के मित्र नितिन गडकरी को खल गया कि मैं उनसे कैसे पीछे हो गया। फिर उन्होंने चाल चली बीजेपी के नेतृत्व स्तर की आपसी लड़ाई का फायदा उठातचे हुए आरएसएस की मदद से बीजेपी के अध्यक्ष हो गये। फिर उन्होंने पंजाब में राजद अध्यक्ष लालू यादव और सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के खिलाफ खूब खरी खोटी सुनाया। यहां तक कहा गया कि वे कांग्रेस के तलवे चाटने वाले हैं लेकिन फिर वे थोड़ा डर गये। क्योंकि नितिन गडकरी को महाराष्ट्र के बाहर की राजनीति करनी थी वहां उनकी पीटाई होने की गुजाइंश थी इसलिये उन्होंने माफी मांग ली। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;फिर कुछ समय बाद कांग्रेस के खिलाफ बयान दे दिया। उन्होंने कहा कि क्या कांग्रेस अफजल गुरू का जमाई है। क्या कांग्रेस वालों ने अपनी बेटी दी रखी है अफजल गुरू को। एक अन्य सभा में उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह को औरंगजेब की औलाद कह दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिये वे माफी नहीं मांगेगे। उनके इस बयान से नितिन का सीना चौड़ा हो गया। उसने राज ठाकरे को मुंह चिढाने वाला कारनामा कर दिखाय था। यानी राज ठाकरे ने जो भी दुषित बयान दिया वो महाराष्ट्र में दिया जहां वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। वहीं नितिन गडकरी ने उतर भारत के गढ में घुस कर उत्तर भारतीय नेताओं को गाली दी। यहां पर वे उत्तर भारतीयों को गाली देने में राज को भी पीछे छोड़ दिया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नितिन गडकरी कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह को भी गाली देकर अपना कॉलर टाईट कर रहे थे क्योंकि राज ठाकरे ने भी मध्य प्रदेश के नेताओं को गाली नहीं दे पाये थे क्योंकि मध्यप्रदेश में मराठी बड़ी संख्या में रहते हैं। और राज का पूर्वज भी मध्य प्रदेश में रहते थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बहरहाल यह तो मानना पड़ेगा कि बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने हिंदी भाषी नेताओं को गाली देने में  एमएनएस नेता राज ठाकरे को भी पीछे छोड़ दिया।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-6505479428342317102?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/6505479428342317102/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=6505479428342317102' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/6505479428342317102'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/6505479428342317102'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/07/blog-post_2012.html' title='एक व्यंग्य - नितिन गडकरी ने हिंदी भाषी नेताओं को गाली देने में अपने दोस्त राज ठाकरे को भी पीछे छोड़ दिया।'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-89215601099138555</id><published>2010-07-15T16:22:00.003+05:30</published><updated>2010-07-15T16:26:16.194+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='राजनीति'/><title type='text'>मैं तो श्री बलभद्र सिंह की औलाद हूं लेकिन गडकरी जी आप किसकी औलाद हैं महाराणा प्रताप की या शिवाजी की – दिग्विजय सिंह</title><content type='html'>बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी की टिप्पणी से कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह बेहद नाराज हैं। वे काफी गुस्से में है। उनका गुस्सा करना लाजिमी है। कांग्रेस महासचिव ने नितिन गडकरी पर उसी की भाषा में पलटवार करते हुए पूछा है कि बीजेपी अध्यक्ष को यह बताना चाहिये कि वे किसके औलाद है शिवाजी महाराज के या महाराणा प्रताप के।&lt;br /&gt;श्री सिंह ने इंदौर प्रेस क्लब में संवाददाताओं से कहा, ‘‘माननीय नितिन गडकरी जी ने मेरी वल्दियत पर सवाल उठाते हुए कहा कि मैं शिवाजी की औलाद हूं या औरंगजेब की। मैं तो श्री बलभद्र सिंह की औलाद हूं.’’ मेरा संबंध मध्यप्रदेश की पूर्व राघौगढ़ रियासत के राजवंश से है। लेकिन गडकरी जी आपका। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भाजपा की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष प्रभात झा को भी निशाने पर लिया, जिनके साथ उनका हालिया ‘पत्र युद्ध’ काफी चर्चा में रहा था। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा ‘‘गडकरी और झा के इस्तेमाल किए जाने वाले शब्दों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्कारों और संस्कृति का पता चलता है.’’&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी से उनके हीं पार्टी के लोग कन्नी काटने लगे हैं। उनके साथ एक मंच शेयर करने में संकोच महूसूस करते हैं। बीजेपी नेताओ को लगता है कि उनके साथ यदि एक मंच पर आये तो सबसे पहले यही डर लगता है कि वे न जाने कब क्या कह जायें। और गडकरी जी के साथ साथ उनकी भी छवि खराब हो जायेगी। लेकिन आरएसएस के कारण उनकी मजबूरी है कि वे गडकरी जी को अपना नेता माने।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;4 जुलाई की बात है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पहली बार बीजेपी अध्यक्ष की सभा होने वाली थी। बताया जाता है कि उनकी सभा में सिर्फ एक सौ लोग हीं जुटे होंगे। उसमें भी लाज बचाने के लिये चालीस से पाचस कार्यकर्ता तो आरएसएस के सदस्य थे। राज्य के महत्वपूर्ण नेताओं ने भी उन्हें महत्व नहीं दिया। आप सोच सकते हैं एक ऐसी पार्टी जो संसद में मुख्य विपक्ष की भूमिका है। कई राज्यों में बीजेपी की सरकार है। उसके पीछे आरएसएस जैसे संघटन है, इसके बावजूद उस पार्टी के नेता नितिन गडकरी को सुनने मुठ्ठी भर लोग हीं पहुंचे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दिग्विजय जी आपका गुस्सा जायज है लेकिन आप भी नितिन गडकरी के तरह बयान देंगे तो उचित नहीं है। कीचड़ में पत्थर फैकियेगा तो छींटा आपको भी पड़ेगा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-89215601099138555?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/89215601099138555/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=89215601099138555' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/89215601099138555'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/89215601099138555'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/07/blog-post_15.html' title='मैं तो श्री बलभद्र सिंह की औलाद हूं लेकिन गडकरी जी आप किसकी औलाद हैं महाराणा प्रताप की या शिवाजी की – दिग्विजय सिंह'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-7003721938717151386</id><published>2010-07-13T18:44:00.003+05:30</published><updated>2010-07-13T18:49:53.524+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='राजनीति'/><title type='text'>दिग्विजय सिंह औरंगजेब के औलाद हैं – नितिन गडकरी</title><content type='html'>&lt;div&gt;&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TDxnNaUU_sI/AAAAAAAABQc/AdyDG2XNsdE/s1600/Nitin+g.jpg"&gt;&lt;/a&gt;आरएसएस का प्रतिनिधित्व करने वाले बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी ब्राहम्णवादी &lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TDxnYdBVGFI/AAAAAAAABQk/JDCxPo748tY/s1600/Nitin+g.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5493379315289888850" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 92px; CURSOR: hand; HEIGHT: 68px" alt="" src="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TDxnYdBVGFI/AAAAAAAABQk/JDCxPo748tY/s200/Nitin+g.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;मानसिकता से ग्रस्त हैं। वे सोचते हैं कि उन्होंने जो कहा वह सही कहा। अभी हालहीं में उन्होंने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को औरंगजेब का औलाद कह दिया। इसका अर्थ सभी जानते हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आईये नजर डालते हैं भाजपा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष गडकरी के तीन बयानों पर – 1. राज&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TDxnBTBV6tI/AAAAAAAABQU/EKS9Atwb0Qs/s1600/Digvijay.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5493378917468596946" style="FLOAT: right; MARGIN: 0px 0px 10px 10px; WIDTH: 115px; CURSOR: hand; HEIGHT: 124px" alt="" src="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TDxnBTBV6tI/AAAAAAAABQU/EKS9Atwb0Qs/s200/Digvijay.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;द अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव कांग्रेस के तलवे चाटते हैं। 2. संसद हमले का दोषी अफजल गुरू क्या कांग्रेस का दामाद है? क्या कांग्रेस वालों ने अपनी बेटी दी है? 3. कांग्रेस के वरिष्ट नेता दिग्विजय सिंह मुगल बादशाह औरंगजेब की औलाद है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ये तीनो बयान असंसदीय है। एक राष्ट्रीय पार्टी के नेता को इस प्रकार के बयान नहीं देने चाहिये। लेकिन वे लगातार इस तरह के बयान दे रहें हैं जो असंसदीय है। आखिर क्यो?&lt;br /&gt;इसके दो कारण हो सकते हैं – 1. या तो वे अभी राष्ट्रीय राजनीति के लायक नहीं थे उन्हें इतना बड़े पद पर बैठा दिया गया और वे अपनी पद की गरिमा को समझ नहीं पाये। 2. या जान बूझ कर एक रणनीति के तहत वे इस तरह का बयान दे रहे हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उनके बयान को लेकर मीडिया जगत में विचार मंथन शुरू हो गया है। आखिर राजद अध्यक्ष लालू यादव के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने के बाद माफी मांगना। फिर कुछ समय बाद कांग्रेस के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करना और थोडे समय बाद सीधे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को औरंगजेब की औलाद कहना और माफी मांगने से इंकार करने को, राजनीतिक विश्लेषक अपने नजरीये से देखने लगे हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;राजनीतिक अर्थ -&lt;br /&gt;नितिन गडकरी ने लालू से माफी क्यों मांगी?&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;दरअसल बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और मुलायम सिंह यादव के खिलाफ जमकर असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया था। और देशभर में इसकी प्रतिक्रिया हुई थी। बाद में माफी मांग ली। जानकार बताते हैं कि आरएसएस के कुछ नेताओं का मानना है कि लालू-मुलायम राजनीतिक तौर पर एक बड़ी ताकत तो हैं हीं। और पिछड़ो के नेता माने जाते हैं। उनपर इस प्रकार के हमले का मतलब है पिछड़े वर्ग के जो लोग बीजेपी से जुड़े हैं, वे बीजेपी से कटने लगेगें। क्योंकि वे पहले से हीं बीजेपी से नाराज है क्योंकि बीजेपी ने पिछड़े वर्ग के बीजेपी नेता कल्याण सिंह और उमा भारती को किनारा कर दिया है। दूसरा वे दोनो हीं आक्रमक हैं ऐसे में बिहार और उत्तर प्रदेश में नितिन गडकरी के लिये सभा या रैली करना मुश्किल भरा होगा। इसलिये आरएसएस की सलाह पर नितिन गडकरी ने बिना देर किये माफी मांग ली।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस और दिग्विजय सिंह पर हमला क्यों?&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;देश भर में बीजेपी का मुकाबला कांग्रेस से है। इसलिये कांग्रेस पर उनका राजनीतिक हमला करना वाजिब है। लेकिन इस तरह के असंसदीय भाषा के साथ नितिन गडकरी इस्तेमाल करेंगे यह कोई सोचा नहीं था। उनका असंसदीय भाषा कांग्रेस पर था उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया था। लेकिन उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ट नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल कर सारी हदें पार कर दी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;दिग्विजय सिंह को औरंगजेब का औलाद क्यों कहा?&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;नितिन गडकरी आरएसएस से जुड़े हैं। आरएसएस ब्राहम्ण जाति का प्रतिनिधित्व करता है। नितिन गडकरी भी ब्राहम्ण हैं। राजनीतिक तौर पर आरएसएस के लिये राजपूत जाति का कोई खास महत्व नहीं है। उनके लिये राजपूत से अधिक दलित और आदिवासी अधिक प्रिये है। आरएसएस राजपूत जाति का इस्तेमाल सिर्फ लठैतों के तौर पर करता रहा है। पहले एक जमाना था जब चुनाव में बूथ लुटने का काम हो या दंगे करवाने का। ऐसे में वे राजपूत जाति से जुड़े नेताओं का गुणगान करते और दंगल में उतार देते थे। लेकिन अब इन दोनों हीं काम के लिये राजपूत जाति उपयुक्त नहीं रहा। क्योंकि चुनाव तगड़े सुरक्षा निगरानी में होने लगे हैं। मंडल-कमंडल के बाद राज्यों की सरकारों में पिछड़े नेताओं का दबदबा है। बीजेपी अध्यक्ष गडकरी महाराष्ट्र के हैं और महाराष्ट्र में राजपूत जाति का कोई वजूद नहीं है।&lt;br /&gt;नितिन गडकरी यह भी जानते हैं राजनीति में अब राजपूत जाति का उतना महत्व नहीं है जितना अन्य वर्ग के लोगों का। यदि राजपूत जाति नेतृत्व स्तर पर बढता है तो वह ब्राहम्ण वर्ग का हिस्सा काटेगा। राजनीतिक गलियारों में यह भी कहा जा रहा है कि बीजेपी अध्यक्ष गडकरी ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को औरंगजेब की औलाद कह कर बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह समेत तमाम राजपूत जाति को नीचा दिखाया है। राजनाथ सिंह को सिर्फ एक मोहरे के रूप बीजेपी अध्यक्ष बनाया गया था। और जसवंत सिंह को सिर्फ इस्तेमाल करने के लिये बीजेपी में लाया गया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;बहरहाल,&lt;/strong&gt; बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष हैं। उन्हें संभल कर कोई बयान देना चाहिये। विराधी दल के अध्यक्ष का एक विशेष महत्व होता है। इस प्रकार की भाषा लोकतंत्र के लिये अच्छा नहीं है। &lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-7003721938717151386?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/7003721938717151386/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=7003721938717151386' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/7003721938717151386'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/7003721938717151386'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/07/blog-post_13.html' title='दिग्विजय सिंह औरंगजेब के औलाद हैं – नितिन गडकरी'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TDxnYdBVGFI/AAAAAAAABQk/JDCxPo748tY/s72-c/Nitin+g.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-4083854776874904210</id><published>2010-07-09T16:33:00.003+05:30</published><updated>2010-07-09T16:39:45.338+05:30</updated><title type='text'>गडकरी जी मजबूत विपक्ष की भूमिका फूहड बयान से नहीं चलेगा।</title><content type='html'>बीजेपी एक राष्ट्री&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TDcCf0PNVQI/AAAAAAAABQM/FSgokkc_UzQ/s1600/Gadkari.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5491861016223241474" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 135px; CURSOR: hand; HEIGHT: 200px" alt="" src="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TDcCf0PNVQI/AAAAAAAABQM/FSgokkc_UzQ/s200/Gadkari.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;य पार्टी है लेकिन उसके अध्यक्ष नितिन गडकरी के बयान बहुत हीं फूहड़ है। उन्होंने 8 जुलाई को एक सभा में कहा कि अफजल गुरू कांग्रेस का दामाद है। क्या कांग्रेस वालों ने उसे अपनी बेटी दी है। इस पर गडकरी जी का कहना है कि वे माफी नहीं मांगेगे। उन्होने जो कहा सही कहा। इस तरह का बयान एक राष्ट्रीय अध्यक्ष के जुबान से अच्छा नहीं लगता। यह कोई पहला मौका नहीं है इससे पहले भी उन्होंने आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव के लिये अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला और कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। राजीव शुक्ला का कहना है कि अफजल गुरू संसद हमले का दोषी है। यह घटना जब हुई तब बीजेपी की सरकार थी केंद्र में। तब उन्होंने फांसी पर क्यों नहीं लटका दिया। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि बीजेपी के सम्माननीय अध्यक्ष पूरी तरह से 'मानसिक रोगी' हो गए हैं, इसलिए वे क्या बोल रहे हैं उन्हें खुद नहीं मालूम।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बहरहाल बीजेपी अध्यक्ष गडकरी के इस तरह के बयान से खुद बीजेपी के वरिष्ठ नेता सहमत नहीं है। लेकिन वह खुलकर कुछ नहीं कहना चाहते क्योंकि बीजेपी अध्यक्ष गडकरी आरएसएस के प्रतिनिधि हैं बीजेपी में। बताया जाता है कि एक कॉर्पोरेटर स्तर के नेता को राष्ट्रीय स्तर की पार्टी का अध्यक्ष आरएसएस ने हीं बनवाया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इसमें गडकरी जी का भी कोई खास दोष नहीं है। क्योंकि वे इस स्तर के नेता होंगे वे कभी सोचे भी नहीं थे। उनका आचरण लोकल स्तर का था उसी स्तर की राजनीति की। वैसे हीं भाषा का इस्तेमाल करने वाले लोग उनके सर्किल में हैं। वे इस तरह की बातचीत के आदि हैं। उन्हें ये सब गलत नहीं लगता। लेकिन अब वे क्या करें। आरएसएस ने उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनवा दिया। वे संभलकर बोलने की कोशिश करते हैं लेकिन औच्छी हरकत की आदी रह चुके गडकरी जी कभी कभी अपने असली रूप में आ जाते हैं। अब उनकी सच्चाई छुप नहीं पाती। क्योंकि राष्ट्रीय स्तर का ओहदा पाने के बाद मीडिया की नजर उनपर हमेशा बनी रहती है और वे अपने बुराइयों के लिये चर्चा में आ जाते हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गडकरी जी आप अपने व्यवहार में सुधार लाये। इस समय देश को एक मजबूत विपक्ष की जरूरत है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-4083854776874904210?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/4083854776874904210/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=4083854776874904210' title='3 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/4083854776874904210'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/4083854776874904210'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/07/blog-post_09.html' title='गडकरी जी मजबूत विपक्ष की भूमिका फूहड बयान से नहीं चलेगा।'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TDcCf0PNVQI/AAAAAAAABQM/FSgokkc_UzQ/s72-c/Gadkari.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>3</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-1291850462077652442</id><published>2010-07-08T14:19:00.002+05:30</published><updated>2010-07-08T14:22:22.542+05:30</updated><title type='text'>जातीय व्यवस्था खत्म करने के लिये अगड़ी जातियों को हीं पहल करनी होगी - कृष्ण किशोर पांडे</title><content type='html'>जब कभी भी भारतीय राजनीति के बारे में चर्चा होगी तो जातीय राजनीति की चर्चा किये बिना पूर्ण राजनीति की चर्चा संभव नहीं है। मंडल-कंमडल की राजनीति के बाद भारतीय राजनीति के बदलाव के बारे में बहुत कुछ लिखा गया लेकिन आधे सच के साथ। कुछ लोगो ने सच्चाई के साथ लेखन किया। लेकिन उनकी लेखन पर भी दबाव पड़ने लगा।  दैनिक हिन्दुस्तान में वरिष्ठ सहायक संपादक रहे कृष्ण किशोर पांडे जी ने अपने लेखन में कई बार समाज के बदलते राजनीति की ओर इशारा किया लेकिन लोग उसे मानने से इंकार करते रहे। उनका कहना था कि समाज के अगडे वर्ग को पिछडे वर्ग के लिये खुलकर ईमानदारी से काम करना चाहिये और उसी प्रकार समाज के कमजोर वर्ग को अगड़े समाज के लिये खुलकर ईमानदारी से काम करना चाहिये। नहीं तो समाज का विकास संभव नहीं है। इसमें पहल अगड़े समाज को हीं करना होगा क्योंकि हालात को बिगाड़ने मे अगड़े समाज का ही हाथ रहा है। यदि ऐसा नहीं होता है तो आने वाले दिनों में समाज का सबसे ताकतवर अगड़ा समाज, सबसे कमजोर हो जाये तो आश्चर्य नहीं करना चाहिये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कृष्ण किशोर पांडे जी की बात धीरे-धीरे सच लगने लगी है। वे हमेशा देश और समाज के उज्जवल भविष्य के लिये हीं चिंता करते रहे। अपनी लेखन से लोगों को मार्ग दर्शन देते रहे। इसके लिये श्री पांडे जी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लोग उन्हें भी मंडलवादी कहने लगे। लेकिन वे किसी की भी प्रवाह नहीं की। उन्होंने वही किया जो देश और समाज के हित में रहा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;मंडल-कमंडल&lt;/strong&gt;  -&lt;br /&gt;मंडल-कमंडल के दौर में जब देश झुलस रहा था तब श्री पांडे ने कहा था कि यह सब कुछ देश के लिये अच्छा नहीं है। और जिस दुषित मानसिकता के साथ विरोध को अंजाम दिया जा रहा है उससे यही लगता है कि अगड़ा समाज खुद हीं अपने पैर में कुल्हाडी मार रहा है। उसी दौर में उन्होंने कहा था कि एक दिन ऐसा समय जल्द हीं आने वाला है कि अगड़ा समाज खुद हीं अपमानित होने लगेगा। और राजनीति के हाशिये पर धकेल दिये जायेगें।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उनकी भविष्यवाणी धीरे धीरे सच होने लगने लगी है। एक समय था कि जब केंद्र सरकार से लेकर देश अधिकांश राज्यों में उच्च वर्ग का दबदबा था। अधिकांश राज्यों में मुख्यमंत्री अगड़े समाज के हीं होते थे। केंद्रीय मंत्रियों में अगड़े समाज के नेता हीं दिखते थे लेकिन मंडल-कंमडल की ने सारे राजनीति परिदृश्य हीं बदल दिया है। आज लोग यह गिनते हैं कि किसी राज्य में कोई अगड़ा मुख्यमंत्री है या नहीं। झारखंड, बिहार, यूपी, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रेदश, आदि राज्यों पर नजर दौडायें तो हर जगह आपको पिछड़े वर्ग के हीं मुख्यमंत्री दिखेंगे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;निष्कर्ष&lt;/strong&gt; – श्री कृष्ण किशोर पांडे जी का कहना था कि यदि आप जहर की फसल पैदा करेंगे तो जहर हीं मिलेगा अमृत नहीं। समाज के अधिकांश अगड़े वर्ग के लोगो ने जातीय व्यवस्था को बनाये रखा और पिछड़े-दलित-आदिवासी समुदाय के लिये काम नहीं किया। उन्हें आगे नहीं बढने दिया। नतीजा जब राजनीति ने करवट ली तो अगड़े समाज के सभी बड़े नेता धाराशायी हो गये। अभी भी समय है कि जातीय कटुता को छोड़ अगड़े समाज के लोग खुलकर कमजोर समाज के लिये काम करें तभी आप समाज की धारा में बने रहेंगे अन्यथा जिस प्रकार पिछड़े समाज के साथ हुआ वही हाल अगड़े समाज का होगा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-1291850462077652442?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/1291850462077652442/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=1291850462077652442' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/1291850462077652442'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/1291850462077652442'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/07/blog-post_08.html' title='जातीय व्यवस्था खत्म करने के लिये अगड़ी जातियों को हीं पहल करनी होगी - कृष्ण किशोर पांडे'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-638386339391803516</id><published>2010-07-07T19:47:00.003+05:30</published><updated>2010-07-07T19:55:43.209+05:30</updated><title type='text'>साक्षी पहुंची ससुराल, रांची में जबरदस्त स्वागत</title><content type='html'>भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और उनकी पत्नी साक्षी रांची पहुंच गये है। आज यानी 7 जुलाई को महेंद्र सिंह धोनी का जन्म दिन भी है। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रांची पहुंचे साक्षी-धोनी का रांची में उनके प्रशसकों ने शानदार स्वागत किया। और साक्षी-धोनी दोनो ने हीं हाथ हिलाकार अपने प्रशसकों का बधाई स्वीकार किया। घर पहुंचने पर उनकी मां देवकी देवी और बहन जयंती ने घर में आई नई दुल्हन साक्षी और धोनी की परंपरा अनुसार आरती उतारी। महेंद्र सिंह धोनी के विवाह में उनके घनिष्ट मित्र और झारखंड के पूर्व गृहमंत्री सुदेश महतो भी देहरादुन पहुंचे थे। &lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5491170254555653938" style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; WIDTH: 196px; CURSOR: hand; HEIGHT: 200px; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TDSOQMf7JzI/AAAAAAAABP8/M1MCSBEZ_J0/s200/Dhoni+ranchi.jpg" border="0" /&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5491169823245251650" style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; WIDTH: 200px; CURSOR: hand; HEIGHT: 160px; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TDSN3FvgtEI/AAAAAAAABP0/fjt3Sromx0U/s200/dhoni+m+1.jpg" border="0" /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-638386339391803516?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/638386339391803516/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=638386339391803516' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/638386339391803516'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/638386339391803516'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/07/blog-post_07.html' title='साक्षी पहुंची ससुराल, रांची में जबरदस्त स्वागत'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TDSOQMf7JzI/AAAAAAAABP8/M1MCSBEZ_J0/s72-c/Dhoni+ranchi.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-7932478418062626728</id><published>2010-07-06T15:58:00.004+05:30</published><updated>2010-07-06T16:18:45.924+05:30</updated><title type='text'>साक्षी संग माही ने पूरे किये सात फेरे।</title><content type='html'>भारतीय क्रिकेट टीम के &lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TDMFi8n4DBI/AAAAAAAABPs/mNBG1xPSxfM/s1600/dhoni+marrigae.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5490738468641836050" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 200px; CURSOR: hand; HEIGHT: 150px" alt="" src="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TDMFi8n4DBI/AAAAAAAABPs/mNBG1xPSxfM/s200/dhoni+marrigae.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 4 जुलाई को देहरादून में अपनी बचपन की दोस्त साक्षी से विवाह कर लिया। जब साक्षी महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में होटल मैनैजमेंट की पढाई कर रहीं थी तब धोनी ने उनसे मिलने के लिये औरंगाबाद गये थे, घूमे-फिरे थे। इस बात की मीडिया में चर्चा खूब हुई थी। उस समय लोग यही कहते थे कि ....जबतक पूरे नाहीं फेरे सात तबतक दुल्हिन नाहीं दूल्हा की। लेकिन अब साक्षी के सात महेंद्र सिंह धोनी के सात फेरे हो चुके हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इसकी खबर मिलते हीं रांची में उनके प्रशंसको ने जमकर खुशियां मनाई और मिठाईयां बांटी और पटाखे जलाये। धोनी ने अपनी सगाई और शादी बडे हीं गुपचुप और सादगी तरीके से की। बताया जाता है कि धोनी शनिवार को गुपचुप ढंग से रांची से देहरादून पहुंचे और सगाई की रस्म अदा की गई। सगाई में धोनी के माता -पिता के साथ हीं साक्षी के माता-पिता और कुछ खास दोस्त ही शामिल हुए। इस विवाह को गोपनीय बनाने के लिये पुलिस के नेटवर्क का भी सहारा लिया। धोनी की जिस जगह पर शादी हुई वह जगह देहरादून शहर से लगभग 25 किमी दूर जंगल से घिरे विश्रांति रिज़ॉर्ट में हुई। यहां सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;विवाह में दोनों परिवारों के अलावा करीबी रिश्तेदार और नजदीकी दोस्त ही बुलाए गए। उनके शादी में भारतीय क्रिकेट टीम के हरभजन सिंह, आशिष नेहरा, सुरेश रैना, रोहित शर्मा, पीयुष चावला बधाई देने पहुंचे। साथ हीं सबसे स्पेशल अपीयरेंस दी बॉलिवुड स्टार जॉन अब्राहम और कोरियोग्राफर फाराह खान ने। चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक और बीसीसीआई के सेक्रेटरी एन .श्रीनिवासन के अलावा बीसीसीआई प्रेजिडेंट शशांक मनोहर भी शादी में पहुंचे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;धोनी और साक्षी रांची के श्यामली स्थित डीएवी में साथ में पढ़ते थे। दोनों बचपन से ही एक - दूसरे के दोस्त रहे हैं। दोनो के पिता यहीं नौकरी भी करते साथ साथ करते थे। रिटायरमेंट के बाद साक्षा के पिता वापस देहरादून में जाकर बस गये। बहरहाल शादी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के तगड़े इंतजाम थे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-7932478418062626728?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/7932478418062626728/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=7932478418062626728' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/7932478418062626728'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/7932478418062626728'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/07/blog-post_06.html' title='साक्षी संग माही ने पूरे किये सात फेरे।'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TDMFi8n4DBI/AAAAAAAABPs/mNBG1xPSxfM/s72-c/dhoni+marrigae.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-1427237851820415785</id><published>2010-07-01T14:12:00.007+05:30</published><updated>2010-07-01T14:38:27.273+05:30</updated><title type='text'>सीईओ उदय शंकर के नेतृत्व में स्टार प्लस की लोकप्रियता देश-विदेश में सर्वोच्च स्थान पर</title><content type='html'>&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TCxWwrK182I/AAAAAAAABPk/OF8Wy7QBQUY/s1600/US+3.jpg"&gt;&lt;/a&gt;हिंदी मनोरंजन चैनलों की दुनियां में स्टार प्लस ने धूम मचा दी है। नंबर वन की पॉजिशन पर &lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TCxWGeY1aTI/AAAAAAAABPU/2TxP7UA_vKk/s1600/US.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5488856715094223154" style="FLOAT: right; MARGIN: 0px 0px 10px 10px; WIDTH: 78px; CURSOR: hand; HEIGHT: 104px" alt="" src="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TCxWGeY1aTI/AAAAAAAABPU/2TxP7UA_vKk/s200/US.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;स्टार प्लस एक बार फिर मजबूती से पहुंच गया है। चैनल का लोगो का रंग भी बदल गया है। नया लोगो रूबी रेड रंग का है, जिसने चैनल के लूक मे चार चांद लगा दिया। स्टार प्लस के चार शो प्रतिज्ञा, बिदाई, ये रिश्ता क्या कहलाता है और तेरे लिये जैसे सिरीयल की लोकप्रियता लगातार बढती जा रही है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;स्टार प्लस समेत स्टार ग्रूप की लोकप्रियता में लगातार हो रहे इजाफा के पीछे स्टार इंडिया के सीईओ उदय शंकर के अथक मेहनत और शानदार आइडिया का कमाल है। मीडिया और टीवी जगत में वे एक ऐसा नाम है जो स्क्रिन पर कभी-कभार हीं आयें होंगे लेकिन इस नाम से पूरा देश परिचित है। उदय जी के काम करने की क्षमता को सभी लोग सलाम करते हैं। आज वे एशिया के एक हस्ती हैं। यानी वे स्टार ग्रुप के सीईओ हैं। इतने बड़े पद पर रहते हुए भी उनमें अंहकार नाम मात्र को भी नहीं है। वे एशिया के एक मात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो अपने कैरियर की शुरूआत बतौर एक पत्रकार के रूप में शुरू की। और पत्रकारिता की दुनिया में वे सर्वोच्च स्थान पर पहुंचे।&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;उन्होंने&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TCxV4BgAAjI/AAAAAAAABPM/YHrdH5SIzSw/s1600/US+1.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5488856466821481010" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 116px; CURSOR: hand; HEIGHT: 116px" alt="" src="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TCxV4BgAAjI/AAAAAAAABPM/YHrdH5SIzSw/s200/US+1.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt; अपने कैरियर की शुरूआत टाईम्स ऑफ इंडिया से बतौर रिपोर्टर की। उसके बाद उन्होंने पीछे मुड. कर कभी नहीं देखा। सहारा चैनल शुरू होने से पहले वे वहां थे लेकिन इसी बीच उन्हें एक चुनौती मिली आजतक से। आजतक को ऐसे संपादक की जरूरत थी जो 24 घंटे का चैनल लॉच कर सके। इसके लिये बड़ी रकम दाव पर लगने वाली थी। जिस समय आज तक लॉच होना था उस समय के लिये कोई तैयार नहीं था। ऐसे में उदय शंकर ने कमान संभाला और अपनी गुणवता और क्षमता के बल आजतक चैनल को न सिर्फ स्थापित किया बल्कि नंबर वन के स्थान पर ले गये। इसके बाद वे स्टार न्यूज के संपादक बने और स्टार न्यूज को सर्वोच्च स्थान पर ले गये। &lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पत्रकारिता की दुनिया में उनका नाम बड़े हीं सम्मान के साथ लिया जाता है। पत्रकारिता के बाद टीवी मनोरंजन की दुनियां में वे अपना स्थान बनाये। और अब मनोरंजन वर्ल्ड में भी उनका नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाने लगा है। &lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;स्टार इंडिया के सीईओ बनने के बाद उदय जी के लिये मनोरंजन का क्षेत्र एक चुनौती भरा काम था। एक समय था जब टीवी की दुनिया में स्टार प्लस की धूम थी फिर नया चैनल कलर्स ने बाजार में अपनी पकड़ मजबूत की। लेकिन आज उदय जी के शानदार नेतृत्व में स्टार प्लस ने एक बार फिर देश में धूम मचा दी है। स्टार प्लस के कई सिरियल लोगों को जुबान पर हैं। घर-दफ्तर, बस-ट्रैन हर जगह लोगों को स्टार प्लस पर आये सिरियल की चर्चा सुनने को मिल जायेगा। स्टार प्लस ने सभी को पीछे छोड़ते हुए एक फिर रफ्तार पकड़ ली है। &lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-1427237851820415785?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/1427237851820415785/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=1427237851820415785' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/1427237851820415785'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/1427237851820415785'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/07/blog-post.html' title='सीईओ उदय शंकर के नेतृत्व में स्टार प्लस की लोकप्रियता देश-विदेश में सर्वोच्च स्थान पर'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TCxWGeY1aTI/AAAAAAAABPU/2TxP7UA_vKk/s72-c/US.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-6416921315612951926</id><published>2010-06-29T20:39:00.005+05:30</published><updated>2010-06-29T20:45:53.707+05:30</updated><title type='text'>सहारा न्यूज की गुणवता लगातार बढती जा रही है संपादक उपेंद्र के नेतृत्व में।</title><content type='html'>&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TCoN4QmH0aI/AAAAAAAABPE/4MNA8zkNywM/s1600/upen.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5488214356083069346" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 200px; CURSOR: hand; HEIGHT: 181px" alt="" src="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TCoN4QmH0aI/AAAAAAAABPE/4MNA8zkNywM/s200/upen.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt; सहारा न्यूज की गुणवता लगातार बढती जा रही है। पहले समाचार में जितनी गलतियां होती थी अब नहीं के बराबर होती है। देश के बड़े न्यूज चैनल स्टार न्यूज और आजतक को छोड़ दें तो उसके बाद सबसे चर्चित चैनल में सहारा न्जूय का नाम आने लगा है। हर जगह सहारा की गुणवता सुनने को मिल रही है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बताया जाता है कि सहारा न्यूज अपने सकारात्मक समाचार को लेकर जो आज चर्चित है उसके पीछे सहारा न्यूज के संपादक और निदेशक उपेंद्र राय की अथक मेहनत और विचार है। एक समय ऐसी चर्चा थी कि सहारा न्यूज के सीईओ संजीव के इस्तीफे के बाद सहारा न्जूय कमजोर पड़ जायेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बल्कि उसमें और अधिक गुणात्मक परिवर्तन देखने को मिलने लगा है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सहारा से जुड़े लोगों को कहना है कि उपेंद्र के आने के बाद सहारा में काम की रफ्तार तेज हुई है। प्रोडूयसर समाचारों को चैनल पर उतारने पहले क्रॉस चेक करने लगे हैं। इस ओर विशेष ध्यान दिया जाने लगा है कि समाचार ऑन एयर हो तो सही सूचना के साथ। गलत न जान पाये। चैनल के संपादक उपेंद्र टीम वर्क पर अधिक जोर दे रहे हैं। उनके लिये चैनल के हर स्तर पर काम करने वाले लोग महत्वपूर्ण है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उपेंद्र राय देश के सबसे युवा संपादक व निदेशक हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के कई न्यूज ब्रेक किये हैं।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-6416921315612951926?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/6416921315612951926/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=6416921315612951926' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/6416921315612951926'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/6416921315612951926'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/06/blog-post_29.html' title='सहारा न्यूज की गुणवता लगातार बढती जा रही है संपादक उपेंद्र के नेतृत्व में।'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TCoN4QmH0aI/AAAAAAAABPE/4MNA8zkNywM/s72-c/upen.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-9080460845360438081</id><published>2010-06-25T23:27:00.003+05:30</published><updated>2010-06-25T23:38:45.798+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='शिक्षा'/><title type='text'>शिक्षा के क्षेत्र में के.सी.श्रीवास्तव का उल्लेखनीय योगदान, कोल इंडिया के ब्रांड एम्बेस्डर बने।</title><content type='html'>धनबाद डी&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TCTwbVEsxUI/AAAAAAAABO0/JOzhMRD8R2w/s1600/DAV.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5486774598348096834" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 127px; CURSOR: hand; HEIGHT: 127px" alt="" src="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TCTwbVEsxUI/AAAAAAAABO0/JOzhMRD8R2w/s320/DAV.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;.ए.वी पब्लिक स्कूल, कोयला नगर के प्रिंसिपल कैलाश चंद्र श्रीवास्तव की जितनी तारीफ की जाये कम होगा। शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्य को देखते हुए कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन पार्थों भट्टाचार्य ने श्री श्रीवास्तव को कोल इंडिया लिमिटेड का ब्रांड एम्बेस्डर नियुक्त किया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चंडीगढ के शिवालिक पब्लिक स्कूल से बतौर एक शिक्षक कैरियर की शुरवात करने वाले श्री श्रीवास्तव आज शिखर पर हैं। वे डीएवी में प्रिसिंपल होने के साथ साथ निदेशक के पद पर भी हैं। उनके बारे में कहा जाता है कि उनका मकसद हमेशा शिक्षा को आगे बढाने का रहा है। अपने स्कूल के छात्रों के प्रति उनका हमेशा विशेष लगाव रहा है। उनकी कोशिश होती है कि उनके स्कूल का हर छात्र अपने-अपने क्षेत्र के सर्वोच्च स्थान पर पहुंचे। उनके नेतृत्व में अबतक हजारों छात्रों ने इंजीनियरिंग, मेडिकल, टैक्नोलॉजी और फैशन डीजाइन आदि के क्षेत्र में सफलता अर्जित की है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;श्री श्रीवास्तव 1990 में डीएवी ऑर्गेनाइजेशन में आये थे बतौर प्रोजेक्ट स्कूल के प्रिंसिपल के रूप में। तब से लेकर वे लगातार आगे बढते रहे। कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। उनके त्याग को देखते हुए उन्हें समय समय पर पुरूस्कारों से नवाजा जाता रहा है। यहां तक कि सीबीएसी बोर्ड ने भी उन्हें जिम्मेवारियां सौंपी हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;छात्रों में निखार लाने और उनके सामुहिक विकास के लिये वे पढाई-लिखाई के अलावा उनके सेहत और खेल पर भी ध्यान देते रहे हैं। जब कांग्रेस नेता अर्जन सिंह केंद्र में एचआरडी मंत्री थे, उस दौरान उन्होंने श्री श्रीवास्तव को टिचर मेरिट अवार्ड और महात्मा हंसराज अवार्ड से सम्मानित किया। और हाल हीं में कोल इंडिया के अध्यक्ष पार्थों भट्टाचार्या ने श्री श्रीवास्तव को कोल इंडिया का ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया है। ये सब कुछ श्री श्रीवास्तव के शिक्षा के प्रति उल्लेखनीय योगदान को दर्शाता है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-9080460845360438081?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/9080460845360438081/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=9080460845360438081' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/9080460845360438081'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/9080460845360438081'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/06/blog-post.html' title='शिक्षा के क्षेत्र में के.सी.श्रीवास्तव का उल्लेखनीय योगदान, कोल इंडिया के ब्रांड एम्बेस्डर बने।'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/TCTwbVEsxUI/AAAAAAAABO0/JOzhMRD8R2w/s72-c/DAV.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-4779534602274313450</id><published>2010-05-17T17:52:00.004+05:30</published><updated>2010-05-17T18:01:10.767+05:30</updated><title type='text'>मनमोहन-सोनिया-राहुल के नेतृत्व का प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर अधिक ,लेकिन क्षेत्रीय स्तर पर कम।</title><content type='html'>&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S_E2GiK1IKI/AAAAAAAABOs/C0FGQGA9MBU/s1600/congress.png"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5472214508111208610" style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; WIDTH: 320px; CURSOR: hand; HEIGHT: 187px; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S_E2GiK1IKI/AAAAAAAABOs/C0FGQGA9MBU/s320/congress.png" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;strong&gt;प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में यूपीए की सरकार 22 मई को दूसरे साल में प्रवेश कर जायेगी।&lt;/strong&gt; इससे पहले पांच साल का कार्यकाल सफल रहा। लेकिन यहां पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनियां गांधी की तारीफ करनी होगी। आज कांग्रेस की मजबूती के पीछे श्रीमती गांधी का ही हाथ है और किसी का नहीं। दूसरे कार्यकाल के दूसरे साल में प्रवेश करने के मौके पर यहां हम सबसे पहले सत्तापक्ष कांग्रेस की चर्चा करेंगे। इसके बाद विरोधी दलों की।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सत्तापक्ष यानी यूपीए&lt;/strong&gt; – सबसे पहले एक नजर यूपीए में शामिल राजनीतिक पार्टियां और बाहर से समर्थन देने वाले राजनीतिक दलों पर। यूपीए में कांग्रेस के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस और डीएमके समेत कई पार्टियां हैं। आरजेडी-एलजेपी जैसी पार्टियां पहले यूपीए में थी जो अब बाहर से समर्थन दे रही है। समाजवादी पार्टी और बसपा भी यूपीए को बाहर से समर्थन दे रही है। इन सभी राजनीतिक पार्टियों के क्षत्रप काफी ताकतवार माने जाते हैं लेकिन सभी कांग्रेस के साथ है। कांग्रेस के साथ है कहना गलत होगा। यह कहना सही होगा कि वे कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के साथ हैं। यदि विश्वास नहीं है तो कांग्रेस का नेतृत्व सोनिया गांधी और राहुल गांधी को छोड किसी और के हाथ में दे कर देखिये। कांग्रेस पार्टी फिर रसातल में चली जायेगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, यूपीए की चेयरवूमेन सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की टीम के सामने अन्य सारी टीमें काफी कमजोर दिखती हैं। ये टीमें राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हैं लेकिन जैसे जैसे छोटे चुनाव में जायेंगे इनका भी प्रभाव कम दिखेगा। जैसे विधान सभा चुनाव, महानगर पालिका, नगर पालिका और पंचायत चुनाव। अन्य पार्टियों के राष्ट्रीय नेताओं का प्रभाव तो है हीं नहीं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह&lt;/strong&gt; – प्रधानमंत्री सिंह एक ईमानदार नेता हैं। देश दुनियां के विषयों पर अच्छी पकड़ रखते हैं। जिन सामाजिक विषय पर पकड़ कमजोर हैं उसे समझ कर आसानी से दूर करने की कोशिश करते हैं। और कम समय में हीं अच्छी पकड़ बना लेते हैं। वे इस बात का पता आसानी से लगा लेते हैं कि कौन उन्हें सही जानकारी दे रहा है और कौन गोलमटोल। देश की आर्थिक प्रगति में सार्वजनिक और निजी कंपनियों के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करते हुए आगे बढ रहे हैं। इनके बौद्विक क्षमता और ईमानदारी पर कोई अंगुली तक नहीं उठा सकता। विपक्ष प्रधानमंत्री को घेरने में हमेशा असफल रहा है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी&lt;/strong&gt; – सोनिया गांधी एक ऐसा नाम है जो विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करने का प्रतीक बन चुका है। ईमानदारी की राह पर चलना सिखाता है। जनता का विश्ववास जीतने के लिये त्याग की राजनीति को प्राथमिकता देती है। कौन नहीं जानता है कि सारे दलों के समर्थन की चिठ्ठी मिलने के बावजूद उन्होने प्रधानमंत्री बनने से इंकार कर दिया था। वे जानती थी कि उनके प्रधानमंत्री बनने पर बीजेपी के नेता बेवजह हंगामा करेंगे। देश पहले हीं अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में देश को दांव पर नहीं लगाया जा सकता और उन्होंने प्रधानमंत्री बनने से इंकार कर दिया। लेकिन श्रीमती गांधी की इस त्याग ने बीजेपी की राजनीति हीं खत्म कर दी। उनके प्रधानमंत्री पद के त्याग और मनमोहन सिंह जी को प्रधानमंत्री बनाने से जहां एक ओर कांग्रेस मजबूत होती गई, वहीं दूसरी ओर बीजेपी कमजोर होती गई।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी&lt;/strong&gt; – राहुल गांधी एक ऐसा नाम है जिस पर आप विश्वास कर सकते हैं। मुख्य विरोधी दल बीजेपी के नेता भी राहुल गांधी का विरोध नहीं कर पाते हैं। यह सही है कि राहुल गांधी एक ऐसे परिवार से हैं जिनके लिये प्रचार पाना कोई बड़ी बात नहीं। लेकिन मै यहां यही कहना चाहुंगा कि राहुल गांधी ने राजनीति की नई परिभाषा लिखनी शुरू कर दी। उन्होंने नफरत की राजनीति को दूर करते हुए सकारात्मक राजनीति को महत्व दिया। कांग्रेस के नेता सामंतवादी जीनवशाली जीने के लिये जाने जाते हैं। वे गरीबों को सिर्फ वोट के लिये याद करते या अपने लठैतौं से उनके वोट लुटवा लेते थे। लेकिन राहुल गांधी ने वह कर दिखाया जो पिछले हजारों सालों में नहीं हुआ। ब्राहम्णवादी व्यवस्था में समाज के जिस कमजोर अंग को अछुत करार दिया गया राहुल गांधी उनके घर गये। उन्हें गले लगाया। उनके घर रात गुजारे। उनके घर भोजन किये। उन्हें मानसिक ताकत दी। जाति बंधन की गुलामी को तोडने की मनोवैज्ञानिक ताकत दी जो आज तक स्वतंत्र भारत में किसी ने नहीं किया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इतना हीं नहीं मजूदरों के साथ कंधा मिलाकर मजदूरी की। आप कह सकते हैं कि इन सब चीजों से क्या होगा? हम जानते है कि इन सब चीजों से गरीबों को सीधे कोई तत्काल आर्थिक फायदा नहीं होगा लेकिन उनके कदम से गरीबों में एक सम्मान की भावना जगेगी और उन्हें लगने लगा है कि वे भी स्वतंत्र भारत के हिस्से हैं। यह बहुत बड़ी चीज है। इससे मानसिक गुलामी को तोडने में मदद मिलेगी ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इससे पहले मैंने कहा था कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की ईमानदार राजनीति का प्रभाव केंद्रीय राजनीति पर होगा, लेकिन क्षेत्रीय राजनीति पर नहीं। आप सोच रहे होंगे कि तीनों हीं नेताओं का व्यक्तित्व इतना मजबूत है फिर उनका प्रभाव क्षेत्रीय राजनीति पर क्यों नहीं पड़ेगा? इसका साधारण उत्तर है। क्योकि इन तीनों नेताओं का व्यक्तिव चाहे कितना भी ऊंचा क्यों न हो, लेकिन उनके साथ चलने वाले लोग (कुछ लोगों को छोड़) आज भी ऐसे हैं जो सांमती मानसिकता के हैं। और सामंती मानसिकता वाले लोगों को क्षेत्रीय चुनाव में स्वीकार करना मुश्किल है। क्षेत्रीय चुनाव सीधे जनता को प्रभावित करती है। इसलिये जबतक सांमतवादी मानसिकता वाले लोग अपने आप में सुधार नहीं लाते तबतक देश के एक बड़े हिस्से पर कांग्रेस नेतृत्व का प्रभाव क्षेत्रीय चुनाव पर पड़ना मुश्किल है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;बहरहाल कांग्रेस पार्टी के तीनों हीं नेताओं को सबसे पहले इस ओर ध्यान देना होगा कि देश की आम जनता मंहगाई से त्रस्त है उसपर नियंत्रण करें। विरोधी दलों पर चर्चा अगले हिस्से में।&lt;/strong&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-4779534602274313450?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/4779534602274313450/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=4779534602274313450' title='3 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/4779534602274313450'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/4779534602274313450'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/05/blog-post_17.html' title='मनमोहन-सोनिया-राहुल के नेतृत्व का प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर अधिक ,लेकिन क्षेत्रीय स्तर पर कम।'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S_E2GiK1IKI/AAAAAAAABOs/C0FGQGA9MBU/s72-c/congress.png' height='72' width='72'/><thr:total>3</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-4904798159381495307</id><published>2010-05-06T00:05:00.001+05:30</published><updated>2010-05-06T00:07:54.909+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='समाज'/><title type='text'>जातीय व्यवस्था की शिकार हो गई पत्रकार निरूपमा</title><content type='html'>&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S-G61toHnXI/AAAAAAAABOk/ycFnSrIKXvc/s1600/nirupama+1.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5467856854548192626" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 320px; CURSOR: hand; HEIGHT: 241px" alt="" src="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S-G61toHnXI/AAAAAAAABOk/ycFnSrIKXvc/s320/nirupama+1.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt; अंग्रेजी अखबार बिजनेस स्टैंडर्ड की पत्रकार निरूपमा पाठक जातीय व्यवस्था की शिकार हो गई। दिल्ली में पत्रकारिता करने वाली निरूपमा झारखंड कोडरमा की रहने वाली थी। कोडरमा स्थित उसके घर में मौत हो गई। 29 अप्रैल को उसका शव पंखे से लटका पाया गया। उसकी मौत को आत्महत्या बताया जा रहा था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद यह साफ हो गया की उसकी हत्या की गई है। वह 10-12 हफ्ते से गर्भवती थी। इस मामले में उसकी मां को गिरफ्तार किया गया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस घटना के पीछे जो बातें सामने आ रही वो बेहद क्रूर है। निरूपमा पाठक जाति से ब्राह्मण थी वो दकियानुसी में विश्वास नहीं करती थी। इसलिये वे अपने पंसद की लडके प्रियभांशु रंजन से शादी करना चाहती थी। उससे प्यार करती थी। वह भी एक न्यूज ऐजेंसी में पत्रकार है। लेकिन उसके परिवार वालों को यह सब पंसद नहीं था। क्योंकि उनके अनुसार लड़का निम्न जाति कायस्त है। निरूपमा के परिवार वाले कायस्त जाति को निम्न जाति का समझते हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पत्रकार निरुपमा पाठक और प्रियभांशु छह मार्च को शादी करने वाले थे। दिल्ली में इसकी पूरी तैयारी कर ली गई थी। शादी के लिए मंदिर में आवेदन दिया जा चुका था। इनकी शादी की जानकारी सिर्फ इनके करीबी दोस्तों को ही थी। दोनों ने इस बात को अपने घरवालों से छिपा रखा था। शादी से ठीक पहले निरुपमा ने प्रियभांशु से कहा था कि कम से कम एक बार घरवालों से इजाजत मांगने की कोशिश कर ली जाए। इसके कुछ दिनों बाद ही निरुपमा के पिता का पत्र आया था।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;निरूपमा के परिवार वालों ने उन्हें बहुत समझाया। दिल्ली में खत भी भेजा। उसमें बताया गया कि संविधान को बने सिर्फ साठ साल हुए हैं। जबकि सनातम धर्म सदियों पुराना है। निम्न जाति से शादी करने में संकट पैदा हो सकता है। पाठक परिवार काफी शिक्षित परिवार है लेकिन जातिय व्यवस्था को लेकर वे काफी सचेत हैं। वे कायस्त को निम्न वर्ग का समझते हैं। वर्ण व्यवस्था के तहत कायस्त न तो ब्राह्मण है, न क्षत्रिय है और न वैश्य है ऐसी स्थिति में उनका एक ही स्थान बचता है वह शुद्र। और ब्राह्मण की शादी निम्न वर्ग के साथ नहीं हो सकता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt; समाज में आज भी ऐसी घृणित मानसिकता वाले लोग हैं। मान भी लिया जाये कि कायस्त सनातन धर्म के अनुसार ऊंची जाती में नहीं आता है लेकिन वह ऊंच वर्ग में तो आता हीं है। यदि ऊंच वर्ग में नहीं भी आता तो क्या किसी की हत्या कर दी जायेगी। निरूपमा के मौत ने एक साथ कई सवाल खड़े कर दिये हैं।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-4904798159381495307?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/4904798159381495307/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=4904798159381495307' title='3 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/4904798159381495307'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/4904798159381495307'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/05/blog-post.html' title='जातीय व्यवस्था की शिकार हो गई पत्रकार निरूपमा'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S-G61toHnXI/AAAAAAAABOk/ycFnSrIKXvc/s72-c/nirupama+1.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>3</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-4252398167842423559</id><published>2010-04-26T23:56:00.002+05:30</published><updated>2010-04-27T00:03:42.193+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='समस्याएं'/><title type='text'>आईपीएल काले धन का प्रतीक है तो नक्सल गरीबी का</title><content type='html'>&lt;strong&gt;इस समय देश मे आईपीएल और नक्सल दोनो हीं काफी चर्चित है।&lt;/strong&gt; आयकर छापे के बाद जो बाते सामने आ रही है उससे यही लगता है कि आईपीएल काले धन का प्रतीक है और नक्सल समाज के कमजोर वर्गों का प्रतीक है। गरीब लोगो के लिये सरकारे जो बजट बनाती है उसका बहुत बड़ा हिस्सा नेता और मंत्री व्यापारियों और ठेकेदारों से मिलकर खा जातें है या गबन कर लेते है। इसलिये गांवों में बुनियादी सुविधाओ का अभाव है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आजादी से लेकर अबतक केद्र सरकार और राज्य सरकारों ने जितना बजट पास किया है। यदि ईमानदारी से उसका आधा हिस्सा भी उपयोग में लाया जाता तो देश में खुशहाली आ जाती और आज नक्सल का भी नामोनिशान नहीं रहता। लेकिन जो धन गरीबो के लिये थे उसका एक हिस्सा आईपीएल में देखने को मिल रहा है। यह सिलसिला थमना चाहिये। यदि नहीं थमता है तो आप सिर्फ गोली बारूद के बल पर नक्सल को बढने से रोक नहीं पायेंगे। और यदि यह बढता है तो इसके लिये सरकारें ही दोषी होगी। नक्सल सिर्फ कानून व्यवस्था का सवाल नही है। इसमें उन परिवार के लोग बड़ी संख्या में शामिल हैं जिनके पूर्वज आजादी से पहले अंग्रेजों से लड़ाईयां लड़ी और उनके वंशज आजादी के बाद अंग्रेज रूपी शासक अपनों से।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सरकार के व्यवाहर में अंतर देखिये। आईपीएल से जुडे मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पायी है। क्योंकि वे सभी बड़े स्वामी हैं। वहीं कानून व्यवस्था के नाम पर जंगलों में गरीबों पर गोलियां बरसायी जा रही है। गरीबों पर गोलियां बरसाना कोई नई बात नहीं है। यही कारण है कि नक्सल तेजी से फैल रहा है। आईपीएल के खेल में अमीर आदमी और अमीर होता जा रहा है वही नक्सल के नाम पर सिर्फ गरीब आदमी हीं मर रहा है। चाहे वह पुलिस वालों की मौत हो या नक्सल से जुडे लोगो की। मर तो रहे हैं गरीब आदमी हीं। पुलिस वाले अपने अधिकारी के आदेश पर गोली चला रहे हैं और नक्सली सेल्फ डिफेंस के नाम पर गोलियां चला रहे हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सरकारों के इस फासले को कम करना होगा यानी नक्सल से जुड़े लोगों की वास्तविक समस्याओ को हल करना होगा। उनके लिये विकास के काम तेजी से करने होंगे। आश्वासन से काम नहीं चलेगा।  और वहीं काले धन के स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। सरकार से एक आग्रह और भी है कि वह सिपाहियों के लिये सुरक्षा का इंतजाम करें। उनके लिये जीवन बींमा का इंतजाम करें। क्योंकि जीवन बीमा वाले हाई रिस्क जॉब के नाम पर उनका बीमा करने से बचते हैं। लड़ाई में यदि किसी सिपाही की मौत होती है तो ये जीवन बीमा उनके परिवार के लिये बड़ा सहारा होगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बहरहाल, अभी तक के हालात को देख यही लगता है कि सिर्फ सरकार के कहने पर नक्सली सरेंडर नही करेंगे। उन्हें यह लगता है कि सरकार छल भी कर सकती है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार को अगले तीन-चार सालों तक यह दिखाना होगा कि उन्होंने गरीब इलाकों के लिये बजट पास की है और खर्च भी किये जा रहे हैं। यदि भरोसा नहीं जीत पाये तो स्थिति विस्फोटक हो सकती है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-4252398167842423559?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/4252398167842423559/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=4252398167842423559' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/4252398167842423559'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/4252398167842423559'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/04/blog-post_26.html' title='आईपीएल काले धन का प्रतीक है तो नक्सल गरीबी का'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-2957039962371646668</id><published>2010-04-25T17:36:00.004+05:30</published><updated>2010-04-25T17:44:14.288+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='समस्याएं'/><title type='text'>सबसे अधिक कमीना जानवर है इंसान</title><content type='html'>दुनिया भर &lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S9Qx7VkkajI/AAAAAAAABOU/lTQbXhgRwww/s1600/Tree+2.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5464047143379823154" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 124px; CURSOR: hand; HEIGHT: 93px" alt="" src="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S9Qx7VkkajI/AAAAAAAABOU/lTQbXhgRwww/s320/Tree+2.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;के लोग गर्मी से परेशान है। कई इलाकों में तापमान 43 डिग्री से नीचे उतरने का नाम हीं नहीं ले रहा है। कई ऐसे इलाके हैं जहां तापमान 46 डिग्री को भी पार कर चुका है। तालाब और नदियों का एक बड़ा हिस्सा प्रदूषित हो चुका हैं। आगे लिखने से पहले कालीदास जी से जुड़े एक प्रचलित वाक्य को याद दिलाउं। हम इंसान कालीदास जी का यह कह कर मजाक उड़ाते हैं कि वे इतना मूर्ख थे कि वे पेड़ के जिस डाल पर बैठे थे उसी डाल को काट रहे थे। अब मुझे लगता है कि उनका अपने प्रति इस तरह का किया गया व्यवहार पूरे तथाकथित मानव समाज के लिये उदाहरण था।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;हम सभी जानते हैं कि जल और पेड-पौधों के बिना इंसान का कोई भविष्य नहीं है। और हम &lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S9QxxwD6uGI/AAAAAAAABOM/uexBP1SBEJg/s1600/Tree+1.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5464046978691938402" style="FLOAT: right; MARGIN: 0px 0px 10px 10px; WIDTH: 123px; CURSOR: hand; HEIGHT: 92px" alt="" src="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S9QxxwD6uGI/AAAAAAAABOM/uexBP1SBEJg/s320/Tree+1.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;उन्हीं जल को प्रदूषित कर रहे हैं और उन्हीं पेड़ो को काट रहे हैं। कल-कारखानों के कारण किस तरह जल प्रदूषित हो रहा है हम सभी जानते हैं। जंगलों से पेड़ो की कटाई कैसे हो रही है हम आपको बताते हैं –&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;1. पेड़ो के आस पास के मिट्टी को काटकर इतना कमजोर कर दिया जाता है कि कुछ समय बाद बडे से बड़े पेड भी गिर जाते हैं।&lt;br /&gt;2. चोरी चुपके पेड़ों के जड़ में कुछ दिनों तक लगातार एसिड डाला जाता है। परिणाम स्वरूप कुछ समय बाद पेड सुख जाते हैं। और उसे काटकर गिरा दिया जाता है।&lt;br /&gt;3. सरकार द्वारा वृक्षारोपण के लिये यदि दो लाख पौधे लगाये जाने की बात की जाती है तो लगते हैं सिर्फ 20-25 फीसदी हिस्सा। बाकी हिस्से के पैसे अपने खजाने में। यही हाल एनजीओ का भी है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;यह सब तो उदाहरण मात्र है। आप सोचिये जिस पेड पौधे पर इंसान की जिंदगी निर्भर है हम उसी को &lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S9QxiVy16TI/AAAAAAAABOE/gFPWiMASiu0/s1600/Tree.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5464046713942960434" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 103px; CURSOR: hand; HEIGHT: 121px" alt="" src="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S9QxiVy16TI/AAAAAAAABOE/gFPWiMASiu0/s320/Tree.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;नष्ट कर रहे हैं। कालीदास जी ने तो अपनी गलती को समझते हुए इतना सुधार किया और इतनी शिक्षा प्राप्त की कि उनकी गिनती दुनिया के विद्वानों में होने लगी है लेकिन हम और आप सब कुछ जानते हुए हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। हममें से बहुत से लोग ऐसे हैं जो पेडों को भेल हीं नहीं कारट रहे हों लेकिन इस तरह के हरकतों पर मौन रह कर भी एक छोटा सा अपराध तो जरूर कर रहें हैं।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-2957039962371646668?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/2957039962371646668/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=2957039962371646668' title='2 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/2957039962371646668'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/2957039962371646668'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/04/blog-post_25.html' title='सबसे अधिक कमीना जानवर है इंसान'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S9Qx7VkkajI/AAAAAAAABOU/lTQbXhgRwww/s72-c/Tree+2.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>2</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-946174957098591722</id><published>2010-04-15T00:03:00.003+05:30</published><updated>2010-04-15T00:07:29.135+05:30</updated><title type='text'>गृहमंत्री जी आपके जीद के कारण सिर्फ गरीब हीं मरेंगे चाहे वह नक्सली हो या सुरक्षा बल के जवान।</title><content type='html'>केंद्रीय गृ&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S8YK2EqZ8LI/AAAAAAAABN0/M9diDYPlurE/s1600/P+chidambram.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5460063522314121394" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 120px; CURSOR: hand; HEIGHT: 101px" alt="" src="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S8YK2EqZ8LI/AAAAAAAABN0/M9diDYPlurE/s320/P+chidambram.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;हमंत्री पी चिदंबरम के ग्रीन हंट अभियान के तहत नक्सलियों को समाप्त करने की मकसद से कई कड़े कदम उठाने की बात चल पड़ी है। इनमें मुख्य है वायु सेना का इस्तेमाल, जंगली इलाके में सेटेलाइट की मदद लेना, चालक रहित विमान यूएवी का इस्तेमाल आदि।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पी चिदंबरम जी एक सप्ताह पहले छतिसगढ के दंतेवाडा में 76 सीआरपीएफ जवानों की हत्या कर दी गई। ये हत्या नक्सलियों ने की। इस घटना की निंदा पूरे देश ने की लकिन साथ हीं उनके मन में कई सवाल हैं। यहां तक कि इस हत्या के लिये नक्सली संगठनों ने भी अफसोस जताया। और यह भी खबर आयी कि नक्सलियों ने लोगो से अपील की कि मारे गये जवानों के परिवार वालों की मदद करने के लिये लोगों को आगे आना चाहिये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गृहमंत्री जी यहां पर आपको सोच विचार कर कदम उठाना होगा। यह सही है कि अपराध के खिलाफ जबतक आप कठोर फैसले नहीं लेते हैं तबतक उसे नियंत्रण करना मुश्किल है। लेकिन आप इस नक्सल समस्या को सिर्फ कानून व्यवस्था का अमली जामा पहनाकर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकते। आप यदि सामाजिक समस्याओं को समझे बिना कोई कदम उठाते हैं तो आप इस समस्या के समधान की ओर कभी नहीं बढ सकते है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आपके अह्म के कारण सुरक्षा बल और नक्सलियों के बीच झड़प होती रहेगी और इसमें सिर्फ गरीब आदमी हीं मरेगा। चाहे वो नक्सल से जुड़े लोगों की मौत हो या सुरक्षा बलों से जुडे़ जवानों की। आप कानून व्यवस्था के नाम पर नक्सलियों को खत्म करने के लिये सुरक्षा बल का अधिक से अधिक इस्तेमाल करेंगे और नक्सली सेलफडीफेंस के लिये उनपर हमला करते रहेंगे। मरेगा गरीब आदमी हीं। दोनो ही तरफ के घरों में चुल्हें नहीं जलेगें। बच्चे अनाथ होते रहेंगे। महिलाएं विधवाएं होते रहेंगी। आपका क्या है। आम आदमी के टैक्स के पैसे आपके पास है चाहे जहां लुटाइये। यदि किसी को ह्रदय की बीमारी है और आप कैंसर की दवा से इलाज करना चाहते हैं। इससे काम नहीं चलेगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नक्सलियों का उपज सिस्टम के सताये हुए लोगों से हुआ है। जब जमींदारों और सुदखोरों ने गरीबो का सब कुछ लुट लिया, चाहे जमीन जायदाद हो या घर की इज्जत। इतना हीं नहीं सुरक्षा देने वाली पुलिस ने उन्हीं जमीदारों के साथ मिलकर गरीबो की इज्जत और तार तार कर दी त&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S8YLI6ikFCI/AAAAAAAABN8/dRo_4Ac_PoE/s1600/Naxal+1.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5460063846014391330" style="FLOAT: right; MARGIN: 0px 0px 10px 10px; WIDTH: 320px; CURSOR: hand; HEIGHT: 238px" alt="" src="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S8YLI6ikFCI/AAAAAAAABN8/dRo_4Ac_PoE/s320/Naxal+1.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;ब आप कहां थे। जब उन्हें न्याय नहीं मिला तब जाकर उन्हीं में कुछ नौजवानो ने हथियार उठाये। और यह ताकत इतनी बढ गई कि आप भयभीत हो उठे। यहां आपका मतलब सीधे आपसे नहीं बल्कि जमींदारों और सूदखोरों से हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आप पढे लिखे और एक ईमानदार नेता हैं। आप देश की सामजिक और आर्थिक स्थितियों को समझिये। यदि आप बिना सोचे समझे सिर्फ कानून व्यवस्था के नाम पर कदम उठायेगें तो यह चिनगारी और भड़क उठेगी।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-946174957098591722?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/946174957098591722/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=946174957098591722' title='2 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/946174957098591722'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/946174957098591722'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/04/blog-post.html' title='गृहमंत्री जी आपके जीद के कारण सिर्फ गरीब हीं मरेंगे चाहे वह नक्सली हो या सुरक्षा बल के जवान।'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S8YK2EqZ8LI/AAAAAAAABN0/M9diDYPlurE/s72-c/P+chidambram.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>2</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-1905454313235831332</id><published>2010-03-04T22:20:00.003+05:30</published><updated>2010-03-04T22:27:03.589+05:30</updated><title type='text'>धर्म के नाम पर वेश्यावृति का धंधा करते हैं आजकल के साधू-संत, महिलाएं सावधान रहें।</title><content type='html'>&lt;strong&gt;प्राचीन काल में&lt;/strong&gt; साधु-संतों ने जितना ज्ञान दिया और राह दिखाया, उतना हीं आज के धर्माचार्यों ने साधू-संत के नाम को कंलकित किया। वे जितना पाप करते हैं शायद उतना दूसरा कोई नहीं। अभी हाल हीं में जो घटनाएं सामने आई हैं उससे यही लगता है कि सारी बुराईयों के जड़ में तथाकथित बाबा लोग हीं होते हैं। चाहे वह लूट का मामला हो या वेश्यावृति का।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पहले कुछ घटनाएं सामने आयी थी लेकिन लगा कि कोई कोई ऐसा करता होगा लेकिन अब लगता है कि धर्म के आड़ में ये बाबा सारी बुराईयों को अंजाम देता है। आईये नजर डालते हैं हालहीं कि दो घटनाओं पर –&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पहली घटना, दिल्ली पुलिस ने मंदिर में वेश्यावृत्ति कराने का एक रैकेट का भंडाफोड किया। इस मामले में एक स्वामी, दो एयहॉटेस और एक एमबीए की छात्रा समते कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया। ये स्वामी हैं शिवमूरत द्विवेदी उर्फ इच्छाधारी स्वामी भीमानंदजी महाराज चित्रकूटवाले। ये स्वामी का चोला पहने हुआ था लेकिन वास्तव में ये लडकियों का दलाल और भडूआ था। लडकी की दलाली से यह पैसा कमाता और लडको के साथ लौडा डांस करता था। इसे गिरफ्तार कर पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुलिस ने बताया कि अपनी करतूतों को छिपाने के लिए द्विवेदी ने अपना नाम बदल लिया और खुद को साई बाबा का शिष्य घोषित कर दिया। उसने बदरपुर में साई बाबा मंदिर शुरू किया और मंदिर के अहाते में ही वेश्यावृत्ति का धंधा शुरू कर दिया। उसने खानपुर में भी एक मंदिर बनवाया। वह सतसंग आयोजित करता था और प्रवचन भी देता था। उसने चित्रकूट में 200 बिस्तरों वाला एक अस्पताल भी बनवाया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उसके अस्पताल को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। चर्चा हैं कि दलाल द्विवेदी जिन लड़कियों को लकेर धंधा करता है उसके गर्भवती होने पर उसका इलाज उसी में कराया जाता था। चर्चा जो भी लेकिन बाबा के करतूतों को देख यह सच लगता और इसकी भी जांच होनी चाहिये। पुलिस के मुताबिक द्विवेदी चित्रकूट का रहने वाला है और 1988 में दिल्ली आया। वह पहले नेहरू प्लेस के एक 5 स्टार होटल में गार्ड का काम करता था, फिर उसने लाजपतनगर के एक मसाज पार्लर में भी काम किया। वह वेश्यावृत्ति के मामले में 1997 में और चोरी की संपत्ति रखने के मामले में 1998 में गिरफ्तार हो चुका है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दूसरी घटना, इच्छाधारी संत के सेक्स रैकेट का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि एक और स्वामी के कथित सेक्स वीडियो को लेकर हंगामा शुरू हो गया है। दक्षिण के जाने - माने संत स्वामी नित्यानंद का कथित सेक्स विडियो के सामने आने के बाद से यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। एक स्थानीय टीवी चैनल में एक सीडी दिखाया गया है जिसमें स्वामी नित्यानंद एक महिला के साथ अश्लील हरकतें करते दिख रहे हैं। बताया जाता है कि वह महिला दक्षिण की एक हिरोईन है। उस वीडियो के बारे में सही सही लिखना भी अश्लील हो जायेगा। इसी से आप समझ सकते हैं कि ये साधू-संत-स्वामी-शंकराचार्य आदि नाम कितने बदनाम हो चुके हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सेक्स का खेल ये लोग आश्रम और मंदिर में पहले से हीं करते आ रहे हैं। सिर्फ अंतर यह है कि इनकी बाते पहले सामने नहीं आ पाती थी और अब आधुनिक यंत्र इनके पोल खोलने लगे हैं। साधू-संतों के खुलासे के मामले में सिर्फ पुलिस पर निर्भर न करे। वह अपने दम पर कितना कर सकती है। इस बारे में आम जनता को भी सामने आना होगा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-1905454313235831332?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/1905454313235831332/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=1905454313235831332' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/1905454313235831332'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/1905454313235831332'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/03/blog-post_04.html' title='धर्म के नाम पर वेश्यावृति का धंधा करते हैं आजकल के साधू-संत, महिलाएं सावधान रहें।'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-6793792878984690883</id><published>2010-03-03T02:09:00.003+05:30</published><updated>2010-03-03T02:14:45.500+05:30</updated><title type='text'>राज ठाकरे की मौजूदगी में आशा भोसले ने कहा कि मुंबई पर पूरे देश का हक है</title><content type='html'>&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S414GAtS8ZI/AAAAAAAABNs/14jcLxrMYlY/s1600-h/Asha+Bhosle.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5444139569225331090" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 87px; CURSOR: hand; HEIGHT: 150px" alt="" src="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S414GAtS8ZI/AAAAAAAABNs/14jcLxrMYlY/s320/Asha+Bhosle.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt; देश की मशहूर गायिका आशा भोसले ने देश की एकता को सम्मान करते हुए एमएनएस नेता राज ठाकरे को करारा जबाब दिया है। वो भी राज की मौजूदगी में और उनके ही कार्यक्रम में। हुआ यह कि एमएनएस ने आशा भोंसले को सम्मानित करने के लिए पुणे में कार्यक्रम का आयोजन किया। और इसी कार्यक्रम में एमएनएस नेता राज ठाकरे खुद उन्हें सम्मानित करने के लिए मंच पर मौजूद थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उसी मंच से आशा भोसले ने कहा कि मुंबई उन सभी लोगों की है जो इस शहर में दिन-रात मेहनत करते हैं। उन्होंन कहा कि हर भारतीय को देश की किसी भी हिस्से में नौकरी करने या काम करने का अधिकार है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इतना हीं नहीं आशा भोंसले ने एमएनएस के नेताओं और समर्थकों को नसीहत देते हुए कहा कि महाराष्ट्र के लोगों को भी ऐसे ही कड़ी मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि , ' मैंने दिन - रात मेहनत की और अपने हिस्से की उपलब्धि हासिल की। कोई मुझसे यह नहीं छीन सकता।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;देश की मशहूर गायिका ने कहा कि मुझे मराठी बोलने में परेशानी होती है। मैं उसे सीखने की कोशिश कर रही हूं। मैं हिन्दी बोलने में सहज महसूस करती हूं और उसे बोलना अच्छा लगता है। ' अपने इस वक्तव्य से आशा जी ने जहां राज की मौजूदगी में हिन्दी को सम्मान दिया और साथ हीं उन्होंने कहा कि मराठी हूं इसका मुझे गर्व है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इतना सुनने के बाद कार्यक्रम के दौरान हीं राज ठाकरे का चेहरा काला पड़ गया था। हिन्दी विरोध के नाम पर विधान सभा में हंगामा मचाने वाले एमएनएस विधायक के नेता राज ठाकरे चुप थे। और मजबूरी में ताली बजा रहे थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इससे पहले दुनिया के महान बल्लेबाज सचिन तेंडूलकर ने भी कहा था कि मुंबई पूरे देश वासियों का है। महाराष्ट्र के  ग्रामीण इलाकों में राज का विरोध तो पहले से हीं रहा है शहर में भी शांति भंग होते देख मुंबई की हस्तियां अब राज ठाकरे के खिलाफ धीरे धीरे सामने आ रहे हैं।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-6793792878984690883?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/6793792878984690883/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=6793792878984690883' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/6793792878984690883'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/6793792878984690883'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/03/blog-post_03.html' title='राज ठाकरे की मौजूदगी में आशा भोसले ने कहा कि मुंबई पर पूरे देश का हक है'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S414GAtS8ZI/AAAAAAAABNs/14jcLxrMYlY/s72-c/Asha+Bhosle.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-8685733035825740371</id><published>2010-03-01T02:06:00.005+05:30</published><updated>2010-03-03T02:19:27.292+05:30</updated><title type='text'>उपेंद्र के नेतृत्व में सहारा न्यूज में गुणात्मक परिवर्तन</title><content type='html'>पिछले एक-डेढ महीने&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S4rUuRW1bNI/AAAAAAAABNk/zvg7GnXrVtY/s1600-h/Updendra.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5443396991028915410" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 183px; CURSOR: hand; HEIGHT: 166px" alt="" src="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S4rUuRW1bNI/AAAAAAAABNk/zvg7GnXrVtY/s320/Updendra.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt; से सहारा न्यूज चैनल लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। उसकी मुख्य वजह है चैनल में समाचार के दृष्टिकोण से गुणात्मक परिवर्तन। समाचार से लेकर विचार तक के जो कार्यक्रम पेश किये जा रहे वो काफी सराहनीय है। इससे पहले सहारा चैनल में इस तरह का गुणात्मक परिवर्तन नहीं देखा गया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दिल्ली के विजय गुप्ता का कहना है कि न्यूज चैनल देखना उनका हॉबी है। वह समय निकाल कर न्यूज से जुडे सभी मुख्य चैनल को देखा करते हैं उसमें सहारा भी एक है। सहारा न्यूज इन दिनों बहुत बढिया कर रहा है। इसी प्रकार नोएड के करण त्यागी का कहना है कि उनका पंसदीदा चैनल सिर्फ स्टार न्यूज है। उन्हें स्टार न्यूज काफी पंसद है। लेकिन पिछले कुछ समय से वे स्टार न्यूज के अलावा सहारा चैनल भी देखने लगे हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि उनका दोस्त आरिफ खान ने उसे सहारा के बारे में बताया, फिर मैं देखने लगा। देखकर वाकई ऐसा लगा कि जो मुझे एक न्यूज चैनल से जो चाहिये। वह सब कुछ जानकारी के साथ सहारा से मिल जाता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बताया जाता है कि सहारा के गुणात्मक परिवर्तन के पीछे सहारा के संपादक और न्यूज डायरेक्टर उपेंद्र राय की कोशिश है। उपेंद्र राय ने सहारा में समाचार की गुणवत्ता की ओर काफी ध्यान दिया है। न्यूज को दुरुस्त किया है। श्री राय सहारा से पहले स्टार न्यूज में वरिष्ठ संपादक थे। स्टार में भी उन्होंने राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय स्तर की कई खबरें ब्रेक की और कई घोटाले का पर्दाफाश किया। उपेंद्र के बारे में कहा जाता है कि वे आर्थिक जगत के भी अच्छे जानकार हैं।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-8685733035825740371?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/8685733035825740371/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=8685733035825740371' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/8685733035825740371'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/8685733035825740371'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/03/blog-post.html' title='उपेंद्र के नेतृत्व में सहारा न्यूज में गुणात्मक परिवर्तन'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S4rUuRW1bNI/AAAAAAAABNk/zvg7GnXrVtY/s72-c/Updendra.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-4068454493129013193</id><published>2010-02-05T22:33:00.008+05:30</published><updated>2010-02-05T22:44:24.529+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='राजनीति'/><title type='text'>देश का हीरो देशभक्त शाहरूख खान</title><content type='html'>&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S2xRLfbJEBI/AAAAAAAABNc/Q48g13KPfWk/s1600-h/Shahrukh+2.jpg"&gt;&lt;/a&gt; फिल्म &lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S2xQqN6dVfI/AAAAAAAABNM/dJOOJRs-FQc/s1600-h/Shahrukh.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5434807536548926962" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 127px; CURSOR: hand; HEIGHT: 85px" alt="" src="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S2xQqN6dVfI/AAAAAAAABNM/dJOOJRs-FQc/s320/Shahrukh.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;स्टार शाहरूख खान सिर्फ फिल्मी हीरो नहीं हैं बल्कि वास्तव में देश के हीरों हैं। उनके देश भक्ति पर वही लोग अंगुली उठा सकते हैं जो खुद देशद्रोह का काम करते हैं। शाहरूख खान ऐसे कई फिल्मों में काम कर चुके जिसने पूरे देश को नैतिक ताकत दी है। लोग भूल गये चक दे इंडिया। इतना हीं नहीं यह तो फिल्म की बात हुई। निजी लाइफ में भी देश और सामाजिक एकता को उन्होंने प्राथमिकता दी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;हिंदू-मुस्लिम के बीच विवाद पैदा करने वाले शिवसेना-बीजेपी इसी ताक में रहती है कि कोई मुसलमान थोड़ी सी भी पाकिस्तान की तारीफ कर दे तो उसके देश भक्ति पर ही सवालिया निशान लगाना शुरू कर देतें है। हालांकि शाहरूख खान के मामले में पहली बार शिवसेना के खिलाफ जाकर बीजेपी ने शाहरूख खान के विरोध को गलत बताया। जबकि शिवसेना और उन जैसी पार्टियों ने लगातार देश को तोड़ने का काम किया और अपने को देश भक्त बताते हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मुंबई में आईपीएल क्रिकेट मैच के लिये खिलाडियों की बोली लगाई जा रही थी। इसमें पाकिस्तान के खिलाडियों को भी शामिल किया गया। लेकिन पाक खिलाडियों के नाम पर किसी ने बोली नहीं लगाई। इस पर पाकिस्तान के खिलाडियों ने आपत्ति जताई। उनका आपत्ति जताना जायज था। क्योंकि यदि आंतकवाद के मुद्दे पर राजनीति से खेल को जोड़ते हैं तो ऐसें में पाकिस्तान के खिलाडियों को निमंत्रण हीं क्यों दिया गया। यह भी मान लेते हैं कि यदि किसी ने पाकिस्तान खिलाडियों पर बोली नहीं लगाई। और ऐसे में शाहरूख खान ने यह कह दिया कि पाक खिलाडियों का भी चुना जाना चाहिये था तो उन्होंने कौन सा गुनाह कर दिया। इस बात को लेकर शिवसेना शाहरूख के पीछे पड़ गई।&lt;br /&gt;देश के गृहमंत्री पी चिंदबरम से लेकर देश के जाने माने कई हस्तियों ने भी इसी प्रकार के बयान दिये। तो उनके खिलाफ शिवसेना ने क्यों नहीं सडको पर उतरी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;शाहरूख खान अपने देश की आन-बान-शान है। उनके देश भक्ति पर अंगुली उठाने का मतलब यही है कि जो लोग खुद देशद्रोह के काम में लगे हैं वे दूसरे पर अंगुली उठाकर अपने को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-4068454493129013193?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/4068454493129013193/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=4068454493129013193' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/4068454493129013193'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/4068454493129013193'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/02/blog-post_05.html' title='देश का हीरो देशभक्त शाहरूख खान'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S2xQqN6dVfI/AAAAAAAABNM/dJOOJRs-FQc/s72-c/Shahrukh.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-10658833235277958</id><published>2010-02-05T18:20:00.004+05:30</published><updated>2010-02-05T18:34:48.401+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='राजनीति'/><title type='text'>मुंबई वासियों का दिल जीत लिया राहुल गांधी ने, शिवसेना मायूस।</title><content type='html'>कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के दौरे को कवरेज कर रहे मीडिया फोटोग्राफर्स में से एक फोटो &lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S2wU0jiVWmI/AAAAAAAABMs/kVKzQpl3Or8/s1600-h/Rahul+1.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5434741743454345826" style="FLOAT: right; MARGIN: 0px 0px 10px 10px; WIDTH: 108px; CURSOR: hand; HEIGHT: 108px" alt="" src="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S2wU0jiVWmI/AAAAAAAABMs/kVKzQpl3Or8/s320/Rahul+1.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;ग्राफर जब गिर पड़ा तो राहुल गांधी ने उसे खुद उठाया और पूछा की कहीं चोट तो नहीं लगी। कोई मदद की जरूरत तो नहीं है। यह राहुल गांधी की महानता है कि उन्होंने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ पास गिरे फोटो ग्राफर से बातचीत की। ऐसा आम तौर पर देश के बडे नेता नहीं करते हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने आज मुंबई वासियों का दिल जीत लिया। शिवसेना की चेतावनी के बावजूद राहुल गांधी ने मुंबई का दौरा किया और अनेकों कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्हें देखने के लिये जन सैलाब उमड़ पड़ा। उन्होंने लोकल ट्रेन से अंधेरी से दादर और दादर से घाटकोपार की यात्रा की। चारो ओर राहुल की चर्चा थी। शिवसेना नेता के पास कोई जवाब नहीं था। इससे पहले उन्होंने एटीएम से पैसे भी निकाले और खुद लाईन में खड़े हो कर रेलवे टिकट कटाई।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मुंबई हमले से संबंधित कमांडो कार्रवाई के बयान को तोड मरोड कर शिवसेना ने जो मुंबई में हवा बनाई थी उसे राहुल गांधी के दौरे ने हवा निकाल दी। राहुल गांधी के समर्थन में मराठी लोगों ने भी बढचढ कर हिस्सा लेकर यह जता दिया कि वे राहुल गांधी के साथ है। उन्होंने सुरक्षा घेरा को तोड़ आम लोगों से बातचीत की । उनके हाल चाल जाने।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दीपक खाड़े ने कहा कि मैं एक आम मराठी हूं। उनको बारे जिस प्रकार से शिवसेना गलत प्रचार कर रही थी उस पर विश्वास नहीं हो रहा था क्योंकि राहुल गांधी मुंबई के शहीद पुलिस जवानों सहित सभी शहीदों को संसद में सलामी दी थी। उन्होंने कहा था कि मुंबई पुलिस के जाबांज सिपाही तुका राम ओमले की वजह से हीं आंतकवादी अजमल कसाब पकड़ा गया था।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;शिवसेना के नेताओं को समझ हीं नहीं आ रहा था कि क्या करें और क्या न करें। शिवसेना के कुछ कार्यकर्ता कही कहीं काले झंडे लेकर खड़े थे लेकिन राहुल के प्रति जनमर्थन को देख वे भी पीछे हट गये। उपर से सुरक्षा व्यवस्था की भी तगड़े इंतजाम थे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-10658833235277958?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/10658833235277958/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=10658833235277958' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/10658833235277958'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/10658833235277958'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/02/blog-post.html' title='मुंबई वासियों का दिल जीत लिया राहुल गांधी ने, शिवसेना मायूस।'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S2wU0jiVWmI/AAAAAAAABMs/kVKzQpl3Or8/s72-c/Rahul+1.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-3955476018508238964</id><published>2010-01-27T20:05:00.004+05:30</published><updated>2010-01-27T20:14:23.025+05:30</updated><title type='text'>बीजेपी नेता राजकिशोर महतो की झामुमो में जाने की चर्चा</title><content type='html'>&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S2BRNu5kZkI/AAAAAAAABMk/ectSEbFzCqg/s1600-h/Raj+Kishor.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5431430446978459202" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 150px; CURSOR: hand; HEIGHT: 200px" alt="" src="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S2BRNu5kZkI/AAAAAAAABMk/ectSEbFzCqg/s320/Raj+Kishor.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt; &lt;strong&gt;कौशल राय की रिपोर्ट&lt;/strong&gt; -&lt;br /&gt;&lt;div&gt;क्या राजकिशोर महतो बीजेपी छोडने वाले हैं। इस बात को लेकर झारखंड में चर्चाएं जोरो पर है। कहा जा रहा है कि राजकिशोर महतो को सिंद्री विधान सभा सीट से चुनाव हराने में बीजेपी के लोगों ने हीं बड़ी भूमिका अदा की। इससे श्री महतो को करारा झटका लगा है। एक तो बीजेपी के अंदरूनी गुटबाजी के चलते श्री महतो को पिछले कई सालों से कोई महत्वपूर्ण पद नहीं दिया गया। सिर्फ उनके नाम पर झारखंड में कुर्मी वोटों का बीजेपी इस्तेमाल करती रही।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;श्री महतो समर्थक विवेक चंद्रवंशी ने कहा कि राजकिशोर दा को बीजेपी के लोगों ने हीं हराया। क्योंकि बीजेपी के कुछ नेताओं को डर था कि यदि राजकिशोर महतो चुनाव जीत जाते हैं तो उन्हें आगे निकलने से रोकना मुश्किल होगा। उनके एक और समर्थक गोपाल रवानी ने कहा कि बीजेपी ने राजकिशोर महतो के नाम पर सिर्फ पिछड़े वर्ग के लोगों के वोटों का इस्तेमाल किया है। लोकसभा के चुनाव में पिछड़े वर्ग के लोग बीजेपी के साथ थे इसलिये बीजेपी को अच्छी सफलता मिली। इसके बावजूद बीजेपी में राजकिशोर दा जैसे नेता को बीजेपी ने तरजीह नहीं दिया। यह बात जंगल की आग की तरह फैल गई। रवानी ने बताया कि यही कारण है कि पिछड़ा वर्ग का बड़ा वोट बैंक झामुमो और आजसू के साथ चला गया। और बीजेपी की करारी हार हो गई।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस बारे में राजकिशोर महतो से संपंर्क करने की कोशिश की गई लेकिन संपंर्क नहीं हो पाया। लेकिन जानकार यही बता रहे हैं कि राजकिशोर महतो झामुमो में जा सकते हैं। यह फैसला लगभग हो चुका है। झामुमो भी उन्हें लेने के लिये तैयार है। मामला सिर्फ रूका है दो कारणों से। एक राजकिशोर महतो द्वारा खुद हीं ठोस निर्णय करना। और दूसरा यह हो सकता है कि झामुमो की सरकार बीजेपी की मदद से चल रही है इस लिये इस मामले में कुछ समय और लग सकता है। &lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-3955476018508238964?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/3955476018508238964/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=3955476018508238964' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/3955476018508238964'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/3955476018508238964'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/01/blog-post_27.html' title='बीजेपी नेता राजकिशोर महतो की झामुमो में जाने की चर्चा'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S2BRNu5kZkI/AAAAAAAABMk/ectSEbFzCqg/s72-c/Raj+Kishor.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-3864789062149218872</id><published>2010-01-22T16:38:00.002+05:30</published><updated>2010-01-22T16:41:45.409+05:30</updated><title type='text'>समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र का निधन( जन्म – 5 अगस्त 1933, निधन – 22 जनवरी, 2010)</title><content type='html'>&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S1mHd0OMQCI/AAAAAAAABMc/9buAEJs2fs8/s1600-h/Janeshwar+Mishra"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5429519772075966498" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 84px; CURSOR: hand; HEIGHT: 101px" alt="" src="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S1mHd0OMQCI/AAAAAAAABMc/9buAEJs2fs8/s320/Janeshwar+Mishra" border="0" /&gt;&lt;/a&gt; समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता जनेश्वर मिश्र का आज ब्रेन हेमरेज के चलते (शुक्रवार 22 जनवरी, 2010) निधन हो गया। छोटे लोहिया के नाम से मशहूर और राज्य सभा सदस्य जनेश्वर मिश्र पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। इनकी छवि एक समाजवादी और ईमानदार नेता की रही है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इन्हें समाजवादी पार्टी का थिंक टैंक माना जाता था ।  बलिया के रहने वाले श्री मिश्र की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 1977 में इन्होंने इलाहाबाद संसदीय सीट से वी पी सिंह( पूर्व प्रधानमंत्री) को 90 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। जब चंद्रशेखर प्रधानमंत्री थे उस समय वे रेल मंत्री थे। समाजवादी पार्टी की ओर से वे राज्‍य सभा के लिए तीसरी बार चुने गए थे। इलाहाबाद में शनिवार को जनेश्वर मिश्र का अंतिम संस्कार होगा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-3864789062149218872?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/3864789062149218872/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=3864789062149218872' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/3864789062149218872'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/3864789062149218872'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/01/5-1933-22-2010.html' title='समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र का निधन( जन्म – 5 अगस्त 1933, निधन – 22 जनवरी, 2010)'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S1mHd0OMQCI/AAAAAAAABMc/9buAEJs2fs8/s72-c/Janeshwar+Mishra' height='72' width='72'/><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-5547645157847507539</id><published>2010-01-17T21:38:00.002+05:30</published><updated>2010-01-17T21:43:07.707+05:30</updated><title type='text'>ज्योति दा नहीं रहे (जन्म – 8 जुलाई 1914, निधन – 17 जनवरी 2010)</title><content type='html'>&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S1M28zEF3DI/AAAAAAAABMM/oS61QpGsH2w/s1600-h/Jyoti+basu+3"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5427742394039000114" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 90px; CURSOR: hand; HEIGHT: 130px" alt="" src="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S1M28zEF3DI/AAAAAAAABMM/oS61QpGsH2w/s320/Jyoti+basu+3" border="0" /&gt;&lt;/a&gt; &lt;strong&gt;ज्योति बसु यानी ज्योति दा&lt;/strong&gt; सिर्फ एक सीपीएम नेता नहीं थे बल्कि वे देश के मार्गदर्शक भी थे। केंद्रीय सरकार को हमेशा अपने बयान से मार्ग दर्शन भी दिया करते थे कि देश के हित में क्या है और क्या नहीं। सरकार भी उनकी बातों को गंभीरता से सुनती और विचार विमर्श करती। लेकिन अब वे हमारे बीच नहीं रहे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;strong&gt;पिछले एक&lt;/strong&gt; पखवाड़े से कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती 95 वर्षीय मार्क्सवादी नेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु का आज (रविवार, 17 जनवरी, 2010) निधन हो गया। सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे उनका निधन हुआ। देश में सबसे लंबे समय तक किसी राज्य का मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल करने वाले ज्योति बसु ने रविवार को अस्पताल में अंतिम सांस लीं। एक जनवरी को उन्हें निमोनिया की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन पिछले कुछ दिन से उनके अधिकांश अंगों ने काम करना बंद कर दिया था और उन्हें वेंटीलेटर पर रखा जा रहा था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;strong&gt;&lt;/strong&gt; &lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;strong&gt;ज्योति दा के जीवन पर एक नजर&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;1.&lt;/strong&gt; लंदन में अपने जमे जमाये वकालत को छोड़ भारत में राजनीति को अपनाया।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;2.&lt;/strong&gt; एक ऐसे करिश्माई व्यक्तित्व थे जिन्हें दलगत भावना से ऊपर उठकर सभी दलों के नेताओं ने भरपूर सम्मान दिया।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;3.&lt;/strong&gt; सबसे अधिक लंबे समय तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे। इतने समय तक देश का कोई भी नेता लगातार मुख्यमंत्री नहीं रहा। 21 जून 1977 से लेकर 6 नंवबर 2000 तक लगातार मुख्यमंत्री बने रहे। उन्होंने अपने मन से त्यागपत्र दिया था।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;4.&lt;/strong&gt; 1996 में संयुक्त मोर्चा ने ज्योति बसु को प्रधानमंत्री बनने का प्रस्ताव दिया लेकिन उनकी पार्टी ने इस पर सहमति नहीं दी और पार्टी ने सत्ता में भागीदारी करने से ही इंकार कर दिया।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;5.&lt;/strong&gt; ज्योति बसु ने पार्टी के इस निर्णय को ऐतिहासिक भूल करार दिया। उनका मानना था कि मेरे प्रधानमंत्री बनने से न सिर्फ देश को ताकत मिलती बल्कि वामपंथ का प्रसार भी देशभर में हो जाता। लेकिन ज्योति बसु ने पार्टी के फैसले को स्वीकार किया।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;6.&lt;/strong&gt; आर्थिक जगत से लेकर विदेश नीति तक में उनकी समझ साफ साफ थी। वे एक अच्छे प्रशासक के साथ साथ एक कुशल राजनेता, सुधारवादी नेता थे।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;7.&lt;/strong&gt; बसु मार्क्सवाद में पूरी तरह विश्वास करने के बावजूद व्यवहारिक थे और पार्टी की कट्टर विचारधारा के बीच उन्होंने अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में विदेशी निवेश और बाजारोन्मुख नीतियां अपना कर अपने अद्भुत विवेक का परिचय दिया था।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;8.&lt;/strong&gt; ज्योति बसु 1952 से पश्चिम बंगाल विधान सभा के लगातार सदस्य रहे। इसमें एक बार केवल 1972 में व्यवधान आया था।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;9.&lt;/strong&gt; ज्योति बसु ने पंचायती राज और भूमि सुधार को प्रभावी ढंग से पश्चिम बंगाल में लागू किया।&lt;br /&gt;पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने भी बसु के कामकाज की सराहना की थी और वर्ष 1989 में पंचायती राज पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया था। &lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;strong&gt;10.&lt;/strong&gt; बसु की पहल पर लागू किए गए भूमि सुधारों का ही नतीजा था कि पश्चिम बंगाल देश का ऐसा पहला राज्य बना जहां फसल कटकर पहले बंटाईदार के घर जाती थी और इस तरह वहां बिचौलियों की भूमिका खत्म की गई।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;उन्होंने अपने निधन&lt;/strong&gt; के बाद भी राष्ट्र को कुछ देकर विदा हुए। सात साल पहले जब कम्युनिस्ट लीडर ज्योति बसु ने बॉडी डोनेशन करने का ऐलान किया तब उन्होंने कहा था कि हम कम्युनिस्ट यह कहा करते हैं कि मरते दम तक लोगों की सेवा करनी चाहिए। लेकिन अब मुझे पता चला है कि मौत के बाद भी लोगों की सेवा की जा सकती है। मेडिकल रिसर्च के लिए बॉडी डोनेट करके उन्होंने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। मेडिकल से जुड़े लोगों का मानना है कि इससे लोगों को प्रेरणा मिलेगी और वे भी इस नेक रास्ते पर चलेंगे।&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;ज्योति दा के निधन पर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनियां गांधी, आरजेडी नेता लालू यादव, से लेकर तमाम देश के हस्तियों ने शोक जताया। &lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-5547645157847507539?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/5547645157847507539/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=5547645157847507539' title='2 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/5547645157847507539'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/5547645157847507539'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/01/8-1914-17-2010.html' title='ज्योति दा नहीं रहे (जन्म – 8 जुलाई 1914, निधन – 17 जनवरी 2010)'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S1M28zEF3DI/AAAAAAAABMM/oS61QpGsH2w/s72-c/Jyoti+basu+3' height='72' width='72'/><thr:total>2</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-576756421480401946</id><published>2010-01-06T17:34:00.000+05:30</published><updated>2010-01-06T17:35:33.951+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='शहीद ए आज़म'/><title type='text'>शहीद रणधीर वर्मा को श्रदांजलि (जन्म 3 फरवरी 1952 – शहीद 3 जनवरी 1991)</title><content type='html'>शहीद रणधीर वर्मा के 19वीं पुण्यतिथि पर झारखंड के लोगों ने उन्हें श्रद्वाजंलि दी। 3 जनवरी 1991 को आंतकवादियों से लोहा लेते हुए वे शहीद हो गये। देश ने अपना एक सपुत खो दिया। रणधीर वर्मा बतौर एसएसपी धनबाद में तैनात थे। उन्हें मरणोपरांत भारत के राष्ट्रपति ने 26 जनवरी 1991 को अशोक चक्र से सम्मानित किया। सन् 2004 में शहीद रणधीर वर्मा के सम्मान में डाक टिकट जारी किया गया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;3 जनवरी 1991 को सुबह जब उन्हें खबर मिली की पास के एक बैंक में दिनदहाड़े लूट हो रही है और लूटने वाले लोग आधुनिक हथियारों से लैस है। यह जानकारी मिलते हीं वे अपने एक सहयोगी के साथ मुकाबला करने निकल पड़े। और बाकी फोर्स को जल्द पहुंचने का आदेश दिया। मौके पर जब वे पहुंचे तो हेवी फायरिंग शुरू हो गई। उन्हें समझने में देर नहीं लगी कि ये लोग कोई साधारण अपराधी नहीं है बल्कि कुछ खास अपराधी हैं। और उनकी संख्या भी ठीक ठाक है। जिस प्रकार से गोलीबारी हो रही है इससे यही लगता है कि ये लोग आंतकवादी  हैं।  यह सब कुछ जानने के बावजूद रणधीर वर्मा ने भारतीय फौज की तरह अपने मोर्चे से पीछे हटने से मना कर दिया। और अपने एक पीस्टल के बल पर आंतकवादियों के गोली का जवाब देते रहे। उनसे लोहा लेते रहे।  उन्होंने आंतकवादियों को भी मार गिराया। लेकिन इस बीच उन्हें गोली लग चुकी थी। वे फिर भी पीछे नहीं हटे। और जब तक सांस चलती रही वो आंतकवादियों से लड़ते रहे। और अंतत शहीद हो गये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उन दिनों पूरा शहर रोया था। घर के चुल्हें बंद पड़ गये थे। कई दिनों तक शहर में मातम का माहौल था।  उनके समय जिले में अपराध लगभग खत्म हो गया था। बहु-बेटियों की ओर कोई बूरी नजर से देख नहीं सकता था। हर ओर शांति का महौल था। उनके कार्यक्षमता और कार्यशैली को आज भी लोग सलाम करते हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उन्होंने अपने पीछे पत्नी और दो पुत्र छोड गये। पत्नी रीता वर्मा बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ी और चार बार धनबाद से सांसद बनी। और केंद्र में मंत्री भी रहीं। उनके दोनो पुत्र मेधावी हैं। एक आईआईटी करन के बाद अमेरिका चले गये और मैंकेजी कंपनी में सलाहकार हैं। दूसरा सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-576756421480401946?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/576756421480401946/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=576756421480401946' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/576756421480401946'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/576756421480401946'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/01/3-1952-3-1991.html' title='शहीद रणधीर वर्मा को श्रदांजलि (जन्म 3 फरवरी 1952 – शहीद 3 जनवरी 1991)'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-495780553542199798</id><published>2010-01-05T16:08:00.012+05:30</published><updated>2010-01-05T18:21:09.164+05:30</updated><title type='text'>दुनियां की सबसे ऊंची इमारत ‘बुर्ज खलीफा’ की भव्यता देखते हीं बनती है – एक झलक</title><content type='html'>दुबई में दुनिया का सबसे उंचा भवन ‘बुर्ज खलीफा’ का उदघाटन हो गया। धन दौलत का प्रतीक बन गया है बुर्ज खलीफा’। उदघाटन के मौके पर चार जनवरी की शाम एक रंगारंग कार्यक्रम में जबरदस्त आतिबाजी की गई जो देखते हीं बनता है। आप एक बार देख लें तो नजरें हटाना मुश्किल हो जाता है। आई डालते हैं एक नजर उन तस्वीरों पर जिनकी भव्यता देखते ही बनती है।&lt;br /&gt;&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0MYP50GIEI/AAAAAAAABMA/dRhsCApmTJE/s1600-h/Burj+8.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5423205037780639810" style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; WIDTH: 201px; CURSOR: hand; HEIGHT: 320px; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0MYP50GIEI/AAAAAAAABMA/dRhsCApmTJE/s320/Burj+8.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0MX_kH3_tI/AAAAAAAABL4/9Z-4rrg4bvQ/s1600-h/Burj+7.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5423204757080112850" style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; WIDTH: 201px; CURSOR: hand; HEIGHT: 320px; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0MX_kH3_tI/AAAAAAAABL4/9Z-4rrg4bvQ/s320/Burj+7.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0MX3shMnUI/AAAAAAAABLw/B0Z1ULdqDYQ/s1600-h/Burj+6.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5423204621894851906" style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; WIDTH: 201px; CURSOR: hand; HEIGHT: 320px; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0MX3shMnUI/AAAAAAAABLw/B0Z1ULdqDYQ/s320/Burj+6.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0MXx6xB6vI/AAAAAAAABLo/-M6bwhg1yfc/s1600-h/Burj+5.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5423204522640141042" style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; WIDTH: 201px; CURSOR: hand; HEIGHT: 320px; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0MXx6xB6vI/AAAAAAAABLo/-M6bwhg1yfc/s320/Burj+5.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0MXqzOBllI/AAAAAAAABLg/iHUabgY3tR0/s1600-h/Burj+4.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5423204400355186258" style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; WIDTH: 201px; CURSOR: hand; HEIGHT: 320px; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0MXqzOBllI/AAAAAAAABLg/iHUabgY3tR0/s320/Burj+4.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0MXkRZGi4I/AAAAAAAABLY/wynz7IWdbIc/s1600-h/Burj+3.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5423204288195627906" style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; WIDTH: 201px; CURSOR: hand; HEIGHT: 320px; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0MXkRZGi4I/AAAAAAAABLY/wynz7IWdbIc/s320/Burj+3.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0MXa5ohICI/AAAAAAAABLQ/uuIt7L6IIyw/s1600-h/Burj+2.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5423204127199010850" style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; WIDTH: 201px; CURSOR: hand; HEIGHT: 320px; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0MXa5ohICI/AAAAAAAABLQ/uuIt7L6IIyw/s320/Burj+2.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0MXTil3_rI/AAAAAAAABLI/iR8V7JNKCGE/s1600-h/Burj+1.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5423204000754826930" style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; WIDTH: 201px; CURSOR: hand; HEIGHT: 320px; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0MXTil3_rI/AAAAAAAABLI/iR8V7JNKCGE/s320/Burj+1.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;कुछ तथ्यात्मक सत्य –&lt;br /&gt;1. दुबई के शासक मुहम्मद बिन राशिद अल मखतूम ने 2717 फुट (828 मीटर) ऊंची इमारता उदघाटन किया।&lt;br /&gt;2. बिन राशिद अल मखतूम ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति के सम्मान में इसका नाम बुर्ज खलीफा रखा.&lt;br /&gt;3. इस भवन को बनवाया है बिल्डर एमार प्रॉपर्टीज ने। इसके चेयरमैन हैं मुहम्मज अलब्बार।&lt;br /&gt;4. इमारत को बनाने में लगभग 1.5 अरब डॉलर खर्च किये गये हैं।&lt;br /&gt;5. दो सौ मंजिली इस इमारत में 163 मंजिलों पर लोग रह सकते हैं।&lt;br /&gt;6. यह इमारत 56 लाख 70 हजार वर्गफुट में फैली है। इनमें से 18 लाख 50 हजार वर्गफुट में रिहायशी इलाका है। 3 लाख वर्गफुट में सिर्फ कार्यालय बने है।&lt;br /&gt;7. यहां विश्व का सबसे ऊंचा तरणताल, लिफ्ट, रेस्टोरेंट और फव्वारा भी मौजूद है।&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बहरहाल दुनिया की आबादी का एक बड़ा हिस्सा आज भी भूखे ही सोता है। इस दुनिया में एक ओर दौलत की भव्यता है तो वहीं दूसरी ओर गरीबी और भूखमरी की। इस बड़ी खाईयों को पाटने की जरूरत है तभी भव्यता भी लंबे समय तक बरकरार रहेगी और लोगों को दो जून का रोटी मिल सकेगा। तस्वीर बीबीसी से ली गई &lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-495780553542199798?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/495780553542199798/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=495780553542199798' title='3 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/495780553542199798'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/495780553542199798'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/01/blog-post_05.html' title='दुनियां की सबसे ऊंची इमारत ‘बुर्ज खलीफा’ की भव्यता देखते हीं बनती है – एक झलक'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0MYP50GIEI/AAAAAAAABMA/dRhsCApmTJE/s72-c/Burj+8.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>3</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-1258493321515980177</id><published>2010-01-04T15:21:00.008+05:30</published><updated>2010-01-04T15:38:39.323+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='समस्याएं'/><title type='text'>अन्नाज बर्बाद न करे, संभव हो तो मदद के लिये खुद आगे बढे। एक नजर चित्रों पर</title><content type='html'>हम कितना भी नेस्डेक और बीएसई की बात कर ले लेकिन सच्चाई यह है कि दुनिया एक बड़ी आबादी आज भी एक समय की रोटी के लिये तरसती है। बहुत से ऐसे देश हैं जहां अन्नाज को समुद्र में फिकवा दिया जाता है। क्योंकि उनके गोदामों में अन्नाज रखे रखे सड़ गया। हम आपलोगों से अनुरोध करते हैं कि अन्नाज को बर्बाद न करें। उतना हीं भोजन लें जितना आप उपयोग कर सकते हैं। संभव हो तो आप अपने पान-सिगरेट-दारू या अन्य मनोरंजन के क्षेत्र में जो खर्च करते हैं उसमें कमी कर किसी ऐसे गरीब की मदद कर दे जो वास्तव में भूखा है। एक व्यक्ति यदि सप्ताह में एक गरीब को एक समय का भोजन करा दे तो दुनियां की एक बड़ी आबादी को राहत मिलेगी। आप खुद देख लें कि क्या हालत हो गई है इंसान है की -&lt;br /&gt;&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0G9GD0f6OI/AAAAAAAABK4/MH_jTTfFEMs/s1600-h/starvation+4.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5422823338133154018" style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; WIDTH: 400px; CURSOR: hand; HEIGHT: 300px; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0G9GD0f6OI/AAAAAAAABK4/MH_jTTfFEMs/s400/starvation+4.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0G85zbM9PI/AAAAAAAABKw/0F_s3Fsjs70/s1600-h/starvation.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5422823127573656818" style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; WIDTH: 400px; CURSOR: hand; HEIGHT: 263px; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0G85zbM9PI/AAAAAAAABKw/0F_s3Fsjs70/s400/starvation.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0G8qjpAtBI/AAAAAAAABKo/7hw_UPNPn80/s1600-h/starvation+3.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5422822865638568978" style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; WIDTH: 400px; CURSOR: hand; HEIGHT: 267px; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0G8qjpAtBI/AAAAAAAABKo/7hw_UPNPn80/s400/starvation+3.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0G8XeeayrI/AAAAAAAABKg/n3wip3l845E/s1600-h/starvation+5.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5422822537834449586" style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; WIDTH: 400px; CURSOR: hand; HEIGHT: 244px; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0G8XeeayrI/AAAAAAAABKg/n3wip3l845E/s400/starvation+5.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0G8Bsi983I/AAAAAAAABKY/KCHcxA1ULOM/s1600-h/starvation+1.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5422822163654505330" style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; WIDTH: 267px; CURSOR: hand; HEIGHT: 400px; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0G8Bsi983I/AAAAAAAABKY/KCHcxA1ULOM/s400/starvation+1.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-1258493321515980177?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/1258493321515980177/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=1258493321515980177' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/1258493321515980177'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/1258493321515980177'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2010/01/blog-post.html' title='अन्नाज बर्बाद न करे, संभव हो तो मदद के लिये खुद आगे बढे। एक नजर चित्रों पर'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/S0G9GD0f6OI/AAAAAAAABK4/MH_jTTfFEMs/s72-c/starvation+4.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-8693715484074008871</id><published>2009-12-31T19:39:00.002+05:30</published><updated>2009-12-31T19:45:21.607+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='मीडिया'/><title type='text'>सहारा समय के नये न्यूज डायरेक्टर उपेंद्र राय ने पत्रकारिता की दुनिया में एक मिसाल कायम की है।</title><content type='html'>पत्रकारिता की दुनिया में उपेंद्र राय ने एक नई मिसाल कायम की है। स्टार न्यूज के वरिष्ट संपादक रहे उपेंद्र ने सहारा न्यूज में बतौर न्यूज डायरेक्टर ज्वाईन किया है।  इतने कम उम्र में एक बड़े संस्थान का न्यूज डायरेक्टर बनना बड़ी बात है। उपेंद्र के बारे में जितनी तारीफ की जाये वह कम होगा। क्योंकि उसका व्यक्तित्व ही ऐसा है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;ब्रेकिंग न्जूय&lt;/strong&gt; -  उपेंद्र ने हार्ड न्यूज से लेकर मनोरंजन की दुनिया तक में ऐसे न्यूज ब्रेक किये जिसके बारे में आम लोग जानना चाहते हैं। उन्होंने दर्जनों न्यूज ब्रेक किये हैं लेकिन जो याद है उनका उल्लेख आगे कर रहा हूं। 20 अक्टूबर 2005 को उन्होंने डीमेट एकाउंट घोटाला का पर्दाफाश किया था। इस घोटाले में देश की बड़ी बड़ी फाईनेंश कंपनियां और ट्रैड से जुड़े दिग्गज लोग शामिल थे। इनलोगों ने गरीब लोगों ने नाम पर फर्जी डीमेट एकाउंट खोल रखे थे और करोड़ो करोड़ रुपये  के घोटाले को अंजाम दिया। उपेंद्र की रिपोर्ट के बाद दिल्ली से लेकर मुंबई तक की सारी सरकारी मशिनरी हरकत में आई।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;26 अक्टूबर 2005-2006 के दौरान उपेंद्र ने फिल्म स्टार अमिताभ बच्चन सहित अन्य कलाकारों के कमाई का लेखा जोखा  पेश किया। और टैक्स से जुड़े सारे मामले सामने लाये। यह खबर भी उन दिनों काफी चर्चित रही। जैसे जैसे समय निकलता गया उपेंद्र एक से एक खोजी खबर जनता के सामने लाते गये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;5 जनवरी 2007 को उन्होंने घोड़े के कारोबार से जुडे हसन अली को लेकर जबरदस्त खबर ब्रेक की । देश-दुनिया से जुड़े 36 हजार करोड के घोटाले का पर्दाफाश जब उपेंद्र ने किया तो सारी दुनिया चकित रह गई। पूरा सरकारी महकमा सकते में आ गया। इतना बड़ा घोटाला देश के सामने पहले कभी नहीं आया था। इसके अलावा दर्जनों हार्ड न्यूज ऐसे हैं जिसका ब्रेक उपेंद्र ने किया। और खास बात यह रही कि जिस न्यूज को ब्रेक उपेंद्र ने किया। वह खबर दूसरे रिपोर्टर को अगले दिन भी ठिक से नहीं मिल पाती थी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मनोरंजन से जुड़े क्षेत्र में भी उपेद्र का जबरदस्त दखल रहा है। फिल्मी दुनियां की हस्ती ऐश्वर्या और अभिषेक बच्चन की शादी को लेकर मीडिया जगत में कयास लगाये जाते रहे। शादी की तिथियों को लेकर अटकलें लगती रही लेकिन पुख्ता तौर पर इस खबर को  उपेंद्र ने हीं स्टार न्यूज में ब्रेक किया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;अवार्ड से सम्मानित -&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;उनके जाबांजी रिपोर्टिंग के कारण हीं कई बार उपेंद्र को महत्वपूर्ण पुरूस्कारों से नवाजा गया। 19 जुलाई 2007 को देश का सबसे बढिया टीवी पत्रकार के लिये उन्हें  न्यूज टेलीविजन  अवार्ड से नवाजा गया। उन्हें इस वर्ष भी शानदार रिपोर्टिंग और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिये लायन गोल्ड अवार्ड से नावाजा गया। इन सबसे पहले उपेद्र को 2006 में स्टार न्यूज एचिवर अवार्ड से नवाजा गया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ब्रेकिंग न्यूज और शानदार रिपोर्टिंग के लिये लगातार किसी न किसी अवार्ड से सम्मानित किया जाना हीं उनकी शानदार सफलता को दर्शाता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;बहरहाल&lt;/strong&gt; उपेंद्र ने पत्रकारिता में अपनी कैरियर की शुरूआत राष्ट्रीय सहारा अखबार से शुरू की। सहारा के बाद वे स्टार न्यूज ज्वाईन किये। फिर वे बिजनस चैनल आवाज में गये। यहां यह बता दूं कि उपेंद्र की बिजनस न्यूज के मामले में भी जबरदस्त पकड़ है। उसके बाद फिर स्टार न्यूज आये और अब वे सहारा समय चैनल के न्यूज डायरेक्टर हैं।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-8693715484074008871?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/8693715484074008871/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=8693715484074008871' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/8693715484074008871'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/8693715484074008871'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2009/12/blog-post_31.html' title='सहारा समय के नये न्यूज डायरेक्टर उपेंद्र राय ने पत्रकारिता की दुनिया में एक मिसाल कायम की है।'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-5500587938292258872</id><published>2009-12-30T22:11:00.007+05:30</published><updated>2009-12-30T22:20:58.594+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='राजनीति'/><title type='text'>देश का हीरो राहुल गांधी</title><content type='html'>&lt;strong&gt;19 जून &lt;/strong&gt;&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzuEX9cjCaI/AAAAAAAABKQ/efSmrMlFZsY/s1600-h/Rahul+5.jpg"&gt;&lt;strong&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5421072123636681122" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 98px; CURSOR: hand; HEIGHT: 120px" alt="" src="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzuEX9cjCaI/AAAAAAAABKQ/efSmrMlFZsY/s400/Rahul+5.jpg" border="0" /&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;strong&gt;1970 को नई दिल्ली&lt;/strong&gt; &lt;strong&gt;में जन्मे राहुल गांधी&lt;/strong&gt; ने  कम हीं  उम्र में भारत की राजनीति में  एक मिसाल कायम कर दिया है। उन्होंने वह कर दिखाया जो आज तक देश के इतिहास में किसी राष्ट्रीय नेता ने नहीं किया। अब वह दिन दूर नहीं जब लोग यह कहेंगे कि देश की आइरन लेडी इंदिरा गांधी राहुल गांधी की दादी थी। देश के विकास पुरूष के नाम से जाने जाने वाले राजीव गांधी राहुल गांधी के पिता थे। कांग्रेस की वर्तमान अध्यक्ष और दुनियां की सबसे शक्तिशाली महिलाओं में से एक सोनिया गांधी राहुल गांधी की मां है। यानी परिवार की बड़ी हस्तियां राहुल गांधी के नाम से जाने जायेंगे। आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्यों ?&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;राहुल गांधी&lt;/strong&gt; न तो कोई राष्ट्रपति हैं और न हीं प्रधानमंत्री फिर भी देश के धरोहर हैं। व्यक्तिगत तौर पर राहुल गांधी से अधिक लोकप्रिय देश का कोई नेता नहीं है। क्योंकि देश की राजनीति में राहुल &lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzuEMOgv83I/AAAAAAAABKI/bgNdC3kKY10/s1600-h/Rahul+3.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5421071922059277170" style="FLOAT: right; MARGIN: 0px 0px 10px 10px; WIDTH: 120px; CURSOR: hand; HEIGHT: 113px" alt="" src="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzuEMOgv83I/AAAAAAAABKI/bgNdC3kKY10/s400/Rahul+3.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;गांधी ने वो मिसाल कायम कर दिया है अपने व्यवहार से जिसे आज तक किसी ने नहीं किया था, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को छोड़कर। राहुल गांधी विकास के मोर्चे पर उल्लेखनिय योगदान तो दे ही रहे हैं लेकिन साथ हीं उन्होंने जो सकारात्मक राजनीति की शुरूआत की है उससे काम नहीं करने वाले और सिर्फ दूसरों को गाली देने और दूसरों की गलतियां निकाल कर अपनी राजनीति चमकाने वाले नेताओं के होश उड़ गये हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;राहुल गांधी&lt;/strong&gt; की राजनीति से उच्च वर्ग की राजनीति करने वाले बीजेपी, पिछड़ो की राजनीति करने वाले सपा&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzuD--1VCII/AAAAAAAABKA/b0vdoEQeNNA/s1600-h/R+G3.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5421071694512326786" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 119px; CURSOR: hand; HEIGHT: 124px" alt="" src="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzuD--1VCII/AAAAAAAABKA/b0vdoEQeNNA/s400/R+G3.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;, राजद और दलितों की राजनीति करने वाले बसपा और लोजपा सभी पार्टियों के होश उड गये हैं। समाज के सबसे कमजोर पायदान पर जीवन यापन करने वाले गरीब व दलित-आदिवासी समाज के यहां जाकर, उनके यहां भोजनकर , रात बिताकर, परिश्रम के कामों में तपती धूप में योगदान कर उन्होंने जहां स्वर्ण समाज को लज्जित किया और एक नई राह दिखाई कि सामज को जोड़ो। तोड़ो नहीं। वहीं पिछडे-दलित-आदिवासी समाज की राजनीति करने वाले नेताओं को भी जता दिया कि राजनीति तोडकर नहीं जोड़कर की जाती है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;राहुल के कदम का काट किसी के पास नहीं है। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने यहां तक आरोप लगा दिया कि राहुल गांधी गरीबो के यहां खाना खा कर नहाते हैं। दरअसल मायावती राहुल गांधी के सकारात्मक राजनीति से डर गयी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;बहरहा&lt;/strong&gt;&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzuDQwDc4fI/AAAAAAAABJw/XZyR-V_55MU/s1600-h/Rahul+with+village+child.jpg"&gt;&lt;/a&gt;&lt;strong&gt;ल, राहुल गांधी&lt;/strong&gt; देश के किसी भी कोने से चुनाव लड़े वो जीत जायेंगे लेकिन आज के तारी&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzuDn94_KYI/AAAAAAAABJ4/JVidxMLwbhM/s1600-h/Rahul+4.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5421071299122243970" style="FLOAT: right; MARGIN: 0px 0px 10px 10px; WIDTH: 90px; CURSOR: hand; HEIGHT: 120px" alt="" src="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzuDn94_KYI/AAAAAAAABJ4/JVidxMLwbhM/s400/Rahul+4.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;ख में उन्हें अपनी पार्टी कांग्रेस के लिये काफी मेहनत करनी होगी क्योंकि कांग्रेस का हर उम्मीदवार राहुल गांधी नहीं हो सकता। और न है। वे अभी भी अपनी राजशाही जीवन शैली के लिये जाने जाते हैं। उनका व्यवहार क्रूर और घंमडी सांमती वाला है। ऐसे में राहुल गांधी की तरह कांग्रेस को भी समर्थन मिलेगा इसमें संदेह है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-5500587938292258872?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/5500587938292258872/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=5500587938292258872' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/5500587938292258872'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/5500587938292258872'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2009/12/blog-post_1520.html' title='देश का हीरो राहुल गांधी'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzuEX9cjCaI/AAAAAAAABKQ/efSmrMlFZsY/s72-c/Rahul+5.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-8042491769174614209</id><published>2009-12-30T21:09:00.003+05:30</published><updated>2009-12-30T21:17:20.368+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='समस्याएं'/><title type='text'>सुरक्षा बल के जवानों से माओवादियों की अपील</title><content type='html'>नक्सल प्रभावित&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5421055751806820514" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 150px; CURSOR: hand; HEIGHT: 113px" alt="" src="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/Szt1e_oIoKI/AAAAAAAABJo/FjoGr6i2n0k/s400/mao+flag.jpg" border="0" /&gt; राज्यों में सुरक्षा बलों के जवान और नक्सल कैडेट्स के बीच संघर्ष जारी है। इसमें दोनो ही तरफ के लोग मारे जा रहे हैं। इससे देश की शांति और विकास की प्रक्रिया बाधित हो रही है। सरकार नक्सल को एक समस्या मान कर इससे से जुड़े लोगों की सफाया करना चाहती है। वहीं नक्सल से जुडे लोगों का कहना है कि गरीबो के प्रति सरकार और जमीदारों की नकारात्मक रवैये के कारण हीं हथियार उठाना पड़ा। &lt;strong&gt;इस बीच महाराष्ट्र ईकाई के माओवादी संगठन ने मीडिया के लिये जो पर्चे जारी किये वह निम्नलिखित प्रकार से है&lt;/strong&gt; - &lt;div&gt;&lt;div&gt;“ तुम हमारे हो, हमारे बीच के हो ... हालांकि यह जो पुलिस की वर्दी तुमने पहन रखी है इसका सीधा रिश्ता तुम्हारी रोजी-रोटी से है मगर भाई मेरे, ऐसे जीने का भला क्या मतलब ? ”&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;जवानों और अधिकारियों,&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;छत्तीसगढ के अविभाजित बस्तर, राजनांदगांव और महाराष्ट्र के गढचिरोली क्षेत्र जिसे दण्डकारण्य के नाम से पुकारा जाता है, में तैनात आप लोगों को अब एक युद्व लड़ने के लिये प्रेरित किया जा रहा है। आपके हाथों में अत्याधुनिक हथियार हैं और ढेर सारा गोलाबारूद। आपको इस मिशन पर भेजते समय आपके अधिकारियों और जंगल वारफेर स्कूल के प्रशिक्षकों ने हमारे (यानी माओवादियों के ) बारे में बहुत सी झूठी बातें बतायी होंगी। जाने अनजाने में आप यहां यह समझकर आये होंगे कि आप यहां युद्व लड़कर देश की सेवा करेंगे या रक्षा करेंगे। यहां आने पर आप एक सच्चाई को जरूर जाना समझा होगा। वो यह है कि आपके थानों-कैंपों के इर्द-गिर्द मौजूद बस्तियों में जीने वाले आदिवासी जो बेहद गरीबी में, बुनियादी सुविधाओं के अभाव में तथा सरकारों द्वारा दशकों से जारी लापरवाही का शिकार बनकर जिंदगी के साथ जद्दोजहद करते हैं। उन्हीं लोगों के खिलाफ आप लोगों को लड़ाई लड़ना है। उन्हीं लोगों के सीने पर ताननी है अपनी रायफलें। क्योंकि सोनिया, मनमोहन सिंह, चिदंबरम, रमण सिंह, ननकीराम, अशोक चव्हान, महेंद्र कर्मा आदि नेताओं ने निर्णायक युद्व या आरपार की लड़ाई का जो हुंकार मार रहे हैं वो यहां के भोले भाले गरीब और मेहनतकश आदिवासी जन समुदाय के खिलाफ हीं है। आखिर यहां के जनता पर इतना गुस्सा क्यों?&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;भोली-भाली व शांति चाहने वाली यहां की आदिवासी जनता&lt;/strong&gt; का इतिहास देश के अन्य इलाकों के आदिवासी की तरह ही रहा है। इन्होंने 19 वीं सदी की शुरूआत से लेकर आज तक शोषण, लूट, उत्पीड़न, अन्याय और परायों के शासन के खिलाफ बगावत का परचम हमेशा ऊंचा उठाए रखा है। 1910 में अंग्रेजों के खिलाफ इनलोगों ने जबरदस्त विरोध किया था जो इतिहास के पन्नों में महान भूमकाल के नाम से अंकित है। आने वाले 2010 में इस विद्रोह की 100 वीं सालगिरह मनानी है। और अब एक ऐसा संयोग बना है कि यह सौवां साल यहां के समूचे आदिवासियों को एक बार फिर प्रतिरोध का झंडा बुंलद करने पर मजबूर कर रहा है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बहरहाल यहां के आदिवासियों ने कई बिद्रोह किये। काफी खून बहाया, शहादतें दी। पर आजादी और मुक्ति की उनकी चाहतें पूरी नहीं हुई। पहले गोरें लुटेरों और 1947 के बाद से उनका स्थान लेने वाले काले लुटेरों ने इनके हिस्से में अभाव, अन्याय, अपमान और अत्याचार हीं दिये हैं। अपने हीं मां समान जंगल में वन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें चोर बना दिया। जंगल माफिया, मुनाफाखोर व्यापारी, ठेकेदार, पुलिस, फॉरेस्ट अफसर ....सभी ने उनका शोषण किया। उनकी मां-बहनों की इज्जत के साथ खिलवाड़ किया। हालांकि इनके खिलाफ उनके दिलो दिमाग में गु्स्सा उबल रहा था, लेकिन उसे सही दिशा देने की राजनैतिक ताकत उनके पास नहीं थी। ऐसी स्थिति में 1980 के दशक में उन्हें एक नई राह मिल गई। मुक्ति की एक वैज्ञानिक सोच लेकर और जनयुद्व का संदेश लेकर यहां पर हमारी माओवादी पार्टी ने कदम रखा। यहां की दमित-शोषित-उत्पीड़ित आदिवासी जनता में काम करना शुरू किया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सिर्फ यहां की आदिवासियों की नहीं बल्कि देश के तमाम इलाकों के लोगों की या यूं कहें कि देश की 90 प्रतिशत मेहनतकश लोगों की कमोबेश यही बदहाली है। देश के मजदुरों, किसानों, छोटे छोटे मंझोले व्यापारियों तथा आदिवासी, दलित, महिलाएं और अन्य पिछड़े समुदायों पर शोषण उत्पीड़न का एक व्यापक दुष्चक्र जारी है। इस स्थिति के लिये जिम्मेदार वे लोग हैं जो आबादी के महज 10 फिसदी का प्रतिनिधि होने के बावजूद देश की समूची सम्पदाओं में 90 प्रतिशत पर हिस्सेदारी रखते हैं। इन गिद्वों को हमारी पार्टी तीन वर्गों – सामंती वर्ग, दलाल पूंजीपति वर्ग और साम्राज्यवादियों में बांटती है जिनकी सांठगांठ से निर्मित व्यवस्था हीं देश की सारी समस्याओं की जड़ है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आज की तथाकथित लोकतांत्रिक व्यवस्था दरअसल इस दुष्ट तिकड़ी की मुठ्ठी में ही है। यही लोग चुनाव लड़ते हैं, यही लोग जीतते हैं, पार्टी का नाम और झंडा का रंग जो भी हो। संसद भी इन्हीं लोगों का है। थान, कचहरी, जेल सभी पर नियंत्रण इन्ही का है। देश की श्रमशक्ति, संपदाओं और संसाधनों को यही लोग लुटते हैं। इसके खिलाफ लड़ने पर पुलिस और फौजी बलों को उतारकर जनता पर अकथनीय जु्ल्म ढाते हैं। और उल्टा उन्हीं लोगो पर आंतकवादी या उग्रवादी का ठपा लगा देते हैं। गरीबी, बेरोजगारी, भुखमरी, अकाल, अशिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, किसानों की आत्महत्या, पलायन आदि सभी समा्स्यायें इन्ही तीन वर्गों की निर्मम लूट खसोट के कारण है। मनुष्य द्वारा मनुष्य का शोषण के आधार पर खड़ी इनकी व्यवस्था को ध्वस्त करना निहायत जरूरी है ताकि शोषणविहीन, भेदभावरहित तथा रह प्राकर के उत्पीडन से मुक्त खुशहाल समाज का निर्माण किया जा सके। जनता के पास कोई दूसरा और नजदीकी रास्ता नहीं बचा है। हमारी पार्टी की इसी राजनीतिक सोच के साथ दण्डकारण्य के आदिवासी सचेत हुए हैं और फिर संघर्ष का शंखानाद बज गया। सरकारी गुस्से का कारण यही है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आपलोग क्या इन बदहाल आदिवासियों से अलग हैं? नहीं, हमारी पार्टी ऐसा नहीं मानती। आप लोग जवान और छोटे स्तर के अधिकारी ( आपके बलों का नाम जिला पुलिस, सीएएएफ, सीपीओ, एसपीओ, एसटीएफ, सीआरपीएफ, बीएसएफ, ग्रे-हाउण्डस, कोबरा, आईटीबीपी, एसएसबी....जो भी हों) ऐसे ही शोषित व मेहनतकश माता-पिता की संताने हैं। रोजी रोटी की तलाश में आपने इस रास्ते को चुना है। वरना इन लोगों के खिलाफ आपके मन में गुस्से का कोई आधार हीं नहीं है। यहां की आदिवासी जनता और उनका नेतृत्व कर रही हमारी पार्टी को आंतकवादी या उग्रवादी कहकर चिदंबरम गिरोह और आपके उच्च अधिकारी आपके मन में हमारे खिलाफ कृत्रिम तरीके से गुस्सा भरने की कोशिश करते हैं। अमेरिकी साम्राज्यवादियों का वफादार सेवक मनमोहन सिंह जो हमारी पार्टी को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिये सबसे बड़ा खतरा कहते नहीं थकता, इस बात को छुपा देता है कि दरअसल हमारी पार्टी से देश के मुठ्ठी भर लुटेरों को खतरा है। चूंकि रेडियो, अखबार, और टीवी पर उन्हीं लुटेरों का कब्जा है। इसलिये एक झूठ को सौ बार दोहराकर सच बनाने की उनकी चालें कुछ हद तक चल भी पा रही है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आज हम (यानी यहां का आदिवासी अवाम और उनके जायज संघर्ष की अगुवाई करने वाली हमारी पार्टी) और आप लोग आमने सामने हैं। आप अपने अधिकारियों के उकसावे और आदेश पर आदिवासियों के गांवों को जला रहे हैं। लूट रहे हैं। या फिर सलवा जुडूमियों के द्वार लुटवा रहे हैं। मारपीट कर रहे हैं। आदिवासी महिलओं के साथ बलात्कार कर रहे हैं। निहत्थे लोंगों पर गोलियां बरसा रहे हैं। झूठी मुठभेड़ कर रहे हैं। और नरसंहारों को अंजाम दे रहे हैं। यह सब उस संविधान के खिलाफ जाकर कर रहे हैं जिसका पालन करने की आप शपथ लेकर इस नौकरी में आये थे। विडम्बना यह है कि जिन लोगों के खिलाफ आप यह सब कुछ कर रहे हैं वो भी आप जैसे गरीब और मेहनतकश लोग हीं हैं। जनता की रक्षा की खातिर हमारी जन सेना- पीएलजीए – आपके खिलाफ जवाबी हमले कर रही है जिसमें दर्जनों की संख्या में आप लोग हताहत हो रहे हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;लेकिन यही सबकुछ नहीं है। आपमें से कई लोंगों ने कम मौके पर हीं सही निर्दोष आदिवासियों पर गोली चलाने से इनकार किया। अत्याचारों का विरोध किया। यहां तक कि अपने अधिकारियों के खिलाफ कुछ मौंको पर विद्रोह भी किया। छतीसगढ पुलिस के कई जवानों और अधिकारियों ने हमारे संघर्षके इलाके में ड्यूटी करने से मना कर दिया। क्योंकि उन्हें मालूम है यहां ड्यूटी करने का मतलब अपने हीं भाई बहनों के खिलाफ खड़ा होना और अपनों पर हीं गोलियां बरसाना। हमारे इलाके में नहीं जाने के कारण कई कर्मचारियों को निलंबन किया गया फिर भी वे अपने फैसले पर कायम पर रहे। यहां तक कि कुछ जवानों ने हथियार लाकर भी भी हमें दिया। हम उन सभी लोगों का सरहाना करते हैं जिन्होंने किसी न किसी वजह से आदिवासियों के सीने पर बंदूक उठाने से मना कर दिया। हमारे इलाके में पदस्थ जवान कई परेशानियों और प्रताडनाओं के दौर से गुजर रहे हैं। खास कर उच्च अधिकारियों के बूरे बर्ताव से आहत पुलिस और अर्द्वसैनिक बलों के जवानों ने खुदकुशी कर ली। कुछ लोगों ने दरिंदे अफसरों को गोली मारकर खुद को भी गोली मारी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;हम तमाम जवानों से अपील करते हैं कि आप इस इस तरह निरर्थक मौत को गले न लगायें। आपमें ताकत है और सोच विचार कर फैसला लेने का विवेक भी। अपनी वर्गिय जड़ों को पहाचानिये ... आपको उकसाने और जनता पर कहर ढाने का आदेश देने वालों की वर्गीय जड़ो को पहचानिये। चिदम्बरम, रमनसिंह, महेंद्र कर्मा जैसों के असली चेहरे को पहचानिये। दोनो बिल्कुल अलग अलग हैं। एक दूसरे के विपरित। इसलिये आइए ... दोनो हाथ फैला कर हम आपका स्वागत कर रहे हैं। आप अपनी बंदूकें लुटेरों, घोटालेबाजों, रिश्वतखोरों, जमाखोरों, देश की संपदाओं को बेचने वाले दलालों, देश की अस्मिता के साथ सौदा करने वाले देशद्रोहियों के सीने पर तानिये। जिस मेहनत वर्ग में से आपने जन्म लिया है उस वर्ग की मुक्ति के लिये जारी महासंग्राम के सैनिक बनिये। घुसखोरी, गालीगलौज, दलाली, जातिगत भेदभाव, धार्मिक साम्प्रदायिकता आदि सामंती मान्यताओं के ढांचे पर निर्मित पुलिस और अर्द्वसैनिक बलों से वापस आइये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दोस्तों अगर आप अपने मजबूरियों के कारण नौकरी नहीं छोड सकते तो कम से कम हमारे इलाके में काम करने से मना कर दीजिये। हमलों में शामिल होने से इंकार करिये। अपने अफसरों के हुक्म का पालन मत करिये। जनता के खिलाफ लाठी-गोलियां का प्रयोग करन से दूर रहिये। हमारे साथ सशस्त्र झड़पों के सूरत में हथियार डाल दीजिये और अपनी जान बचा लीजिये। हमारी जनता के जीवन को और संघर्ष को जानने-बूझने की कोशिश कीजिये। यह भी समझने की कोशिश कीजिये कि इतनी व्यापक सरकारी बर्बरता, आतंक और नरसंहारों के बावजूद भी यहां की जनता हमारी पार्टी के साथ क्यों खड़ी है। अपने अधिकारियों और सरकार के झूठे प्रचार के प्रभाव से खुद को बाहर लाइये। सच्चाई को समझने की कोशिश कीजिये। और सच के साथ लड़े हो जाइये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;“ मत भूलों की जिन लोगों ने तुम्हारे हाथों में बंदूके थमाई हैं&lt;br /&gt;वो गद्दार हैं – मुल्क के दुश्मन हैं&lt;br /&gt;मत भूलो, कि तुम हमारे हो, हमारे बीचे के हो...”&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;क्रांतिकारी अभिनन्दन के साथ,&lt;br /&gt;भाकपा(माओवादी) दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी, महाराष्ट्र राज्य कमेटी। "&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उपरोक्त पत्र मीडिया के लिये माओवादियों ने जारी किया है। &lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-8042491769174614209?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/8042491769174614209/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=8042491769174614209' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/8042491769174614209'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/8042491769174614209'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2009/12/blog-post_2275.html' title='सुरक्षा बल के जवानों से माओवादियों की अपील'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/Szt1e_oIoKI/AAAAAAAABJo/FjoGr6i2n0k/s72-c/mao+flag.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-1233137662287714768</id><published>2009-12-30T17:57:00.002+05:30</published><updated>2009-12-30T18:02:47.735+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='Jharkhand Assembly Election 2009'/><title type='text'>शिबू सोरेन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, बीजेपी में नाराजगी, सरकार के भविष्य को लेकर सवाल।</title><content type='html'>&lt;strong&gt;झारखंड मुक्ति मोर्चा के (झामुमो)&lt;/strong&gt; अध्यक्ष शिबू सोरेन ने आज तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद  शपथ ली। उनके साथ बीजेपी के रघुवर दास और ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन(आजसू) के अध्यक्ष सुदेश महतो ने भी मंत्री पद की शपथ ली। ये दोनों हीं राज्य के उप मुख्यमंत्री बने।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आज राज्य के राज्यपाल के शंकर नारायणन ने झामुमो नेता शिबू सोरेन को मुख्यमंत्री पद और गोपनियता की शपथ दिलायी। इनके अलावा आजसू नेता सुदेश महतो और बीजेपी नेता रघुवर दास को भी मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। दोनो हीं नेताओं को उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कुल 12 लोगों को मंत्री बनाया जाना है। किसे मंत्री बनाया जायेगा और किसे नहीं इसका फैसला विश्वासमत प्राप्त के बाद ही किया जायेगा। 7 जवनरी को विश्वासमत प्राप्त करने की संभावना है। गुरूजी के पास 81 विधान सभा सीटों में 45 विधायकों का समर्थन हासिल है। इनमें झामुमो के 18, बीजेपी के 18, आजसू के 5, जदयू के 2 और दो निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;झारखंड सरकार के गठन को लेकर बीजेपी में असंतोष&lt;/strong&gt; –&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बीजेपी के समर्थन से बनने वाली शिबू सोरेन सरकार के भविष्य को लेकर अभी से हीं चर्चाएं शुरू हो गई है। शपथ समारोह में बीजेपी संगठन से जुड़े कोई भी कदावर नेता शामिल नहीं हुआ। बीजेपी के जो बड़े चेहरे हैं जैसे बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी के अलावा अन्य केंद्रीय नेताओं में लालकृष्ण आडवाणी, राजनाथ सिंह, नरेंद्र मोदी, वैंक्कया नायडू, अरूण जेटली, सुषमा स्वराज जैसे दिग्गज शामिल नहीं हुए। बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी के शिबू सोरेन के समर्थन में सरकार बनाने के फैसले को लेकर बीजेपी में अंसतोष साफ दिख रहा है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पार्टी विधायकों का रूख क्या होगा। इसको भी लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। शायद इसीलिये विश्लास मत प्राप्त करने के बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार करने का फैसला किया गया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;शपथ समरोह में बीजेपी के जो लोग शामिल हुए उनमें बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा, छतिसगढ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, बिहार के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सुशील मोदी शामिल थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;28 दिसंबर को हीं बीजेपी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूढी ने झामुमो नेता शिबू सोरेन के खिलाफ कड़ा बयान दिया था। बाद में वे अपने बयान को व्यक्तिगत बताया और बतौर प्रवक्ता उन्होंने कहा कि वे पार्टी फैसले के साथ हैं। दबे जुबान इस प्रकार के बयान लगातार आ रहे हैं। बीजेपी छोड चुके गोविंदाचार्य ने भी बीजेपी द्वारा झामुमो नेता शिबू सोरेन को समर्थन देने पर आलोचना की।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बहरहाल, बीजेपी में शिबू सोरेन को लेकर मतभेद के बीच शपथ समारोह तो संपन्न हो गया लेकिन लाख टके का सवाल यह है कि बीजेपी झामुमो नेता शिबू सोरेन को कब तक समर्थन देगी ?&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-1233137662287714768?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/1233137662287714768/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=1233137662287714768' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/1233137662287714768'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/1233137662287714768'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2009/12/blog-post_30.html' title='शिबू सोरेन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, बीजेपी में नाराजगी, सरकार के भविष्य को लेकर सवाल।'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-5645871284968229976</id><published>2009-12-27T19:57:00.003+05:30</published><updated>2009-12-27T20:01:18.596+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='Jharkhand Assembly Election 2009'/><title type='text'>शिबू सोरेन 30 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद का शपथ लेंगे।</title><content type='html'>झारखंड मु&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzdvWPXEXhI/AAAAAAAABJQ/ZdSVnVJx8Hw/s1600-h/Shibu+Soren.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5419923104434773522" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 106px; CURSOR: hand; HEIGHT: 100px" alt="" src="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzdvWPXEXhI/AAAAAAAABJQ/ZdSVnVJx8Hw/s400/Shibu+Soren.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;क्ति मोर्चा (झामुमो) सुप्रीमो शिबू सोरेन 30 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद का शपथ लेंगे। शपथ समारोह का कार्यक्रम झारखंड की राजधानी रांची स्थित मोरहाबादी मैदान में आयोजित किया जायेगा। श्री सोरेन ने राज्यपाल के. शंकर नारायणन से मुलाकात करने के बाद राज्य में सरकार गठन करने का दावा किया। समर्थन में झामुमो के अलावा बीजेपी और आजसू के विधायकों की सूची सौपी, जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया। झामुमो नेता शिबू सोरेन के अलावा किसी अन्य पार्टियों के नेता ने कोई भी दावा पेश नहीं किया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;झारखंड का विकास हीं प्राथमिकता – सुदेश महतो &lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzdvgoH3FcI/AAAAAAAABJY/ltHl4syoozI/s1600-h/Sudesh+Mahto.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5419923282880566722" style="FLOAT: right; MARGIN: 0px 0px 10px 10px; WIDTH: 132px; CURSOR: hand; HEIGHT: 320px" alt="" src="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzdvgoH3FcI/AAAAAAAABJY/ltHl4syoozI/s400/Sudesh+Mahto.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष सुदेश महतो ने कहा है झारखंड में हर क्षेत्र में विकास की जरूरत है। राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण जितनी बदनामी राज्य की हुई है वह हम सभी के लिये लेशन है। राज्य को हर हाल में भ्रष्टाचार मुक्त बनाना होगा। इसके लिये सभी लोगों का सहयोग जरूरी है। श्री महतो ने यह भी कहा कि राज्य को हर हाल में अपराध मुक्त भी बनाया जायेगा। राज्य में किसी अपराधी को कोई पनाह नहीं मिलेगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;उन्होंने विकास को प्राथमिकता देते हुए कहा कि पंचायत चुनाव कराने पर उनका जोर रहेगा। श्री महतो ने कहा कि ग्रामिण विकास के लिये जो धन राशि केंद्र से मिलती है वह धन राशि पंचायत चुनाव न होने की वजह से नहीं मिल रही है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सुदेश महतो झारखंड के तेज तर्रार और काफी सुलझे हुए नेता माने जाते हैं। झारखंड में इनका जन समर्थन लगातार बढता जा रहा है। इस बार आजसू के पांच विधायक चुने गये है जबकि पिछली बार दो हीं विधायक चुने गये थे। &lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-5645871284968229976?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/5645871284968229976/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=5645871284968229976' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/5645871284968229976'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/5645871284968229976'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2009/12/30.html' title='शिबू सोरेन 30 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद का शपथ लेंगे।'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzdvWPXEXhI/AAAAAAAABJQ/ZdSVnVJx8Hw/s72-c/Shibu+Soren.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-6471822898237434757</id><published>2009-12-24T15:33:00.001+05:30</published><updated>2009-12-24T15:35:20.160+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='Jharkhand Assembly Election 2009'/><title type='text'>कांग्रेस को डर है कि यदि शिबू सोरेन मुख्यमंत्री बने तो कांग्रेस के कई नेता सलाखों के पीछे होंगे</title><content type='html'>झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता शिबू सोरेन यानी गुरूजी को कांग्रेस और जेवीएम मुख्यमंत्री बनाने के लिये क्यों नहीं तैयार हो रही है? यह एक अह्म सवाल है। कांग्रेस-जेवीएम को 25 सीटें मिली है जबकि अकेले अपने दम पर झामुमो को 18 सीटें। यदि झामुमो को समर्थन चाहिये तो कांग्रेस पार्टी को भी कम से कम 16 विधायकों का समर्थन चाहिये। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर झामुमो नेता शिबू सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने से कांग्रेस क्यों हिचक रही है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;राजनीति गलियारों में कहा जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी के जो लोग गुरूजी को दागी कहकर मुख्यमंत्री बनने से रोकना चाह रहे हैं शायद उन कांग्रेसी नेताओं को डर है कि यदि शिबू सोरेन मुख्यमंत्री बन गये तो कांग्रेस के कई नेता सलाखों के पीछे होंगे। दूसरे को बेवजह बदनाम करने वाले नेता खुद कानून के चंगुल में फंस दागी बन जायेंगे। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मधुकोडा प्रकरण में कांग्रेस के कई नेताओं के नाम चर्चा में है। कहा जा रहा है कि इसके तार यदि खुलते गये तो इसके चपेट में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता आ सकते हैं। ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष सोनियां गांधी और महासचिव राहुल गांधी ने जो त्याग तपस्या कर कांग्रेस को नये सिरे एक साख वाली पार्टी बनाया है उसमें दाग लग सकता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;झामुमो नेता शिबू सोरेन एक क्रांतिकारी नेता हैं। उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा। दुख-कष्ट तो वे बचपन से हीं झेल रहे हैं। उन्हें किसी का डर नहीं है क्योंकि झारखंड की जनता उनके पक्ष में गोलबंद होने लगी है। कहा जा रहा है कि झाममो नये सिर से झारखंड में अपने आपको ताकतवर बनाने में जुट गई है। किसी राजनीतिक कारण या अन्य कारणों से झारखंड के जो नेता झामुमो से अलग हो चुके थे उन्हें भी जोड़ने की कोशिश की जा रही है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-6471822898237434757?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/6471822898237434757/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=6471822898237434757' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/6471822898237434757'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/6471822898237434757'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2009/12/blog-post_24.html' title='कांग्रेस को डर है कि यदि शिबू सोरेन मुख्यमंत्री बने तो कांग्रेस के कई नेता सलाखों के पीछे होंगे'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-5270831986498755804</id><published>2009-12-23T21:54:00.005+05:30</published><updated>2009-12-23T22:07:28.757+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='Jharkhand Assembly Election 2009'/><title type='text'>शिबू सोरेन या हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने की मांग</title><content type='html'>&lt;strong&gt; उदय रवानी की रिपोर्ट&lt;/strong&gt; -&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;strong&gt;झारखं&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzJEwIFz55I/AAAAAAAABI4/YW4mxfgIR6w/s1600-h/Shibu+Soren.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5418468895276394386" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 106px; CURSOR: hand; HEIGHT: 100px" alt="" src="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzJEwIFz55I/AAAAAAAABI4/YW4mxfgIR6w/s320/Shibu+Soren.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;ड विधान सभा&lt;/strong&gt; चुनाव के परिणाम के बाद सबसे अह्म सवाल है कि राज्य का मुख्यमंत्री किसे बनाया जाये? ऐसी हालात में सबसे अधिक उपयुक्त नाम झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन(गुरूजी) का हीं सामने आता है। यदि उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाता है तो झामुमो के महासचिव और गुरूजी के बेटे हेमंत सोरेन का नाम सबसे उपर आता है। लेकिन गुरूजी के नाम को लेकर दस सवाल खड़े किया जा रहे हैं। आईये जानते हैं गुरूजी के पक्ष और विपक्ष के बारे में।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सबसे पहले चर्चा करते हैं कि गुरूजी पर क्या आरोप हैं&lt;/strong&gt; – अपने पीए शशि झा की हत्या – शशि झा के हत्या के मामले में अदालत उन्हें बरी कर चुका &lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzJE76HhmnI/AAAAAAAABJA/PNlAqSYiCB8/s1600-h/Hemant+Sorren.jpg"&gt;&lt;/a&gt;है। उनके विरोधी आरोप लगा रहे हैं कि शिबू सोरेन के इशारे पर ही हत्या हुई। लेकिन उनके समर्थको का कहना है कि उन्हें राजनीतिक तौर पर बदनाम किया गया। उन्हें अदालत बरी कर चुका है। कांग्रेस और बीजेपी दोनो को टक्कर देने में झामुमो ही सक्षम है इसलिये उन्हें रास्ते से हटाने की चाल चली गई। और बदनाम किया गया।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सांसद रिश्वत प्रकरण&lt;/strong&gt; – कांग्रेस पार्टी ने अपनी सरकार बचाने के लिये झामुमो के सासंदों को पैसे देने के प्रलोभन दिये। और बड़ी ही चालाकी से उसे बदनाम करने के लिये इस खबर को लीक कर दी। गुरूजी के विरोधी कह रहे हैं कि उन्होंने रिश्वत ली। जबकि उनके समर्थकों कहना है कि झामुमो पिछड़ों की पार्टी है। यह पार्टी आदिवासी, दलित और पिछड़ो के खूनपसिनों से खड़ी हुई है। इस पार्टी को चलाने के लिये चंदा की जरूरत होती है। कोई व्यापारी चंदा नहीं देता। ऐसे में इन्होंने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया। बीजेपी और कांग्रेस के नेता व्यापारियों से पैसा लेकर उनके लिये नियम हीं बदल देतें है और उनके लिये अरबों रूपये कमाने की व्यवस्था कर देते और खुद भी करोंड़े में कमाते हैं। उन्हें कोई दागी क्यों नहीं कहता। इनके अलावा उनपर जो भी आरोप हैं वे सभी आंदोलन के दौरान हुए हादसे के आरोप हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्य़क्ष गुरूजी&lt;/strong&gt; के पिताजी की हत्या जमींदारों ने कर दी थी। वे झारखंड को जमींदारों के चंगुल से छुड़ाने की लड़ाई छेड़ी। वे क्रांतिकारी आंदोलन भी किये। यह लंबा इतिहास है। शिबू सोरेन क्रांतिकारी हैं। उन्हें पूरा सहोयग मिला झामुमो के क्रांतिकारी नेता और झामुमो के संस्थापक अध्यक्ष बिनोद बिहारी महतो का। झारखंड अलग राज्य बनने के बाद कभी भी क्रांतिकारी नेताओं को शासन चलाने का मौका नहीं मिला। गुरूजी को जो दो बार मुख्यमंत्री बनाया गया वह अव्यवस्थित राजनीति का हिस्सा था। इस बार यदि उन्हें नहीं बनाया जाता है तो यह गलत होगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;यदि गुरूजी को किसी आरोप के तहत मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाता है तो मुख्यमंत्री झामुमो से हीं&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzJGd4grdmI/AAAAAAAABJI/-b-YwK7bzDk/s1600-h/Hemant+soren+1.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5418470780879730274" style="FLOAT: right; MARGIN: 0px 0px 10px 10px; WIDTH: 78px; CURSOR: hand; HEIGHT: 110px" alt="" src="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzJGd4grdmI/AAAAAAAABJI/-b-YwK7bzDk/s400/Hemant+soren+1.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt; हेमंत सोरेन को बनाया जाना चाहिये। हेमंत युवा हैं। काफी पढे-लिखे हैं। इनजीनियरिंग कर चुके हैं। विषय की समझ है। यदि इन्हें नहीं बनाया जाता है तो आने वाला समय काफी कठिन होगा झारखंड की राजनीति के लिये। हेमंत वर्तमान में राज्य सभा के सदस्य और झामुमो के महासचिव हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बहरहाल, झारखंड के विधान सभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने सभी राष्ट्रीय दलों के चुनौती को ध्वस्त कर दिया है। इसका पूरा श्रेय झामुमो अध्यक्ष गुरूजी यानी शिबू सोरेन और महासचिव हेमंत सोरेन के नेतृत्व में पूरी टीम को जाता है। झामुमो एक मात्र ऐसी पार्टी है जिसने अपने दम पर राज्य में चुनाव लड़ा और 18 सीटों पर जीत हासिल की। देश के दोनो बड़े राष्ट्रीय दल कांग्रेस और बीजेपी गठबंधन के साथ मैदान में उतरी। कांग्रेस ने जहां झारखंड विकास मोर्चा के साथ हाथ मिलाया वहीं बीजेपी जनता दल यूनाईटेड के साथ मैदान में उतरी। सबसे बुरा हा हुआ बीजेपी का। कुछ हीं महीने पहले लोक सभा के चुनाव हुए जिसमें लोक सभा के 14 सीटों में से 8 पर बीजेपी का कब्जा हो गया वही विधान सभा चुनाव में 81 में से सिर्फ 19 सीटें मिली। जबकि पिछली बार बीजेपी को 30 सीटें मिली थी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;समाचार लिखने तक&lt;/strong&gt; - सबसे पहले आईये देखते हैं झारखंड के 81 विधान सभा सीटों में से किसा पार्टी को कितने मत मिले –&lt;br /&gt;झामुमो – 18 , कांग्रेस गठबंधन – 24 (कांग्रेस – 13, झाविमो – 11), बीजेपी गठबंधन – 21 ( बीजेपी – 19, जेडीयू – 02), राजद गठबंधन – 05 (राजद – 05, लोजपा – 00, सीपीआई – 00, सीपीएम – 00), अन्य – 13 ( आजसू – 05, मासस – 01, सीपीआईएमएल – 02, झारखंड पार्टी – 01, निर्दलीय – 4)। इनमें एक दो सीटों का उतार चढाव हो सकता है। ) &lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-5270831986498755804?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/5270831986498755804/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=5270831986498755804' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/5270831986498755804'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/5270831986498755804'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2009/12/blog-post_23.html' title='शिबू सोरेन या हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने की मांग'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SzJEwIFz55I/AAAAAAAABI4/YW4mxfgIR6w/s72-c/Shibu+Soren.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-8284505899835353581</id><published>2009-12-16T20:10:00.003+05:30</published><updated>2009-12-16T20:15:57.847+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='Jharkhand Assembly Election 2009'/><title type='text'>लालू यादव और रामविलास पासवान ने रामचंद्र चंद्रवंशी समेत सभी आरजेडी-लोजपा उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की अपील की।</title><content type='html'>&lt;strong&gt;उदय रवानी की रिपोर्ट&lt;/strong&gt; -&lt;br /&gt;आरजेडी नेता&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SyjyAuRt-1I/AAAAAAAABIw/DAu9XdN-ym8/s1600-h/Laloo-Paswan.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5415844646149290834" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 113px; CURSOR: hand; HEIGHT: 117px" alt="" src="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SyjyAuRt-1I/AAAAAAAABIw/DAu9XdN-ym8/s320/Laloo-Paswan.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt; लालू प्रसाद यादव और लोजपा नेता रामविलास पासवान ने विश्रामपुर से रामचंद्र चंद्रवंशी समेत सभी आरजेडी-लोजपा गठबंधन उम्मीदवारों को जिताने का ऐलान किया। लालू यादव ने कहा कि कांग्रेस ने देश को तहस नहस कर दिया है। श्री यादव ने झारखंड में भ्रष्टाचारमुक्त शासन व गरीबों की सरकार बनाने के लिए विश्रामपुर विधान सभा क्षेत्र से राजद-लोजपा प्रत्याशी रामचंद्र चंद्रवंशी के पक्ष में लालटेन छाप पर मतदान करने की अपील की। लोजपा नेता रामविलास पासवान ने भी रामचंद्र चंद्रवंशी के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए वे आरजेडी-लोजपा उम्मीदवार रामचंद्र चंद्रवंशी के पक्ष में मतदान करे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;झारखंड विधानसभा चुनाव के पांचवें और अंतिम चरण का चुनाव प्रचार आज थम गया। 18 दिसंबर को 16 विधानसभा सीटों के लिये चुनाव होने हैं। जिन सीटो के लिये चुनाव होने हैं उनमें विश्रामपुर, डालटनगंज, चतरा, गढ़वा, भवनाथपुर, बरकट्ठा, चाईबासा, जगन्नाथपुर, सरायकेला, खरसांवा, पांकी, छत्तरपुर, हुसैनाबाद, सिमरिया, लातेहार और मनिका विधानसभा क्षेत्र हैं। इन 16 विधानसभा क्षेत्रों में 20 महिला उम्मीदवारों समेत कुल 290 उम्मीदवारों के भाग्य का फ़ैसला 33 लाख 96 हजार 472 मतदाता 4579 मतदान केन्द्रों पर करेंगे. इन क्षेत्रों में 1772399 पुरुष और 1624073 महिला मतदाता हैं। इन क्षेत्रों में जिन प्रमुख उम्मीदवारों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है उनमें से विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष बागुन सुम्ब्रई, आरजेडी नेता और पूर्व मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, पूर्व मंत्री गिरिनाथ सिंह भानु प्रताप शाही, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी के पुत्र दिलीप सिंह नामधारी, राधाकृष्ण किशोर, कमलेश कुमार सिंह, रामचन्द्र केशरी और जर्नादन पासवान शामिल हैं।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-8284505899835353581?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/8284505899835353581/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=8284505899835353581' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/8284505899835353581'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/8284505899835353581'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2009/12/blog-post_16.html' title='लालू यादव और रामविलास पासवान ने रामचंद्र चंद्रवंशी समेत सभी आरजेडी-लोजपा उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की अपील की।'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SyjyAuRt-1I/AAAAAAAABIw/DAu9XdN-ym8/s72-c/Laloo-Paswan.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-2142705137333352235</id><published>2009-12-15T21:10:00.004+05:30</published><updated>2009-12-15T21:23:22.303+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='झारखंड राज्य'/><title type='text'>बिनोद बाबू के 18वीं बरसी पर विशेष (जन्म 1921 – मृत्यु 18 दिसंबर 1991)</title><content type='html'>&lt;strong&gt;लेखक - राजा विक्रम चंद्रवंशी और उदय रवानी&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;असंभव काम को संभव कर दिखाने की ताकत थी बिनोद बाबू में। उनके नाम के बिना झा&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SyewD_02NpI/AAAAAAAABIo/xRknw4oX_rQ/s1600-h/BBM.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5415490659655497362" style="FLOAT: right; MARGIN: 0px 0px 10px 10px; WIDTH: 150px; CURSOR: hand; HEIGHT: 200px" alt="" src="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SyewD_02NpI/AAAAAAAABIo/xRknw4oX_rQ/s320/BBM.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;रखंड राज्य की चर्चा अधूरी ही रहेगी। बिनोद बाबू यानी बिनोद बिहारी महतो। इन्हें झारखंड का भिष्मपितामाह भी कहा जाता है। इनके जीवनी पर शोध किया जा सकता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;स्वतंत्रता सेनानी&lt;/strong&gt; रहे बिनोद बाबू का जन्म 1921 में धनबाद जिले के बलियापुर अंतर्गत बड़ादाह गांव में एक गरीब परिवार में हुआ था। पूरे इलाके के लोग जमींदार और अंग्रेजों से सहमे रहते थे। आजादी मिलने के बाद बिनोद बाबू ने प्रण किया था कि जिस प्रकार देश से अंग्रेजों को मार भगाया उसी प्रकार देश से भी जमींदारी प्रथा खत्म कर देंगे। गरीबों को उनका हक दिलाकर रहेंगे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बिनोद बाबू ने कसम तो खा ली लेकिन इस काम को करना इतना आसान नहीं था। क्योंकि बिनोद बाबू के पास अपनी साहस और क्षमता के अलावा कुछ भी नहीं था। आजादी के बाद सबसे साहसी कदम उन्होंने 1952 में उठाया। उन्होंने देश के पहले विधान सभा चुनाव में चुनाव लड़ने का फैसला किया वो भी धनबाद जिले के झरिया विधान सभा सीट से। इस सीट से झरिया के राजा चुनाव लड़ रहे थे। इसलिये प्रशासन के अलावा राजा के गुर्गों ने उन्हें धमकाना शुरू किया। मारने की योजना बनाई लेकिन बिनोद बाबू नहीं माने और चुनाव मैदान में डटे रहे। यह अलग बात है वे चुनाव हार गये। लेकिन क्रांति का बिगुल उन्होंने बजा ही दिया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कुछ समय बाद वे वामपंथ की राजनीति से जुड़ गये। सत्तर दशक के शुरूआती दौर तक वे वामपंथ से जुड़े रहे लेकिन जब उन्हें लगा कि राष्ट्रीय पार्टी स्थानीय मुद्दे की ओर विशेष घ्यान नहीं दे रही है तो उन्होंने गरीबों को न्याय दिलाने के लिये एक अलग पार्टी का गठन करने का निर्णय लिया। और झारखंड के एक और क्रांतिकारी नेता शिबू सोरने को अपने साथ मिलाकर झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना की। और इसके बैनर तले उग्र आंदोलन हुए जिससे केद्र सरकार भी कई बार सहम जाती थी। इस उग्र आंदोलन के लिये नौजवानों में जोश भरने का काम बिनोद बाबू अपने सामाजिक संस्था शिवाजी समाज के बैनर तले पहले से हीं करते आ रहे थे। और कई क्रांतिकारी कदम उठाये। अन्याय के खिलाफ बिनोद बाबू का जो मूल संदेश था वो निम्नलिखित प्रकार से है -&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;विनोद बाबू के संदेश&lt;/strong&gt; –&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;1.&lt;/strong&gt; लडना है तो पढना सिखो।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;2.&lt;/strong&gt; सभी का सम्मान करो लेकिन अन्याय बर्दाश्त मत करो।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;3.&lt;/strong&gt; तुम्हें कोई मारता है तो जवाबी हमला करो।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;4.&lt;/strong&gt; किसी के मार खाकर मरने से अच्छा है मारकर मरो।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;5&lt;/strong&gt;. हमलोग क्रांतिकारी हैं कोई जालिम या जमींदार नहीं। इसलिये दुश्मन पर हमला करते समय इस बात का ख्याल रखें कि बच्चों और महिलाओं को नुकसान न पहुंचे।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;6.&lt;/strong&gt; न्यायलय-प्रशासन सभी जमींदारों के साथ है इसलिये गरीबों की आपसी एकता हीं काम आयेगी।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;7.&lt;/strong&gt; गरीबी से कभी मत घबराना उसे कमजोरी की वजाय अपनी ताकत बनाओ।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;8.&lt;/strong&gt; अपने महापुरुषों का हमेशा सम्मान करो। इससे गलत रास्ते में जाने से बचोगे और संघर्ष करने में हमेशा नैतिक बल मिलेगा।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;9.&lt;/strong&gt; संघर्ष के रास्ते में आगे बढने पर बहुत सारे लोग प्रलोभन देंगे। तुम्हें बदनाम करने की कोशिश करेंगे। प्रचार करेंगे। इससे कभी मत घबराना क्योंकि जो हम लड़ाई लडने जा रहे हैं उसमें यह सबकुछ सहना होगा।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;10.&lt;/strong&gt; हमारा मूल मकसद ऐसे अलग झारखंड राज्य का गठन करना है जिसमें वास्तव में समानता हो। लोगों की बुनियादी जरूरते पूरी हो सके। हम झारखंडवासी दुनिया भर में एक सकारात्मक योगदान दें सके। हमारे क्षेत्र में विकास के सभी संसाधन मौजूद हैं। जरूरत है सिर्फ ईमानदार कोशिश की।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;विनोद बाबू सिर्फ उपरोक्त बातें हीं नहीं करते थे बल्कि वे पहले स्वयं व्यवहार में लाते भी थे। वे खुद उदाहरण पेश करते थे। उनके क्रांतिकारी रूख के कारण उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा। प्रशासन की ओर से चेतावनी मिली। लेकिन वे कभी झूके नहीं। अंतिम क्षण तक अपने विचार पर कायम रहे। उनकी समाज के प्रति त्याग-तपस्या को लेकर उनके पक्ष के हों या विरोधा दल सभी उनका सम्मान करते थे। इस बारे में बीजेपी नेता अटल बिहारी वाजपेयी, कांग्रेस नेता नरसिम्हा राव, वामपंथी नेता ज्योति बसु, बुद्वदेव भट्टाचार्या, आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव, समाजवादी नेता वी पी सिंह के अलावा दर्जनों प्रमुख हस्तियों के विचार दस्तावेज में दर्ज हैं।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-2142705137333352235?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/2142705137333352235/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=2142705137333352235' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/2142705137333352235'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/2142705137333352235'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2009/12/18-1921-18-1991.html' title='बिनोद बाबू के 18वीं बरसी पर विशेष (जन्म 1921 – मृत्यु 18 दिसंबर 1991)'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SyewD_02NpI/AAAAAAAABIo/xRknw4oX_rQ/s72-c/BBM.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-7686636968035772058</id><published>2009-12-14T17:01:00.006+05:30</published><updated>2009-12-14T17:16:21.557+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='राजनीति'/><title type='text'>अलग राज्य की मांग को लेकर राजनीति</title><content type='html'>&lt;strong&gt;झारखंड, उत्तराखंड और छतीसगढ&lt;/strong&gt; के गठन के बाद &lt;strong&gt;तेलंगाना, विदर्भ, गौरखालैंड, बुंदेलखंड, पूर्वाचंल और हरित प्रदेश&lt;/strong&gt; राज्य बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। यह यही थमने वाला नहीं है बल्कि और भी राज्यों की मांग बनाने की आवाज उठ सकती है। हालांकि भारतीय संविधान में इस बात की पूरी आजादी है और केंद्र सरकार को यह अधिकार भी दिया गया है कि वह संवैधानिक प्रावधान को अपनाते हुए किसी भी राज्य के क्षेत्र को घटा-बढा सकती है। नये राज्य का गठन कर सकती है। इतना हीं नहीं दो या इससे अधिक राज्यों के भूभागों को मिलाकर एक नये राज्य का गठन भी कर सकती है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;समाजवादी पार्टी के नेता अमर सिंह ने कहा कि देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल ने छोटे छोटे राजवाडों को मिलाकर देश की एक कायम की थी लेकिन यूपी की मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेतृत्व वाली केंद्र सरकार देश की एकता छिन्न-भिन्न करने में लगी है। लेकिन यहां मैं साफ कर दूं कि इससे देश की एकता को कोई खतरा नहीं होगा। क्योंकि अलग होने के बावजूद नवगठित राज्य अन्य राज्यों की तरह हीं काम करेंगे। मुंबई को विभाजित कर महाराष्ट्र और गुजरात का गठन किया गया, बंगाल को विभाजित कर बिहार और उडीसा का गठन हुआ, बिहार से अलग कर झारखंड का गठन हुआ। ऐसे देश भर में दर्जनों राज्यों का गठन हुआ है। इसलिये सामान्य तौर पर इसे देश की एकता अखंडता के लिये खतरा नहीं माना जा सकता।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;लेकिन दूसरी ओर हमें यह भी ध्यान देना होगा कि आखिर राज्य गठन के पीछे की मंशा क्या है? यदि राज्य गठन के पीछे की मंशा विकास और आम जनता को बेहतर जीवन देना है तो इसमें कोई गलत नहीं। यदि कोई सियासी मंशा है तो स्थिति विस्फोटक हो सकती है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उदारहरण के तौर पर झारखंड को हीं लें। अलग झारखंड राज्य की मांग आजादी से पहले की है। इसके लिये क्रांतिकारी आंदोलन हुए। झामुमो के क्रांतिकारी नेता विनोद बिहारी महतो और शिबूसोरेन के नेतृत्व में झारखंड अलग राज्य की मांग जोर पकड़ी। इनके आंदोलन और अलग राज्य बनाने के पीछे मंशा साफ थी कि वर्षों से झारखंड के आदिवासी-दलित-पिछड़े वर्ग के साथ जो भेदभाव क्या जा रहा है उसे खत्म कर राज्य का विकास करना है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;झारखंड अलग राज्य की तैयारी भी शुरू हो गई। लेकिन जब झारखंड राज्य को अलग किया गया, उस समय अलग राज्य की मंशा के पीछे आर्थिक विकास और जनकल्याण की भावना नहीं थी बल्कि राजनीतिक और लूटखसोट की भावना थी। बिहार के ताकतवर नेता लालू प्रसाद यादव को कमजोर करने की मकसद से झारखंड अलग राज्य का गठन किया गया। ऐसे में वहां नये राज्य की सत्ता में वे लोग आ गये जिसका जिनका संबंध कभी क्रांति या विकास की भावना से नहीं रहा। सिर्फ लूट खसोट करना हीं मकसद था। और यही हुआ। बीजेपी और कांग्रेस के नेतृत्व में जो मिली जुली सरकार बनी उसमें सिर्फ लुट खसोट हुआ। यदि एक व्यवस्थिक तरीके से राज्य का गठन किया जाता तो आज झारखंड की स्थिति अलग होती। झारखंड के भीष्णपितामाह कहे जाने वाले विनोद बिहारी महतो यदि जिंदा होते तो शायद झारखंड की यह दुर्दशा नहीं होती।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जिस प्रकार आजादी से पहले अंग्रेज कहा करते थे कि भारत के लोग सरकार नहीं चला पायेंगे लेकिन आज हम सिर्फ सरकार हीं नहीं चला रहे हैं बल्कि विश्व को नेतृत्व देने की ताकत रखते हैं। झारखंड और झारखंड के बाहर लोग यही कहते हैं कि झारखंड के लोग सरकार नहीं चला सकते। विकास का काम नहीं कर सकते। लेकिन मैं कहता हूं कि झारखंड के नेताओं में अपार क्षमता है विकास करने की। लेकिन उन्हें सावधान रहना है दलालो से अन्यथा वे भी कुछ नहीं कर पायेंगे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;केद्र सरकार और राज्य सरकारों के अलावा संसद के सदस्यों और विधान सभा के सदस्यों को कोई फैसला लेने से पहले यह जरूर देख लेना चाहिये कि अलग राज्य का दर्जा देने के बाद वहां किस प्रकार की दिक्कते आ सकती है। उसके लिये पहले ही इंतजाम कर लेना चाहिये। यदि यह तय हो जाता है कि अलग राज्य का गठन होना है तो एक निश्चित सीमा के अंदर नये राज्य के लिये आधारभूत ढांचा खड़ी कर लेनी चाहिये नहीं तो लूट खसोट की संभावना बनी रहेगा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-7686636968035772058?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/7686636968035772058/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=7686636968035772058' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/7686636968035772058'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/7686636968035772058'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2009/12/blog-post.html' title='अलग राज्य की मांग को लेकर राजनीति'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-6167906734558364147</id><published>2009-11-30T15:16:00.002+05:30</published><updated>2009-11-30T15:21:33.176+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='भ्रष्टाचार'/><title type='text'>पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोडा गिरफ्तार</title><content type='html'>स्टेट विजिलें&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SxOU7XZsrRI/AAAAAAAABIg/plBID3UNU4Q/s1600/Madhu+koda.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5409831325017091346" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 117px; CURSOR: hand; HEIGHT: 87px" alt="" src="http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SxOU7XZsrRI/AAAAAAAABIg/plBID3UNU4Q/s320/Madhu+koda.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;स विभाग के अधिकारियों ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को आय से अधिक संपत्ति के मामले में आखिरकार गिरफ्तार कर लिया । उन्हें चार दिसंबर को अदालत में पेश किया जायेगा। उनकी गिरफ्तारी झारखंड के चाईबांसा से हुई। मधु कोडा पर आरोप है कि उन्होंने मंत्री और मुख्यमंत्री रहते लगभग 4000 करोड़ से अधिक के घोटाले किये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;इस मामले में उनसे लगातार पुछताछ होती रही। इस बीच वे पेट दर्द के चलते हॉस्पीटल में भी दाखिल हुए। फिर चुनावी व्यस्तता के चलते वे अधिकारियों से नहीं मिलने की बात कहते रहे। पूछताछ के लिये जब अधिकारीगण उनके घर पहुंचे तो वहां भी वे नहीं मिले। आखिरकार उन्हें चाईबांसा में हिरासत में लिया गया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस मामले में को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। बीजेपी आरोप लगा रही है कि इसमें कांग्रेस के लोग शामिल हैं उन्हीं के बदौलत सरकार चल रही थी। वहीं कांग्रेस के लोगों का कहना है कि इसमें बीजेपी के लोग शामिल हैं। बीजेपी की जब पहली बार राज्य में सरकार बनी थी तभी कोड़ा खनिज मंत्रालय के मंत्री बने थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;झारखंड के पहले मुख्यमंत्री और तत्कालीन बीजेपी नेता बाबूलाल मंराडी ने बीजेपी छोड अलग पार्टी बनाई उसका सबसे बड़ा कारण बीजेपी की सरकार में भ्रष्टाचार को बोलबाला था। तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल मंराडी भ्रष्ट लोगों का साथ देने के पक्ष में नहीं थे। इसीलिये उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाया गया।&lt;br /&gt;बहरहाल, आरोप-प्रत्यारोप का दौर तो चलता रहेगा लेकिन इसमें राज्य का हीं नुकसान हो रहा है। &lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-6167906734558364147?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/6167906734558364147/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=6167906734558364147' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/6167906734558364147'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/6167906734558364147'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2009/11/blog-post_30.html' title='पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोडा गिरफ्तार'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SxOU7XZsrRI/AAAAAAAABIg/plBID3UNU4Q/s72-c/Madhu+koda.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-1443175834956784607</id><published>2009-11-19T22:38:00.007+05:30</published><updated>2009-11-19T22:55:31.374+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='राजनीति'/><title type='text'>नक्सल के नाम पर जिस दिन हवाई हमला होगा उसी दिन संघर्ष की जगह सामाजिक-आर्थिक न्याय के लिय खूनी क्रांति का बीजारोपण हो जायेगा।</title><content type='html'>&lt;strong&gt;कई&lt;/strong&gt; ऐसे सरकारी अधिकारी&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SwV-9MqejYI/AAAAAAAABIY/sWY9azC1L0Y/s1600/Naxal.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5405866517564657026" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 230px; CURSOR: hand; HEIGHT: 230px" alt="" src="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SwV-9MqejYI/AAAAAAAABIY/sWY9azC1L0Y/s320/Naxal.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt; हैं जिन्हें पता हीं नहीं है कि नक्सल क्या है? माओवादी कौन लोग हैं ? माओवाद क्या है ? इस बारे में आम आदमी को पता हो या नहीं लेकिन जो लोग नक्सल पर काम कर रहें हैं उन्हें तो इसकी जानकारी होनी ही चाहिये। मैं किसी अधिकारी के नाम का उल्लेख नहीं कर रहा हूं लेकिन उनसे बातचीत से अंदाजा हो गया कि वे जमीनी हकीकत से वाकिफ नहीं हैं। वे सीधे मानते हैं कि जिस इलाकें में नक्सली का प्रभाव है वहां गोलियों की बरसात कर देनी चाहिये। यही बात तो नक्सल से जुड़े लोग कहते है कि जहां सरकारी सिस्टम काम नहीं कर रहा है वहां बंदूक का सहारा लेना चाहिये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सबसे पहले नक्सल और माओवादी को संक्षेप में समझिये।&lt;/strong&gt; दोनो के बीच काफी समानता होने के बावजूद भारत में दोनो को एक साथ नहीं मिला सकते। नक्सल का उदय भारत(पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी गांव) में हुआ और माओवाद का उदय चीन में। दोनो के बीच बड़ा अंतर है। माओवाद राजतंत्र के खिलाफ एक सिंद्वात के आधार पर लड़ा गया गृहयुद्व है। जिसमें बंदूक का बड़ा महत्व रहा है । इसके सहारे लोकतांत्रिक तानाशाही के नेतृत्व में एक समाजवादी सरकार का गठन करना है। जैसा कि चीन में हुआ। और इसका आंशिक प्रभाव चीन के पड़ौसी देशों पर भी पड़ा जिसमें भारत भी है। लेकिन जो चीन में हुआ वह भारत में नहीं हो सकता।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;भारत में कभी भी क्रांति नहीं हुआ। सामाजिक खूनी क्रांति नहीं हुआ।&lt;/strong&gt; हम अंग्रेज के गुलाम थे लेकिन आजादी मिलने के बाद देश का केद्रीय शासन भले हीं एक सुलझे हुए लोगों के हाथ में रहा हो लेकिन प्रांतीय शासन जमीनदारों के हाथों में चला गया। इसका दुष्परिणाम यह हुआ कि भारत के आजाद होने के बाद भी देश की जो आम जनता थी उनकी हालत और पतली हो गई।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अंग्रेजों के जमाने में मजदूर किसान कोड़े खाते थे। कोड़े मारने वाले लोग अंग्रेजों के पैसों पर पले भारतीय जमींदार के गूर्गे हीं होते थे। वे भी भारतीय हीं थे। आजादी के बाद जमींदार देश के मंत्री बन बैठे और उनके गुर्गे उसी प्रकार कोड़े चालते रहे। इतना हीं नहीं गरीबो के खेत खलीहान भी अपने नाम करवा लिये। इससे आगे बढकर उनकी बहुबेटियों की इज्जत भी तार-तार करने लगे। ऐसा लगने लगा कि 15 अगस्त 1947 को जो आजादी मिली वो सिर्फ भारत के एक वर्ग के लिये था।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आजादी के बाद देश की सत्ता में आये केंद्रीय शासन के पास इतना अधिक काम था कि वह हर चीजों पर ध्यान दे पाने में समर्थ्य नहीं थे। आम लोगों के लिये योजना बनाते उनके लिये बजट पास करते लेकिन उसका फोलोअप नहीं कर पाते थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;राज्यों में जो सरकार बनीं वो तो बदतर थी।&lt;/strong&gt; आमलोगों के नाम पर जो बजट पास करते या केंद्र से जो मदद मिलती उसे हजम कर जाते थे। उस समय की मानसिकता ऐसी थी कि पिछडे-दलित-आदिवासियों की बस्ती में कोई स्कूल बनाना नहीं चाहता था। सड़क, स्वास्थ्य और जल व्यवस्था के क्षेत्र में कोई काम नहीं करता था। विकास के नाम पर बजट पास करते थे लेकिन खर्चा अपने घरों के लिये करते थे। गरीबो के विकास के नाम पर हजारो करोड नहीं, लाखो करोड़ रूपये के बजट पास हो चुके हैं अब तक। लेकिन विकास नाममात्र को हुआ। इसके लिये दोषी कौन है क्या कभी सरकार ने इसबारे में सोचा है?&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;पश्चिम बंगाल के नक्सलाबाडी़&lt;/strong&gt; गांव से जमींदारों के खिलाफ जो आवाज उठी है वह धीरे धीरे अब ताकतवर होता जा रहा है। यह लड़ाई किसी वाद से जुड़ा हुआ नहीं था। जमींदारों के आंतक से देश का अधिकांश हिस्सा पीड़ित है। पीडित परिवारों में से कुछ ऐसे नौजवान थे जो गरीबों को अपने अधिकार प्रति जागरूक करना शुरू किया। यह सब कुछ सत्ता में बैठे लोगों को अच्छा नहीं लगा और उनकी ह्त्याएं की जाने लगी। इसके जवाब में गरीब नौजवान इकठ्ठा होने लगे। एक से दो, दो से चार, एक इलाके से दूसरे इलाके, एक जिला से दूसरे जिले और एक राज्य से दूसरे राज्य तक फैल गया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नक्सलबाडी से उठी लड़ाई का जो आधार था वह बहुत कुछ मिलता-जुलता था माओवाद से। भारत में माओवाद की राजनीति करने वालों ने इसे एक वैचारिक ताकत दे दी। इससे शोषण से लाचार गरीबों ने अपनी आत्म रक्षा में हथियार उठाये और उसे एक सूत्र में पिरोया माओवाद के सिद्वांत ने। इ&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SwV96q9TvCI/AAAAAAAABIQ/KZnXqC329uw/s1600/mao+flag.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5405865374645468194" style="FLOAT: right; MARGIN: 0px 0px 10px 10px; WIDTH: 150px; CURSOR: hand; HEIGHT: 113px" alt="" src="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SwV96q9TvCI/AAAAAAAABIQ/KZnXqC329uw/s320/mao+flag.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;ससे गरीबो की ताकत में जबरदस्त की वृद्वि हुई। देश के केद्रीय और राज्य सरकारों को इस बारे में नये सिरे से सोचना होगा। सरकारी सिस्टम की मदद से सामंतों ने जो वर्षो तक गरीबों पर जुल्म ढाये हैं उसके विरोध को नक्सल के नाम पर गोली बारी कर न्याय की लड़ाई को खत्म नहीं कर सकते। इसके उल्ट आप जाने-अनजाने एक और खूनी क्रांति का बीजारोपण कर देंगे। क्योंकि ये लोग न तो कोई अलग देश की मांग कर रहे हैं और न हीं ये लोग किसी माफिया गिरोह चला रहे हैं। हो सकता है कि कुछ लोग ऐसे होंगे जो नक्सल के नाम पर गलत काम कर रहे हों।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;इसका एकमात्र हल है&lt;/strong&gt; एक साथ अनेक क्षेत्रों में काम करने की। सबसे पहले नक्सल से बातचीत के प्रति ईमानदारी से पहल करना। उन्हें विश्वास दिलाना की सरकर के पास ऐसी योजना है जो पिछडे इलाको में विकास के लिये ठोस कदम उठायेगी और यह काम कुछ महीनों में शुरू हो जायेगा। यदि इसमें किसी प्राकर की राजनीति होती है तो स्थिति और विस्फोटक हो जायेगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्र&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SwV9K0m-CtI/AAAAAAAABII/A5TCtq0sHdM/s1600/Sonia+Man+Rahul.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5405864552602405586" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 134px; CURSOR: hand; HEIGHT: 92px" alt="" src="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SwV9K0m-CtI/AAAAAAAABII/A5TCtq0sHdM/s320/Sonia+Man+Rahul.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;धानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी और केंद्रीय गृहमंत्री के अलावा वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी को इस बारें में सोचना होगा। हेलीकॉप्टर से फायरिंग और जहाज से बम गिराने से कोई फायदा नहीं। उस बम को नहीं पता होगा कि न्याय की लड़ाई लड़ने वाले नक्सली कौन हैं और आम आदमी कौन है। यदि हवाई हमला होता है तो यह मान लिजिये की आपने सामाजिक और आर्थिक न्याय के लिये खूनी क्रांति का बीजारोपण कर दिया है। अमेरिका हो या रूस या चीन य़ा ब्रिटेन या फ्रांस सभी देशों में न्याय के लिये खूनी क्रांति हो चुकी है लेकिन भारत में नहीं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;राहुल गांधी तो ऐसे नेता हैं जो सिर्फ गरीबों के हितों के लिये विचार हीं नहीं करते बल्कि गरीबों को&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SwV8xXSJCfI/AAAAAAAABIA/Li4GaLfL9pE/s1600/Rahul+with+village+child.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5405864115233688050" style="FLOAT: right; MARGIN: 0px 0px 10px 10px; WIDTH: 90px; CURSOR: hand; HEIGHT: 120px" alt="" src="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SwV8xXSJCfI/AAAAAAAABIA/Li4GaLfL9pE/s320/Rahul+with+village+child.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt; व्यवहार में मानसिक ताकत देते हैं। उनसे मिलते हैं। उनके दर्द को महसूस करते हैं तो आपसे यही उम्मीद होगा कि आप इस बारे में शांति पूर्वक रास्ता निकालेंगें। हम पत्रकार तो सिर्फ आपलोगों का ध्यान हीं आकृषित कर सकते हैं बल्कि निर्णय तो आपको हीं करना है। क्योंकि आपलोग हीं देश का आधार हैं।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-1443175834956784607?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/1443175834956784607/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=1443175834956784607' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/1443175834956784607'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/1443175834956784607'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2009/11/blog-post_19.html' title='नक्सल के नाम पर जिस दिन हवाई हमला होगा उसी दिन संघर्ष की जगह सामाजिक-आर्थिक न्याय के लिय खूनी क्रांति का बीजारोपण हो जायेगा।'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SwV-9MqejYI/AAAAAAAABIY/sWY9azC1L0Y/s72-c/Naxal.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-2051960895200285331</id><published>2009-11-18T22:55:00.003+05:30</published><updated>2009-11-18T23:04:02.457+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='Jharkhand Assembly Election 2009'/><title type='text'>यदि झारखंड में कांग्रेस की सरकार बनती है तो ईवीएम मशीन के इस्तेमाल को लेकर हंगाम होना तय लगता है</title><content type='html'>झारखंड विधान सभा चुनाव में एनडीए जहां एकजुट होकर चुनाव लड़ रही है वहीं यूपीए बिखरी हुई है। एनडीए में मुख्य रूप से बीजेपी और जनता दल यूनाईटेड के बीच गठबंधन है तो वहीं यूपीए तीन भागों में बिखरा हुआ है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पहला, कांग्रेस पार्टी ने इस बार झारखंड विकास मोर्चा के साथ गठबंधन किया है। झारखंड विकास मोर्चा के नेता सांसद बाबूलाल मरांडी हैं। दूसरा, झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने दम पर सभी सीटों पर चुनाव लड रही है वहीं तीसरा, एक समय यूपीए का हिस्सा रहे राष्ट्रीय जनता दल और लोक जन शक्ति पार्टी सीपीएम और सीपीआई के साथ मिलकर चुनावी मैदान में ताल ठोक रही है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ऐसे में झारखंड में यह सवाल उठने लगा है कि यदि झारखंड में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनती है या 20 से भी अधिक सीटें आती है तो इसका मतलब ईवीएम मशीन के साथ छेड छाड की गई है। और इसके खिलाफ राज्य भर में आंदोलन चलाया जायेगा। इस तरह की बातें कोई एक नहीं बल्कि कांग्रेस को छोड हर राजनीतिक पार्टियां कर रही है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आखिर सवाल उठता है कि ऐसे सवाल क्यों उठ रहें हैं? ऐसे सवाल के पीछे झारखंड में जो चर्चा उसके कई कारण बताये जा रहे हैं –1. कांग्रेस को लोक सभा चुनाव और विधान सभा चुनावओ में मिल रही लगातार सफलता 2. आखिर कांग्रेस ने ऐसा क्या कर दिया है कि विरोधी दलों के गढ में चुनाव जीत रही है। 3. झारखंड में पांच चरणों में चुनाव कराने को लेकर आशांकाएं बढ रही है। 4. लोग कह रहे हैं कि झारखंड नक्सल प्रभावित है लेकिन इतना भी नहीं है कि पांच चरण में चुनाव कराने की जरूरत हो। देश में इस समय सिर्फ झारखंड में हीं चुनाव हो रहे हैं इसलिये सुरक्षा बलो की कमी का हवाला देना भी उचित नहीं लगता। 5. राजनीतिक दलें यह मानने लगी है कि 81 सीटों के लिये चुनाव कराने के लिये एक महीने का समय लेना आशांकाओं को जन्म दे रहा है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;लोगों से बातचीत के बाद हालात यही कह रहा है कि आखिर चुनाव आयोग एक चुनाव कराने के लिये एक महीने का समय क्यों ले रहा है? हालांकि ईवीएम मशीन को लेकर कांग्रेस पार्टी की ओर संकेत करना उचित नहीं लगता। लेकिन झारखंड में जो हालात है उसमें यदि कांग्रेस जीतती है तो ईवीएम मशीन को लेकर हंगाम होना तय लगता है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-2051960895200285331?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/2051960895200285331/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=2051960895200285331' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/2051960895200285331'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/2051960895200285331'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2009/11/blog-post_18.html' title='यदि झारखंड में कांग्रेस की सरकार बनती है तो ईवीएम मशीन के इस्तेमाल को लेकर हंगाम होना तय लगता है'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-4382139072020740106</id><published>2009-11-15T23:55:00.003+05:30</published><updated>2009-11-16T00:03:43.969+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='Jharkhand Assembly Election 2009'/><title type='text'>सिंद्री विधान सभा क्षेत्र में राजकिशोर महतो का पलड़ा भारी</title><content type='html'>&lt;strong&gt;झारखंड &lt;/strong&gt;में चुनावी महौल धीरे धीरे गरमाता जा रहा है। राजकिशोर महतो, आंनद महतो, हाफिजुद्दीन अंसारी, फूलचंद मंडल और दुर्योधन चौधरी – ये पांच मुख्य उम्मीदवार है जो धनबाद जिले के सिंद्री विधान सभा क्षेत्र से चुनाव लड रहे हैं। राजकिशोर महतो निर्वतमान विधायक हैं और इस बार भी बीजेपी के उम्मीदवार हैं। आंनद महतो मार्क्सवासदी समन्यवय समिति(मासस) के उम्मीदवार हैं। समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हाफीजुद्दीन अंसारी है। झारखंड विकास मोर्चा(झाविमो) ने फूलचंद मंडल को खड़ा किया है। और दुर्योधन चौधरी झारखंड मु्क्ति मोर्चा के उम्मीदवार हैं। इस सिंद्री विधान सभा सीट पर राजकिशोर महतो का पलडा भारी दिख रहा है। एक बारगी सभी उम्मीदवारों के प्रोफाइल पर नजर -&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;फूलचंद मंडल(झाविमो)&lt;/strong&gt; – श्री मंडल सिंद्री विधान सभा से पहले विधायक बन चुके हैं लेकिन उस समय वे भाजपा में थे। झाविमों के श्री मंडल को विश्वास है कि वे चुनाव जीत जायेगें लेकिन वर्तामान में मतदाता का रूख उनकी ओर नहीं दिखता।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;हफीजुद्दीन अंसारी(समाजवादी पार्टी)&lt;/strong&gt; – सिद्री विधान सभा सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है।  अंसारी साहेब को पिछली बार जबरदस्त मत मिला था।  इसलिये वे मुस्लिम मतदाताओं और सपा वोटों के भरोसे वे चुनाव मैदान में उतरे हैं।  हालांकि सपा का कोई खास जनाधार यहां नहीं है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;दुर्योंधन चौधरी(झामुमो)&lt;/strong&gt; – दुर्योधन चौधरी को भरोसा है कि झामुमो के दम पर वे चुनाव जीत जायेगे। श्री चौधरी व्यवसायी है। इन्हें लगता है कि मुख्य राजनीतिक दलों में से एक मात्र अगड़ी जाति के हैं और झामुमो के वोट मिलाकर वे जीत जायेगें।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;आंनद महतो(मासस)&lt;/strong&gt;  - आंनद महतो सिंद्री क्षेत्र के एक ताकतवर नेता हैं। कुर्मी जाति के है और सिंद्री विधान सभा क्षेत्र में कुर्मी जाति का सर्वाधिक वोट हैं। वे यहां से चुनाव जीत चुके हैं। पिछली बार इन्हें बीजेपी के राज किशोर महतो ने हराया था।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;राजकिशोर महतो(बीजेपी)&lt;/strong&gt; – श्री महतो को उम्मीद है कि वे इस बार भी चुनाव जीत जायेगें। मतदाता उनके काम के आधार पर उन्हें मत जरूर देंगे। श्री महतो कुर्मी जाती के हैं और इस विधान सभा क्षेत्र में सबसे अधिक कुर्मी मतदाता हैं। उन्हें भरोसा है कि उन्हें हर वर्ग का वोट मिलेगा। मुस्लिम मतदाता भी उन्हें वोट करेगे। मासस के आंनद महतो उनका वोट नहीं काट पायेंगे। पिछले चुनाव में भी आंनद महतो को हराये थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt; सिंद्री विधान सभा क्षेत्र के इन पांचो उम्मीदवार पर नजर डाले तो बीजेपी उम्मीदवार राजकिशोर महतो के सामने और कोई उम्मीदवार कही नहीं ठहरते। चाहे जनमानस आधार का मामला हो या शिक्षा का या राज्य के विकास में भूमिका निभाने का या आर्थिक दूरदृष्टि का। राजकिशोर महतो की छवि साफ सुथरी है। ये ऐसे नेता हैं जिनका जनाधार राज्य भर में होने के साथ साथ काफी पढे-लिखे हैं। इसलिये सिंद्री की जनता को यह लगता है कि यदि राजकिशोर महतो जीतते है तो क्षेत्र का विकास चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चुनाव में किसकी हार होती है या किसकी जीत यह तो चुनाव परिणाम के बाद हीं मालूम चल पायेगा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-4382139072020740106?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/4382139072020740106/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=4382139072020740106' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/4382139072020740106'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/4382139072020740106'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2009/11/blog-post_7799.html' title='सिंद्री विधान सभा क्षेत्र में राजकिशोर महतो का पलड़ा भारी'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-2950439999531835210</id><published>2009-11-15T21:53:00.002+05:30</published><updated>2009-11-15T21:56:36.818+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='Jharkhand Assembly Election 2009'/><title type='text'>झारखंड दिवस के मौके पर दो शब्द</title><content type='html'>झारखंड की स्थापना दिवस पर मैंने दो पंक्तियां लिखी है शायद आपको पंसद आये। मैं जानता हूं कि झारखंड में इन दिनों चुनाव का महौल है और भ्रष्टाचार का बोलबाला। यही दो बातें समाचार के सुर्खियों में है। लेकिन मुझे विश्वास है कि झारखंड जल्द हीं भ्रष्टाचार से मुक्त हो जायेगा। और विकास की गति मे तेजी आयेगी। &lt;strong&gt;झारखंड दिवस आपको मुबारक हो&lt;/strong&gt; –&lt;br /&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5404367533660135906" style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; WIDTH: 128px; CURSOR: hand; HEIGHT: 100px; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SwAro2d3YeI/AAAAAAAABHw/RmBk-W4f5Ps/s320/Map+of+jharkhand.jpg" border="0" /&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;strong&gt;श्रमिकों और किसानो&lt;/strong&gt;.... की भूमि है झारखंड&lt;br /&gt;करते हैं कठोर मेहनत कारखानों में, खेतों में&lt;br /&gt;रहते हैं अंधेरों में लेकिन करते हैं दुनिया को रोशन।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;घबराओ&lt;/strong&gt; नहीं होने वाला है उजाला&lt;br /&gt;यूरेनियम, कोयला, लौह, अबरख ....&lt;br /&gt;और अब मिथेन गैस की चमक है&lt;br /&gt;साथ में है हरेभरे जंगल और लहलहाते खेत।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;कस&lt;/strong&gt; लो कमर&lt;br /&gt;और लगे रहो&lt;br /&gt;देश को श्रेष्ठतर बनाने में ।&lt;br /&gt;जरूरत है योजनाबद्ध शिक्षा, विकास&lt;br /&gt;और सही दिशा में सोच की।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;यदि&lt;/strong&gt; कुछ कर गुजरने की तमन्ना है&lt;br /&gt;तो जागो, उठो, संकोच छोड़ो&lt;br /&gt;और उज्ज्वल भविष्य की परिकल्पनाओं के लिए&lt;br /&gt;ईमानदार कोशिश करो।&lt;br /&gt;बस जरूरत है उस ईमान की&lt;br /&gt;जो देश को कर सके रोशन।&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-2950439999531835210?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/2950439999531835210/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=2950439999531835210' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/2950439999531835210'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/2950439999531835210'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2009/11/blog-post_15.html' title='झारखंड दिवस के मौके पर दो शब्द'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SwAro2d3YeI/AAAAAAAABHw/RmBk-W4f5Ps/s72-c/Map+of+jharkhand.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-3303028394549791749</id><published>2009-11-04T23:52:00.003+05:30</published><updated>2009-11-05T00:03:30.361+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='Jharkhand Assembly Election 2009'/><title type='text'>भाजपा में मुख्यमंत्री उम्मीदवार की तलाश</title><content type='html'>झारखंड &lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SvHIEC5AVMI/AAAAAAAABHo/Y8XSv8k-t6w/s1600-h/Map+of+jharkhand.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5400317400014935234" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 128px; CURSOR: hand; HEIGHT: 100px" alt="" src="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SvHIEC5AVMI/AAAAAAAABHo/Y8XSv8k-t6w/s320/Map+of+jharkhand.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;में जिस प्रकार से भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं उससे सभी राजनीतिक दल सावधान हो गये हैं। अपनी छवि बनाने के लिये सभी राजनीतिक दलों ने विचार मंथन करना शुरू कर दिया है कि यदि उनकी पार्टी को सरकार बनाने का मौका मिलता है तो मुख्यमंत्री किसे बनाया जाये। ताकि राज्य का विकास हो सके और पार्टी की छवि भी साफ सुथरी रहे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मधु कोडा बतौर निर्दलीय उम्मीदवार झारखंड के मुख्यमंत्री बने और उसका क्या हर्ष हुआ यह अभी सामने है। लेकिन इस बात की भी क्या गांरटी है किसी बडे राजनीतिक दल का नेता मुख्यमंत्री बनेगा तो वह भ्रष्ट नहीं होगा। इसलिये देश के दो बडे राजनीति दल कांग्रेस और भाजपा ने मुख्यमंत्री पद के लिये नेताओं के नाम पर विचार विमर्श करना शुरू कर दिया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पिछले लोक सभा चुनाव में भाजपा को जबरदस्त सफलता मिली थी। 14 में से आठ सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की लेकिन इस बार भाजपा और जदयू का गठबंधन टूट गया है। इसलिये सबसे पहले बीजेपी पर चर्चा करना उचित होगा। इसके बाद अन्य पार्टियों पर।&lt;br /&gt;मुख्यमंत्री पद के लिये कई नाम चर्चा में हैं भाजपा अध्यक्ष रघुवर दास, भाजपा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, वरिष्ठ नेता सरयू राय, रामटलह चौधरी, दिनेश सांरगी और राजकिशोर महतो।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;11 अशोक रोड सूत्रों के अनुसार बीजेपी नेतृत्व ऐसे व्यक्ति की खोज में हैं जिसकी छवि साफ सूथरी हो और राज्य को विकास की दिशा दे सके और राज्य को एक मॉडल राज्य के रूप में विकसित किया जा सके। इसके लिये चार पांच मुद्दो पर चर्चा हो रही है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;1. भाजपा इस बार किसी आदिवासी समुदाय से किसी को मुख्यमंत्री बनाना नहीं चाहती। पिछले दस सालों से आदिवासी नेता हीं मुख्यमंत्री होते रहे हैं। ऐसे में बीजेपी से तीन बड़े आदिवासी नेता रहे - करिया मुंडा, अर्जुन मुंडा और बाबू लाल मरांडी। बाबूलाल मरांडी राज्य के पहले मुख्यमंत्री थे अब वो भाजपा छोड चुके हैं। करिया मुंडा लोकसभा में उपाध्यक्ष बन चुके हैं और अर्जुन मुंडा सांसद बन कर केंद्र की राजनीति में पहुंच चुके है। ऐसे में आदिवासी मुख्यमंत्री नहीं बनाने पर भाजपा को अधिक परेशानी नहीं होगी।&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;2. भाजपा के अधिकांश वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि झारखंड में यदि किसी आदिवासी नेता को मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाता और किसी गैर मूलवासी को मुख्यमंत्री पद के लिये आगे लाया जाता है तो भाजपा का गढ झारखंड में पार्टी मुसिबत में आ सकती है। विरोध भी हो सकता है।&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;3. भाजपा किसी भ्रष्ट नेताओं को भी मुख्यमंत्री बनाना नहीं चाहती है। और यह भी चाहती है कि मुख्यमंत्री ऐसे हीं व्यक्ति को बनाया जाये जो झारखंड का मूलवासी हो। और ईमानदारी से सरकार चला सके। इससे भाजपा की छवि मजबूत होगी।&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;उपरोक्त तथ्यों पर ध्यान दें तो सिर्फ दो हीं नाम सामने आते हैं रामटलह चौधरी और राजकिशोर महतो। इन दोनो में यदि तुलना की जाये तो रामटलह चौधरी जरूर कई बार सांसद रह चुके हैं लोकिन कानूनी और राजनीतिक अनुभव के मामले में राजकिशोर महतो का पलडा भारी दिखता है। राजकिशोर महतो दुनियां के सर्वश्रेष्ट इंजीनियरिंग कॉलेज से पढकर निकलने के बाद वकालत की। प्राईवेट प्रैक्टिस के बाद दो साल तक सरकारी वकील भी रहे। इसके बाद इन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा से अपनी राजनीति के शुरूवात की। गिरिडीह से सांसद बने। अपनी पार्टी बनाई । इसके अलावा रेलवे से लेकर कई महत्वपूर्ण पदों पर रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभाई। श्री महतो झारखंड के भीष्मपितामाह बिनोद बिहारी महतो के ज्येष्ठ पुत्र हैं। बिनोद बाबू ने इस दुनियां को छोडने से पहले अपने क्रांति के बल ऐसी स्थिति पैदा कर दी थी कि झारखंड राज्य का गठन होना  तय हो गया था। &lt;/div&gt;&lt;div&gt; &lt;/div&gt;&lt;div&gt;लेकिन अंतत: मुख्यमंत्री पद के लिये राजकिशोर महतो का चयन होता है या अर्जुन मुंडा का या राम टहल चौधरी का या सरयू राय या दिनेश सांरगी का यह तो आने वाले दिनों में हीं मालूम चल पायेगा। &lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-3303028394549791749?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/3303028394549791749/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=3303028394549791749' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/3303028394549791749'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/3303028394549791749'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2009/11/blog-post_04.html' title='भाजपा में मुख्यमंत्री उम्मीदवार की तलाश'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SvHIEC5AVMI/AAAAAAAABHo/Y8XSv8k-t6w/s72-c/Map+of+jharkhand.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-5910112937291663685</id><published>2009-11-01T21:40:00.003+05:30</published><updated>2009-11-01T21:47:11.981+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='भ्रष्टाचार'/><title type='text'>भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कभी भी गिरफ्तार हो सकते हैं</title><content type='html'>झारखं&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/Su2zmnTgUtI/AAAAAAAABHg/XOfYeppWxNc/s1600-h/Madhu+koda.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5399169004254286546" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 117px; CURSOR: hand; HEIGHT: 87px" alt="" src="http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/Su2zmnTgUtI/AAAAAAAABHg/XOfYeppWxNc/s320/Madhu+koda.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;ड को वहां के नेता और अफसर अपना चारागाह बना चुके है। लाखों नहीं हजारों करोड़ के घपले किये जा रहे हैं। इस सिलसिले में आयकर विभाग ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोडा और उसके सहयोगी विनोद सिन्हा, अरूण श्रीवास्तव, भीम सिंह, प्रमोद सिंह, एम एन पाल, देवेंद्र सहित दर्जनों लोगों के यहां छापे मारे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;रांची से लेकर मुंबई-दिल्ली, जमशेदपुर, चाईबासा, नाशिक, कोलकाता और लखनऊ स्थित इनके ठिकानों पर छापेमारी की गई। इनलोगों पर आय से ज्यादा धन इकठ्ठा करने का है। यह मामला हजार करोड से उपर के घोटाले का है। पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा जिस तरह से आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने तथा सरकारी धन का दुरूपयोग करने एवं विदेश में खदान खरीदने के मामले में कानून के शिकंजे में आ गये हैं उससे यह प्रतीत होता है कि वह पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जा सकते हैं। मधुकोडा को कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है। वे सांसद हैं इसलिये संसद इजाजत लेनी होगी जिसकी प्रक्रिया चल रही है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सिर्फ आयकर विभाग हीं नहीं बल्कि प्रवर्तन निदेशालय ने भी मधु कोड़ा के खिलाफ सरकारी धन का दुरूपयोग करने तथा लाइब्रेरिया में माइंस खरीदने के मामले में उनपर कानूनी शिकंजा कस दिया। मधु कोड़ा के अलावा उनके कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री रहे कमलेश सिंह, भानु प्रताप शाही एवं बंधु तिर्की पर भी धीरे-धीरे कानून का शिकंजा कस रहा है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आरोप है कि मधु कोड़ा ने लाइब्रेरिया में 1.7 मिलियन डालर की माइंस खरीदा (7.8 करोड़) मधु कोड़ा पर कभी ट्रैक्टर चालक रहे उनके मित्र बिनोद सिन्हा के नाम पर सम्पत्ति खरीदने का भी आरोप है। प्रवर्तन निदेशालय ने अपने आरोप पत्र में कहा है कि विनोद सिन्हा के दो सौ करोड़ रुपए की सम्पत्ति अर्जित की है। इस मैकेनिक की एक आयरन स्पंज मिल भी है जो चांडिल में अवस्थित है। इसकी कीमत 18 करोड़ रुपए है। विनोद सिन्हा की 13 करोड़ की एक रॉलिंग मिल भी है। यह बहुत कम लोगों को जानकारी है कि कोड़ा ने मुख्यमंत्री पद से हटने के एक दिन पहले चिरिया माइंस के संबंध में आदेश पारित किये जिन्हें बाद में वापस ले लिया गया। कोड़ा के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई होगी यह तो भविष्य ही बतायेगा। परन्तु इतना तय है कि यहां कोई भी राजनीतिक ग्रुप पाक साफ नहीं है। झारखंड कुछ राज्यों में से एक है जहां राज्यपाल की सलाह के लिए नियुक्त राज्य अधिकारी को गिरफ्तार किया गया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस मामले में प्रतिदिन नये राज खुलते नजर आ रहे हैं। संभवान है कि इस मामले में राजनीतिज्ञ के अलावा कई अधिकारी और पत्रकार भी लपेटे में आने वाले हैं।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-5910112937291663685?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/5910112937291663685/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=5910112937291663685' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/5910112937291663685'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/5910112937291663685'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2009/11/blog-post.html' title='भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कभी भी गिरफ्तार हो सकते हैं'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://2.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/Su2zmnTgUtI/AAAAAAAABHg/XOfYeppWxNc/s72-c/Madhu+koda.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-1869138764213312614</id><published>2009-10-29T18:27:00.005+05:30</published><updated>2009-10-29T18:36:13.556+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='Jharkhand Assembly Election 2009'/><title type='text'>झारखंड विधान सभा चुनाव से जुड़ी खबरें</title><content type='html'>&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SumSIy3S7wI/AAAAAAAABHY/6Q1RRML84xM/s1600-h/Map+of+jharkhand.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5398006308170559234" style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; WIDTH: 128px; CURSOR: hand; HEIGHT: 100px; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SumSIy3S7wI/AAAAAAAABHY/6Q1RRML84xM/s320/Map+of+jharkhand.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;strong&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;strong&gt;झारखंड में पहले चरण का मतदान अब 25 नवंबर को होगा।&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;झारखंड के पहले चरण का मतादान अब 27 नवंबर की जगह 25 नवंबर को होगा। निर्वाचन आयोग ने यह फैसला विभिन्न राजनीतिक दलों के अनुरोध के बाद लिया है। राजनीतिक दलों ने अनुरोध किया था कि 28 नवंबर को ईद उल अजहा का त्योहार है यानी बकरीद का त्योहार है। इससे पहले 27 नवंबर को जुमा पर विशेष नमाज होगी। इस कारण बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग मतदान करने से वंचित हो सकते हैं। इसके बाद चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार से विचार विमर्श करने के बाद तीथि में परिवर्तन किया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;25 नवंबर को 30 सीटों के लिए पड़ेंगे वोट। ये सीटे हैं – धनबाद, सिंद्री, झरिया, निरसा, टुंडी, बाघमारा, जमशेदपुर पूर्वी, जमशेदपुर पश्चिमी, राजमहल, बोरियो(एसटी), बरहेट (एसटी), लिट्टीपाड़ा(एसटी), पाकुड़, महेशपुर (एसटी), शिकारीपाड़ा (एसटी), दुमका(एसटी), जामा(एसटी), जरमुंडी, पोड़ैयाहाट, नाला, जामताड़ा, मधुपुर, सारठ, देवघर(एससी), गोड्डा, महगामा, रांची, हटिया, कांके(एससी), जुगसलाई (एससी)। &lt;/div&gt;&lt;div&gt;-----------------------------------------------------------------------------&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;चुनाव के लिये फॉर्म की बिक्री 30 अक्टूबर से&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;झारखंड विधान सभा चुनाव में नामांकन के लिये फॉर्म की बिक्री 30 अक्टूबर से शुरू हो जायेगी। चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित शुल्क सामान्य उम्मीदवारों के लिये पांच हजार रूपये और एससी-एसटी उम्मीदवारों के लिये 2500 रूपया है। सुविधा के लिये जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा ठोस उपाय किये जा रहे हैं। &lt;/div&gt;-----------------------------------------------------------------------------&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;81 विधान सभा सीटों के लिये 23 हजार कांग्रेसी उम्मीवारों ने चुनाव लडने के लिये आवेदन किया।&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;कांग्रेस महासचिव कांग्रेस राहुल गांधी का करिश्मा हीं है कि झारखंड के सारे कांग्रेसी को लगता है कि यदि वे भी चुनाव मे खड़े होंगे तो चुनाव जीत जायेगें। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि 81 विधान सभा सीटों के लिये कांग्रेस की ओर चुनाव लडने के लिये 23 हजार से अधिक आवेदन आये हैं। इन सभी को चुनाव लडने के लिये टिकट चाहिये।&lt;br /&gt;-----------------------------------------------------------------------------&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;भाजपा सामूहिक नेतृत्व के बल पर चुनाव लडेगी।&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;झारखंड में बीजेपी दो गुटों में बंटी हुई है एक खेमे का अगुवा यशवंत सिन्हा है तो दूसरे का रघुवर दास। दोनो हीं भाजपा दिग्गज हैं। रघुवर दास झारखंड भाजपा अध्यक्ष हैं तो यशवंत सिन्हा भाजपा के वरिष्ठ नेता। वे केद्रीय वित्त मंत्री रह चुके है। लेकिन कुल मिलाकर देखें तो यशवंत सिन्हां देश के जाने माने हस्ती और चेहरे हैं लेकिन भाजपा के अंदर उनकी स्थिति उतनी अच्छी नहीं है जितनी पहले थी। लेकिन झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद अर्जुन मुंडा ने कहा कि विधान सभा चुनाव किसी एक चेहरे को सामने रख नहीं लड़ा जायेगा बल्कि सामूहिक नेतृत्व हीं चुनाव लडेगा।&lt;br /&gt;------------------------------------------------------------------------------&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;भाजपा डरी हुई है जनता दल यूनाईटेड से।&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;भाजपा और जेडीयू के बीच अभी तक तालमेल को लेकर कोई ठोस बातचीत नहीं हो पाई है। वहीं दूसरी ओर जेडीयू झारखंड में अपनी ताकत लगातार बढाती जा रही है। यदि दोनो पार्टियों के बीच तालमेल होता है तो इस बार जेडीयू को अधिक सीटें देने पडेगी जिसके लिये भाजपा अभी तक मानसिक रूप से तैया नहीं है। झारखंडे के दो दिग्गज नेता जेडीयू में शामिल हो चुके हैं शैलेंद्र महतो और राजा पीटर। शैलेद्र महतो का चुनाव लडना तय है और राजा पीटर का भी। राजा पीटर झारखंड के धाकड नेता शिबू सोरेन को एक उपचुनाव में हरा कर चर्चित हुए थे। ऐसे और भी नेता है जेडीयू में शामिल हुए है औ चुनाव लडेगें। ऐसे में बीजेपी क्या करेगी। क्योंकि जेडीयू उन सीटों से चुनाव लडने की तैयारी कर रहा है जहां पहले बीजेपी उम्मीदवार था। &lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/6029769849323531072-1869138764213312614?l=statejharkhand.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://statejharkhand.blogspot.com/feeds/1869138764213312614/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=6029769849323531072&amp;postID=1869138764213312614' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/1869138764213312614'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/6029769849323531072/posts/default/1869138764213312614'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://statejharkhand.blogspot.com/2009/10/blog-post_29.html' title='झारखंड विधान सभा चुनाव से जुड़ी खबरें'/><author><name>राजेश कुमार</name><uri>http://www.blogger.com/profile/03022479793930240428</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://1.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SumSIy3S7wI/AAAAAAAABHY/6Q1RRML84xM/s72-c/Map+of+jharkhand.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-6029769849323531072.post-6445286489785160159</id><published>2009-10-28T23:35:00.013+05:30</published><updated>2009-10-29T00:05:04.456+05:30</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='राजनीति'/><title type='text'>गरीब हथियार न उठाये इसके लिये जरूरी है कि शोषक और कालेधन पर रोक लगाये। सिस्टम को ईमानदार बनाये।</title><content type='html'>&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SuiNMKkVNYI/AAAAAAAABHQ/Mm4J339oVSI/s1600-h/R+G3.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5397719393538225538" style="FLOAT: right; MARGIN: 0px 0px 10px 10px; WIDTH: 119px; CURSOR: hand; HEIGHT: 124px" alt="" src="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SuiNMKkVNYI/AAAAAAAABHQ/Mm4J339oVSI/s320/R+G3.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SuiMwyKWpvI/AAAAAAAABHA/w7VjpeAvJb8/s1600-h/PM+MS+1.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5397718923130349298" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; WIDTH: 97px; CURSOR: hand; HEIGHT: 122px" alt="" src="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SuiMwyKWpvI/AAAAAAAABHA/w7VjpeAvJb8/s320/PM+MS+1.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SuiM-Nc5LwI/AAAAAAAABHI/Kh0stYA-ELs/s1600-h/Sonia+Gandhi.jpg"&gt;&lt;img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5397719153794166530" style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; WIDTH: 133px; CURSOR: hand; HEIGHT: 89px; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://4.bp.blogspot.com/_wsID1Ge2VMw/SuiM-Nc5LwI/AAAAAAAABHI/Kh0stYA-ELs/s320/Sonia+Gandhi.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt; &lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;strong&gt;प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह,  कांग्रेस अध्यक्षा सोनियां गांधी और कांग्रेस  महासचिव और इससे भी बढकर गरीबों के हमदर्द राहुल गांधी&lt;/strong&gt; के नेतृत्व में एक स्वस्थ्य सिस्टम नहीं बना पाया तो आने वाले कई वर्षों तक बनना मुश्किल होगा। राहुल ग
