देश
के सिस्टम को चलाने वालों में मंत्री, अधिकारी और जजों की अह्म भूमिका है। लेकिन जब इन पदों पर बैठे कुछ लोग भ्रष्टाचार को अंजाम देते हैं तो वे करोड़ों गरीबों के हक को मार जाते हैं। सबसे बड़े अपराधी तो सत्ता में बैठे हुए वे लोग हैं जिन पर देश की रक्षा और विकास की जिम्मेदारी है लेकिन वे अपनी जिम्मेदारी को भूलकर गैरकानूनी कामों में लगे हुए हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ आवाज उठाना कोई मामूली बात नहीं है।
के सिस्टम को चलाने वालों में मंत्री, अधिकारी और जजों की अह्म भूमिका है। लेकिन जब इन पदों पर बैठे कुछ लोग भ्रष्टाचार को अंजाम देते हैं तो वे करोड़ों गरीबों के हक को मार जाते हैं। सबसे बड़े अपराधी तो सत्ता में बैठे हुए वे लोग हैं जिन पर देश की रक्षा और विकास की जिम्मेदारी है लेकिन वे अपनी जिम्मेदारी को भूलकर गैरकानूनी कामों में लगे हुए हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ आवाज उठाना कोई मामूली बात नहीं है। आज समाज सेवी अन्ना हजारे, स्वामी अग्निवेश और पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने
भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रमक होकर जन लोकपाल बिल बनाये जाने और जल्द से जल्द अमल में लाने की बात कही है। और आंदोलित हैं। उनके इस कदम से भले हीं भ्रष्ट मंत्री, जज और अधिकारियों में हडकंप हो लेकिन देश की जनता जोरदार स्वागत कर रही है। उनका कहना है कि कोई तो है जो देश के भ्रष्टाचारियों के खिलाफ लडने की हिम्मत तो दिखा रहा है। सभी लोगों का यही कहना है कि यदि सत्ता के टॉप पर बैठे भ्रष्ट और गैरकानूनी कामों में लगे लोगों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई होगी तभी जाकर अपराध और भ्रष्टाचार पर काबू पाया जा सकेगा।
भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रमक होकर जन लोकपाल बिल बनाये जाने और जल्द से जल्द अमल में लाने की बात कही है। और आंदोलित हैं। उनके इस कदम से भले हीं भ्रष्ट मंत्री, जज और अधिकारियों में हडकंप हो लेकिन देश की जनता जोरदार स्वागत कर रही है। उनका कहना है कि कोई तो है जो देश के भ्रष्टाचारियों के खिलाफ लडने की हिम्मत तो दिखा रहा है। सभी लोगों का यही कहना है कि यदि सत्ता के टॉप पर बैठे भ्रष्ट और गैरकानूनी कामों में लगे लोगों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई होगी तभी जाकर अपराध और भ्रष्टाचार पर काबू पाया जा सकेगा।देश के टॉप पद पर एक मंत्री होता है। उदाहरणार्थ किसी राज्य के एक मुख्यमंत्री को लें। मुख्यमंत्री जिले में पोस्टिंग के लिये किसी एसपी से एक करोड़ रूपया मांगता है। तो स्वाभाविक है कि एसपी एक करोड़ रूपये अपने घर से नहीं देगा। वह वसूली करेगा। इसके लिये विभिन्न थाने में पोस्टिंग उसी
इंस्पेक्टर का करेगा जो उन्हें हर महीने लाखो कमा कर देगा। इसके लिये इंस्पेक्टर फर्जी केस बनायेगा, दोषी से पैसा लेकर उसके खिलाफ कमजोर केस बनायेगा ताकि जमानत मिल जाये। निर्दोष और गरीब को छोटी सी बात पर बड़े केस में फंसाने की धमकी देगा। थाने में मारपीटाई की जायेगी। जो अमीर है वह पैसा देकर बचेगा और जो गरीब है वह इंस्पेक्टर को किसी तरह कर्ज लेकर पैसा देगा। फिर अपने कर्ज को चुकाने के लिये चोरी-डकैती करेगा। और इस तरह अपराध का सिलसिला चलता रहेगा।
इंस्पेक्टर का करेगा जो उन्हें हर महीने लाखो कमा कर देगा। इसके लिये इंस्पेक्टर फर्जी केस बनायेगा, दोषी से पैसा लेकर उसके खिलाफ कमजोर केस बनायेगा ताकि जमानत मिल जाये। निर्दोष और गरीब को छोटी सी बात पर बड़े केस में फंसाने की धमकी देगा। थाने में मारपीटाई की जायेगी। जो अमीर है वह पैसा देकर बचेगा और जो गरीब है वह इंस्पेक्टर को किसी तरह कर्ज लेकर पैसा देगा। फिर अपने कर्ज को चुकाने के लिये चोरी-डकैती करेगा। और इस तरह अपराध का सिलसिला चलता रहेगा। लेकिन यदि मुख्यमंत्री को यह डर हो किसी भी प्रकार से वह अपराध करता है और उसके खिलाफ पूरी कार्रवाई दो साल में पूरी होकर सजा हो सकती है, तो वे गैरकानूनी कामो से बचने की कोशिश करेगा और इस प्रकरा अपराध का चक्र धीमा पड जायेगा। अपराध में भारी कमी आयेगी। पिछले कई सालों से बडे पदो पर बैठे लोग अपराध को अंजाम देते आ रहे हैं लेकिन उन्हें सजा नहीं मिलती। ऐसे में समाजसेवी अन्ना हजारे, स्वामी अग्निवेश और पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी के ठोस पहल का जोरदार स्वागत होना स्वाभाविक है।

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